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उत्तर प्रदेश में टिड्डी दल का आतंक, प्रयागराज के बाद चित्रकूट पहुंचा

जहां-जहां अभी फसलें नहीं लगी हैं, वहां टिड्डियां पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा रही हैं। इन टिड्डियों ने प्रयागराज में आम के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया

By Ranvijay Singh

On: Friday 12 June 2020
 
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में एक पौधे को चट करती टिड्डियां। फोटो: रणविजय सिंह
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में एक पौधे को चट करती टिड्डियां। फोटो: रणविजय सिंह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर में एक पौधे को चट करती टिड्डियां। फोटो: रणविजय सिंह


उत्‍तर प्रदेश के प्रयागराज में ट‍िड्डी दल ने आम और यूकेल‍िप्‍टस के पेड़ों को नुकसान पहुंचाया है। अब यह दल चित्रकूट की ओर बढ़ रहा है। 12 जून शाम तक स्‍थ‍ित‍ि साफ होगी कि टिड्डी दल चित्रकूट में कहां पड़ाव डालेगा।

प्रयागराज के कृष‍ि अध‍िकारी अश्‍विनी कुमार सिंह बताते हैं, ''टिड्डी दल 11 जून की सुबह प्रयागराज शहर में आया था। यह दल शहर के रामबाग, सिविल लाइंस, कटरा, चौक, खुल्दाबाद, कसारी-मसारी, नखास कोहना, बेनीगंज, कालिंदीपुरम, टैगोर टाउन, जार्जटाउन, अल्लापुर, बैरहना, कीडगंज के इलाके में कई घंटों तक मंडराता रहा। बाद में टिड्डी दल कौशांबी के नेवादा ब्लाक क्षेत्र के गांवों से होते हुए चित्रकूट के बरगड़ के जंगल में जा पहुंचा। आज शाम तक स्‍थ‍िति साफ होगी कि दल कहां अपना पड़ाव डालेगा।''

ट‍िड्डी दल दिन में उड़ान भरते हैं और रात में एक जगह बैठ जाते हैं। दिन में उड़ान भरने के दौरान वो कई जगह रुकते भी हैं। यह दल जहां भी रुकता है वहां के पेड़-पौधों की पत्‍त‍ियों और फसलों को नुकसान पहुंचाता है। कृष‍ि अध‍िकारी अश्‍विनी कुमार सिंह बताते हैं, ''प्रयागराज क्षेत्र में ट‍िड्डी दल ने करीब 40-50 आम के पेड़, 90 से 100 यूकेलिप्‍टस के पेड़ और 4-5 पीपल के पेड़ को नुकसान पहुंचाया है। 11 जून की शाम को टिड्डी दल जब चित्रकूट की ओर बढ़ रहा था तो इसमें से एक दल भटककर शंकरगढ़ के जेनुआ गांव में रुक गया। हमारी टीम ने रात को इन्‍हें खत्‍म कर दिया।''

प्रयागराज के ही रहने वाले सूर्य प्रकाश बताते हैं कि ''सुबह 11 बजे के करीब टिड्डी दल पहुंचा था। ऐसा नजारा हमने पहले कभी नहीं देखा। टिड्डियों ने छतों पर लगे पौधे और पेड़ों की पत्‍त‍ियों को नुकसान पहुंचाया है। कुछ घंटों बाद यह दल आगे बढ़ गया।'' इसके अलावा ट‍िड्डी दल ने सब्‍जी और फलों की खेती को भी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि कृष‍ि अध‍िकारी का कहना है कि टिड्डी दल का फसलों पर ज्‍यादा असर नहीं हुआ है क्‍योंकि इस वक्‍त कोई फसल नहीं लगी थी।

चित्रकूट से सतना जा सकता है ट‍िड्डी दल
कृष‍ि अध‍िकारी अश्‍विनी कुमार कहते हैं, ''हमारे पास आज सुबह तक का अपडेट है कि टिड्डी दल चित्रकूट के बरगड़ के जंगल में था। यहां से उड़ने के बाद यह दल चित्रकूट के अन्‍य इलाके होते हुए सतना जा सकते हैं। टिड्डी दल ज‍िस ओर की हवा होती है उस हिसाब से उड़ान भरते हैं। ऐसे में कुछ भी साफ तौर पर कहना सही नहीं होगा। आज शाम को अंधेरा होने के बाद इनकी ठीक स्‍थ‍िति पता चलेगी।''  

भदोही जाते-जाते रह गया टिड्डी दल
इससे पहले अनुमान था कि प्रयागराज से पहले टिड्डी दल भदोही पहुंचेगा। इसे लेकर भदोही के कृष‍ि अध‍िकारी अशोक कुमार प्रजापति ने पूरी तैयारी भी कर रखी थी। अशोक कुमार बताते हैं, ''हमने गांवों में जाकर लोगों को सचेत किया था, साथ ही टिड्डी दल को भगाने के तरीके भी उन्‍हें बताए थे। वहीं, प्रशासन भी टिड्डी दल को नष्‍ट करने के लिए पूरी तरह तैयार था, लेकिन टिड्डी दल ने प्रयागराज का रुख कर लिया और भदोही में नहीं आया। यह हमारे क्षेत्र के लिए अच्‍छा रहा है।