Agriculture

बीटी बैंगन की फसल उखाड़कर जमीन में दबाई

प्रशासन का कहना है कि फसल के बीटी बैंगन होने की पुष्टि नहीं होने के कारण अभी किसान के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।  

 
Last Updated: Monday 20 May 2019

शील भारद्वाज 

हरियाणा के जिला फतेहाबाद में दो किसानों द्वारा बोई गई बीटी बैंगन की फसल शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में उजाड़ कर जमीन में दबा दी गई। हालांकि अधिकारियों ने इसके बीटी बैंगन होने से इंकार किया है।

बीटी फसल विरोधी अभियान की कार्यकर्ता द्वारा दिल्ली में कुछ रोज पहले इस मामले का खुलासा करने के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर जिले के सरकारी अधिकारी सक्रिय हो गए थे। जिला उपायुक्त द्वारा गठित कमेटी के सदस्य शुक्रवार को रतिया के उस खेत में पहुंचे जिसमें बीटी बैंगन की खेती की जा रही थी। अधिकारियों ने किसान जीवन सैनी और उनके परिजनों व पड़ोसी किसानों से फसल को जड़ समेत उखड़वाया और 10 फुट गहरे गड्ढे में दबवा दिया। अधिकारियों ने किसान को भविष्य में बैंगन या दूसरी कोई भी संदिग्ध किस्म की फसलों की बिजाई नहीं करने की सलाह दी। यह किसान सालभर से बैंगन की इस किस्म के बैंगन की खेती कर रहा था। जो फसल नष्ट की गई वह कम से कम एक साल पुरानी थी। किसान इस फसल से मिलने वाले उत्पादन को धड़ल्ले से बाजार में बेच रहा था।

हालांकि दविन्दर सिंह नामक किसान ने भी करीब आधा एकड़ जमीन में इसी किस्म के बैंगन की फसल उगाई थी, लेकिन दविन्दर ने इसके बीटी बैंगन होने और सरकार के संज्ञान में आने की जानकारी मिलते ही अपनी फसल को उजाड़कर नष्ट कर दिया था। सैनी के खेत में फसल खड़ी होने की जानकारी मिलने पर प्रशासन की टीम ने एक दिन खेत में जाकर फसल देखी। उसके बाद एक दिन टीम ने जाकर उपज के नमूने लिये और जाँच के लिए भेजे। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद तीसरे दौरे में शुक्रवार को फतेहाबाद के उपायुक्त धीरेन्द्र खड़गटा ने फसल को नष्ट करने के लिए टीम भेजी।

जिला बागवानी अधिकारी कुलदीप श्योराण की इस टीम में चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के बैंगन वैज्ञानिक भी शामिल थे। टीम ने फसल को उजाड़ने और जमीन में दबाने का सारा कार्य ड्यूटी मजिस्ट्रेट गोपीराम की देखरेख में करवाया। गोपीराम ने बताया कि सैनी के खेत में खड़ी जो फसल नष्ट की गई है, वो इसी सीजन की न होकर काम से कम एक साल पुरानी थी। जिससे साफ है कि किसान ने पिछले सीजन में भी उत्पादन लिया था।

उपायुक्त धीरेन्द्र ने बताया कि अभी इस फसल के बीटी बैंगन होने की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए फिलहाल किसान के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई भी नहीं की जा रही। मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। उच्च अधिकारियों ने किसी तरह की कानूनी कार्रवाई के लिए कहा तो की जाएगी।

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  • Govt. Should take these type of cases seriously as genetically modified vegetables are harmful.

    Posted by: Ashutosh | 4 months ago | Reply