बेमौसमी भारी बारिश से मध्यप्रदेश में खड़ी फसल को भारी नुकसान

17 अक्टूबर 2021 की शाम से मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो लगातार जारी है

By Rakesh Kumar Malviya

On: Monday 18 October 2021
 
मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश की वजह से खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। फोटो: राकेश कुमार मालवीय
मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश की वजह से खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। फोटो: राकेश कुमार मालवीय मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश की वजह से खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। फोटो: राकेश कुमार मालवीय

अब जबकि पंद्रह—बीस दिन बाद धान और सोयाबीन की फसल कटने को तैयार होने वाली है, बैमौसम बारिश ने किसानों को भारी संकट में डाल दिया है। खासकर धान की फसल में 30 से 35 प्रतिशत तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है अगले 24 से 48 घंटे तक बारिश और हो सकती है, इसलिए यह नुकसान और भी बढ़ सकता है।

मौसम विभाग के अनुसार 17-18 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार 24 घंटे के दौरान श्योपुर जिले के कराहल ब्लॉक में 31 सेंटीमीटर बारिश हुई है। भांडेर में 17, बड़ौदा में 16, नरवर में 15, भिंड में 14, सुसनेर, खिलचीपुर, श्यामपुर में 11, दतिया गुना, पोहरी, इछावर, डबरा, निवाड़ी में 10 सेमी, भितरवार, देपालपुर, चाचौड़ा विजयपुर, सारंगपुर और कोलारस में 9 सेमी बारिश दर्ज हुई है। गुना, रायसेन, बैतूल, विदिशा, होशंगाबाद, बुरहानपुर, खंडवा के इलाकों में भी बारिश हुई है।

रायसेन के सलामतपुर के किसान मोहम्मद हसन खान ने डाउन टू अर्थ को बताया कि रविवार शाम से सोमवार सुबह तक लगातार तेज बारिश ने किसानों के सपनों पर बिजली गिरा दी है। अब जबकि धान की फसल पकने को है, तो इससे पूरी फसल आड़ी हो गई है। इससे उसकी कटाई करने में दिक्कत होगी, उनके इलाके में चालीस प्रतिशत तक का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

होशंगाबाद जिले के किसान और सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सामले ने बताया कि जिले में बारिश से खड़ी फसल पर पानी गिरा है, इस अवस्था में पानी पड़ने से पौधा आड़ा हो जाता है, इससे धान की बालियों को पोषण मिलना कम हो जाता है और दाना एक तरह से कुपोषण का शिकार हो जाता है, इसके साथ ही उसकी कटाई में भी दिक्कत हो जाती है। जिले में भारी नुकसान होने की आशंका है।

भोपाल जिले में बीते चौबीस घंटों में दो इंच बारिश होने से धान की फसल चौपट हो गई है। भैंरोपुर गांव के किसान हरिओम मीणा ने डाउन टू अर्थ के साथ कुछ वीडियो साझा किए हैं, जिसमें पूरे खेत में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है, और धान आड़ी पड़ गई है। उन्होंने बताया कि आसपास के पूरे क्षेत्र के खेतों की हालत यही है। हरिओम मीणा चिंतित हैं कि उन्होंने धान की फसल में भारी लागत लगाई है, अभी जबकि फसल कटी नहीं है तब तक एक एकड़ में 24 से 27 हजार रुपए लागत लग चुकी है, कटाई में भी 5500 से 6000 रुपए प्रति एकड़ और खर्च होंगे, अब तो लागत निकलना भी मुश्किल लग रहा है।

शिवपुरी जिले के पोहरी ब्लॉक के जाखनौद गांव के किसान अजय यादव ने डाउन टू अर्थ को बताया​ कि बैमौसम बारिश और अतिबारिश ने इस साल खरीफ की फसल को चौपट कर दिया है। सितम्बर माह में हुई भारी बारिश के बाद जो फसल बची हुई थी, उसे अक्टूबर की बारिश ने पूरी तरह निपटा दिया है, अब खेतों में केवल 25 प्रतिशत फसल ही बची है।

कराहल ब्लॉक के टपरिया गांव के किसान अरविंद यादव ने बताया कि हमारे क्षेत्र में कुछ नहीं बचा है। भारी बारिश ने सब बर्बाद कर दिया। अरविंद ने खरीफ फसल के लिए चालीस हजार रुपए कर्ज लेकर फसल में लगाए थे, अब उनकी चिंता इस बात की है कि यह कर्ज वह कैसे चुकाएंगे।

मौसम केन्द्र भोपाल के वैज्ञानिक पीके साहा ने बताया कि बीते चौबीस घंटों में श्योपुर, गुना, शिवपुरी, कराहल, भोपाल, होशंगाबाद, रायसेन, विदिशा, बुरहानपुर क्षेत्र में भारी बारिश हुई है। अगले चौबीस घंटो में और बारिश होने का पूर्वानुमान है।