भारत में बढ़ रही है बंजर जमीन

मिट्टी का लगातार सूखना आने वाले समय में खेती के लिए परेशानी भरा हो सकता है

 
Last Updated: Thursday 08 June 2017

भारत की कृषि एक बार फिर खबरों में है। मध्यप्रदेश में फायरिंग से 6 किसानों की मौत और महाराष्ट्र में लोन माफी के लिए चल रहा किसानों का प्रदर्शन इस सप्ताह की बड़ी घटनाएं हैं। देश भर में इन घटनाओं की चर्चा हो रही है। ये घटनाएं भारतीय कृषि पर आए संकट के लक्षण हैं।

संकट के कई कारण हैं। हाल ही में सीएसई और डाउन टू अर्थ मैगजीन ने स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट 2017 रिपोर्ट प्रकाशित की है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जमीन लगातार बंजर होती जा रही है। यह भारतीय कृषि के लिए मूलभूत खतरा है।

रिपार्ट के मुताबिक, भारत की 30 प्रतिशत जमीन खराब या बंजर होने की कगार पर है। भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 328.72 मिलियन हेक्टेयर (एमएचए) है। इसमें 96.4 एमएचए बंजर हो गया है।  राजस्थान, दिल्ली, गोवा, महाराष्ट्र, झारखंड, नागालैंड, त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश में 40 से 70 प्रतिशत जमीन बंजर बनने वाली है। इसके अलावा 29 में 26  राज्यों में पिछले 10 साल के दौरान बंजर जमीन में इजाफा हुआ है।

Credit: Rajit Sengupta / Kiran Pandeyबंजर जमीन को ऐसी भूमि के रूप में परिभाषित किया जाता है जो सूख जाती है और क्षेत्र से नमी खत्म हो जाती है। यह क्षेत्र अपनी वॉटर बॉडीज को खो देता है। साथ ही वनस्पति और वन्यजीव भी नष्ट हो जाते हैं। बंजर जमीन कृषि कार्यों के लिए उपयोगी नहीं रहती। जमीन आमतौर पर पानी की कमी के कारण बंजर होती है। इस कारण ही देश की 10.98 प्रतिशत जमीन बंजर है।

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