Climate Change

ग्रेटा ने दुनिया भर के हुक्मरानों को चेतावनी दी, माफ नहीं करेगी युवा पीढ़ी

16 साल की ग्रेटा थुनबर्ग ने दुनिया भर के नेताओं से पूछा, आपने जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की? 

 
By Anil Ashwani Sharma
Last Updated: Tuesday 24 September 2019
संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन एक्शन समिट को संबोधित करती 16 साल की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग
संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन एक्शन समिट को संबोधित करती 16 साल की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन एक्शन समिट को संबोधित करती 16 साल की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग

सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन कार्रवाई समिट की शुरूआत में ही जलवायु कार्यकर्ता के रूप में विश्व भर में अपनी पहचान बनाने वाली 16 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग ने सीधे दुनिया भर के नेताओं को चेतावनी दे डाली कि यदि आपने जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए ठोस निर्णय नहीं लिया तो विश्व भर के युवाओं के साथ धोखा होगा और वे कभी भी आपको माफ नहीं करेंगे।

समिट को संबोधित करते हुए ग्रेटा ने विश्व भर के नेताओं की कटु आलोचना की और बार-बार कहा कि आपकी अब तक हिम्मत कैसे हुई कि आप सभी ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। वास्तव में आप सभी आज भी पूरी तरह से पर्याप्त परिपक्व नहीं हुए हैं। अब भी आप सभी के कार्य यह बताते हैं कि आप अभी अपरिक्व हैं।

अपने भाषण में बार-बार का वह न केवल गुस्से से उत्तेजित होती रही, बल्कि उनकी आंखों में आंसू भी आए। ग्रेटा के भाषण को संयुक्त राष्ट संघ के महासचिव ने अपनी कुर्सी से काफी झुक कर ध्यान से उसके कहे एक-एक शब्द सुन और उसकी कही बातों में अपनी सहमति में सिर हिला रहे थे।

ग्रेटा ने अपने भाषण में कहा कि आप लोगों को यह सोचना चाहिए कि भविष्य की पीढ़ियों की नजर आप पर है और आप हैं कि हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। वे चेतावनी भरे लहजे में कहती हैं कि अगर आप हमें असफल करना चाहते हैं, तो मैं कहती हूं, हम  सभी आप  सभी को जीवन पर्यंत माफ नहीं करने वाले। वह आगे कहती हैं कि आप हमें असफल कर रहे हैं लेकिन हम युवा लोग आपके विश्वासघात को अब समझने लगे हैं।

ग्र्रेटा ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ में दुनियाभर की सरकारों के प्रमुखों, व्यापार जगत के नेताओं और दुनिया भर के नागरिक समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को संबोधित कर रही थीं। दिन भर चले कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन को मात देने के लिए विश्व के कई देशों ने अनेक दूरगामी कदमों को उठाने का वादा किया। ग्रेटा ने अपने भाषण के दौरान कई देशों के नेताओं को बुरी तरह से झकझोर दिया।

उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि दुनियाभर के नेताओं को अब इस विषय पर गहन विचार विमर्श कर इसका त्वरित हल निकालना होगा। ग्रेटा ने कहा आप सभी लोगों ने मिलकर दुनियाभर के बच्चों का बचपन नर्क बना दिया है जहां दुनियाभर के जल स्त्रोत, हवा और जमीन सभी प्रदूषित हो चुके हैं। उन्होंने कहा बचपन तो छिना ही साथ ही हमारे सपनों को समय से पहले ही रौंद दिया।

उन्होंने भाषण में कहा कि वास्तव में अनगिनत बच्चों के सपनों को आप सभी ने अपने लुभावने वायदे से कुचल डाला। आप लोगों की करनी की ही देन है कि आज पूरी दुनिया की परिस्थितिकी खत्म हो चली है। उन्होंने विश्व के नेताओं पर कुछ न करने का आरोप लगाया। अपने संबोधन के दौरान ग्रेटा कई बार भावुक और गुस्ते से तिलमिलाती नजर आईं और ऐसी स्थिति में वह कुछ देर के लिए रूक भी कईं और फिर पूरे आवेश के साथ बोलीं, आपने हम सब युवाओं को असफल कर दिया हैं। हम सबकी आंखें आप लोगों पर हैं और अगर आपने हमें फिर से असफल किया तो हम आपको कभी माफ नहीं पाएंगे। आपको यहां के सम्मेलन में इसी वक्त इस बात के लिए निर्णय लेना होगा। दुनिया अब पूरी तरह से जाग चुकी है और चीजें बदलने वाली हैं, चाहे आपको यह अच्छा लगे या फिर न लगे।

समिति को जब ग्रेटा ने बोलना शुरू किया तो संयुक्त राष्ट्र के महासचिव सहित विश्व भर के नेताओं को अंदाजा नहीं था कि यह युवा बच्ची अपने सवालों से सभी की बोलती बंद कर देगी और किसी के पास उसके सवालों का जवाब नहीं होगा। ग्रेटा के भाषण को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव सहित कई नेताओं ने प्रशंसा की।

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