आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लगाया जा सकता है बिजली गिरने का बेहतर पूर्वानुमान

यह नई तकनीक उन जगहों पर जहां बिजली गिरने की बहुत अधिक घटनाएं होती हैं वहां लगभग दो दिन पहले बिजली गिरने का पूर्वानुमान लगाने में सक्षम है।

By Dayanidhi

On: Tuesday 14 December 2021
 
फोटो : विकिमीडिया कॉमन्स

बिजली गिरने या वज्रपात प्रकृति की सबसे विनाशकारी ताकतों में से एक है। बिजली गिरने से दुनिया भर में हर साल बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान होता है। लेकिन इसका पूर्वानुमान लगाना बहुत कठिन है। वाशिंगटन विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए एक नए अध्ययन से पता चलता है कि मशीन लर्निंग- कंप्यूटर एल्गोरिदम जो लोगों द्वारा प्रत्यक्ष प्रोग्रामिंग के बिना खुद को बेहतर बनाते हैं, इसका उपयोग बिजली गिरने के बेहतर पूर्वानुमान लगाने के लिए किया जा सकता है।

अक्सर बिना बारिश के बिजली गिरने से जंगलों में आग लग जाती है। इस तकनीक को बिजली गिरने से जंगल में आग लगने के बेहतर पूर्वानुमान लगाने के लिए तैयार किया जा सकता है। बिजली गिरने के लिए सुरक्षा चेतावनियों में सुधार करने और अधिक सटीक लंबी दूरी के जलवायु मॉडल बनाने में मदद कर सकते हैं।  

वायुमंडलीय विज्ञान के एक यूडब्ल्यू सहयोगी प्रोफेसर डेह्युन किम ने कहा कि मशीन लर्निंग के लिए सबसे अच्छे विषय वे चीजें हैं जिन्हें हम पूरी तरह से नहीं समझते हैं। वायुमंडलीय विज्ञान के क्षेत्र में ऐसा क्या है जिसे हम सही से समझ नहीं सकते है? वह है बिजली गिरना। हमारी जानकारी के लिए, हमारा काम यह प्रदर्शित करने वाला पहला काम है कि मशीन लर्निंग एल्गोरिदम बिजली गिरने के पूर्वानुमान लगाने का काम कर सकता है।

नई तकनीक पिछले बिजली गिरने की घटनाओं के विश्लेषण के आधार पर मशीन लर्निंग समीकरण के साथ मौसम के पूर्वानुमान को जोड़ती है। अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन की फॉल मीटिंग में 13 दिसंबर को प्रस्तुत हाइब्रिड विधि, प्रमुख मौजूदा तकनीक की तुलना में दो दिन पहले बिजली गिरने का अनुमान लगा सकती है।

वायुमंडलीय विज्ञान के वेई-यी चेंग ने कहा यह दर्शाता है कि खतरनाक मौसम प्रणालियों के पूर्वानुमान, जैसे कि थंडरस्टॉर्म आने के बारे में, मशीन लर्निंग के तरीकों का उपयोग करके सुधार किया जा सकता है। यह मशीन की खोज को प्रोत्साहित करता है। अन्य प्रकार के गंभीर मौसम के पूर्वानुमानों को मशीन लर्निंग में शामिल किया जा सकता है जिनमें बवंडर या ओलावृष्टि आदि हैं। 

शोधकर्ताओं ने 2010 से 2016 तक बिजली गिरने के आंकड़ों के साथ प्रणाली को प्रशिक्षित किया, जिससे कंप्यूटर को मौसम के बदलने और बिजली गिरने के बीच संबंधों की खोज करने में मदद मिली। फिर उन्होंने 2017 से 2019 तक मौसम पर तकनीक का परीक्षण किया गया, एआई-समर्थित तकनीक और मौजूदा भौतिकी-आधारित पद्धति की तुलना करते हुए, दोनों का मूल्यांकन करने के लिए वास्तविक बिजली गिरने संबंधी जानकारी का उपयोग किया गया।

नई विधि दक्षिणपूर्वी अमेरिका जैसे स्थानों में अग्रणी तकनीक की तुलना में लगभग दो दिन पहले बिजली गिरने की भविष्यवाणी करने में सक्षम थी, जहां बहुत अधिक बिजली गिरती है। चूंकि इस पद्धति को पूरे अमेरिका पर प्रशिक्षित किया गया था, इसलिए इसका प्रदर्शन उन जगहों के लिए सटीक नहीं था जहां बिजली कम गिरती है।

यह तकनीक वर्षा की मात्रा और तूफानी बादलों की गति के आधार पर बिजली गिरने की भविष्यवाणी करने के लिए हाल ही में विकसित की गई थी। उस पद्धति ने जलवायु परिवर्तन के चलते और अधिक बिजली गिरने और आर्कटिक पर बिजली की निरंतर वृद्धि का अनुमान लगाया है।

किम ने कहा मौजूदा तरीका सिर्फ दो बदलावों को गुणा करता है। यह मानव के विचार से आता है, यह आसान है। लेकिन बिजली गिरने की भविष्यवाणी करने के लिए इन दो बदलावों का उपयोग करने का यह सबसे अच्छा तरीका नहीं है।

मशीन लर्निंग को वर्ल्ड वाइड लाइटनिंग लोकेशन नेटवर्क से बिजली के अवलोकन पर प्रशिक्षित किया गया था, जो यूडब्ल्यू पर आधारित एक सहयोगी है जिसने 2008 से दुनिया भर में बिजली गिरने को घटनाओं को ट्रैक किया है।

किम ने कहा कि मशीन लर्निंग के लिए बहुत अधिक आंकड़ों की आवश्यकता होती है, यह कुछ मूल्यवान चीजें करने के लिए मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के लिए आवश्यक शर्तों में से एक है। पांच साल पहले, यह संभव नहीं होता था क्योंकि हमारे पास डब्ल्यूडब्ल्यूएलएलएन से भी पर्याप्त आंकड़े नहीं थे।

बिजली गिरने की निगरानी के लिए उपकरणों के व्यावसायिक नेटवर्क अब दुनिया के कुछ देशों तथा अमेरिका में मौजूद हैं। नए भूस्थिर उपग्रह अंतरिक्ष से लगातार एक क्षेत्र की निगरानी कर सकते हैं और अधिक मशीन लर्निंग को संभव बनाने के लिए सटीक बिजली गिरने की घटनाओं के आंकड़े की आपूर्ति कर सकते हैं।

चेंग ने कहा मुख्य कारक आंकड़ों की मात्रा और गुणवत्ता हैं, जो वास्तव में डब्ल्यूडब्ल्यूएलएलएन हमें प्रदान कर सकता है। जैसे-जैसे मशीन लर्निंग तकनीक आगे बढ़ती है, सटीक और विश्वसनीय लाइटनिंग ऑब्जर्वेशन डेटासेट होना महत्वपूर्ण है।

शोधकर्ता अधिक आंकड़ों के स्रोतों, मौसम में होने वाले अधिक बदलाओं और अधिक उन्नत तकनीकों का उपयोग करके अपनी पद्धति में सुधार करने की उम्मीद करते हैं। वे विशेष परिस्थितियों का पूर्वानुमान में सुधार करना चाहते हैं जैसे कि शुष्क बिजली या बिना बारिश के बिजली गिरना, क्योंकि ये जंगल की आग के लिए खतरनाक हैं।

शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि उनकी पद्धति को लंबी दूरी के अनुमानों पर भी लागू किया जा सकता है। लंबी दूरी के रुझान आंशिक रूप से महत्वपूर्ण हैं क्योंकि बिजली गिरने से वायु रसायन विज्ञान को प्रभावित करती है, इसलिए बिजली गिरने के पूर्वानुमान लगाने से बेहतर जलवायु मॉडल बनते हैं।

किम ने कहा वायुमंडलीय विज्ञान में, अन्य विज्ञानों की तरह, कुछ लोग अभी भी मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के उपयोग के बारे में संशय में हैं। क्योंकि वैज्ञानिकों के रूप में, हम किसी ऐसी चीज़ पर भरोसा नहीं करते हैं जिसे हम नहीं समझते हैं। किम ने आगे कहा मैं संशयवादियों में से एक था, लेकिन एक और अध्ययनों में परिणाम देखने के बाद, मैं आश्वस्त हूं। 

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