कॉप-26: नासा ने दुनिया भर में धरती के ऊपर के बायोमास का मूल्यांकन किया जारी

एमएएपी का प्रयोग पृथ्वी में जंगलों के आकार और कार्बन से संबंधित सामग्री को निर्धारित करने में मदद करने के लिए जमीन के ऊपर बायोमास पर आधारित है।

By Dayanidhi

On: Wednesday 03 November 2021
 
कॉप-26: नासा ने दुनिया भर में धरती के ऊपर के बायोमास का मूल्यांकन किया जारी
 फोटो :नासा फोटो :नासा

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) और नासा ने दुनिया भर में सार्वजनिक रूप से जमीन के ऊपर के बायोमास का पहला मूल्यांकन जारी किया है। वह एक ऐसी जानकारी है जो दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।

मल्टी-मिशन एल्गोरिथम एंड एनालिसिस प्लेटफॉर्म (एमएएपी) नासा और ईएसए अर्थ ऑब्जर्वेशन डेटा दोनों से जमीन के ऊपर बायोमास की जानकारी तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। नासा के मुताबिक यह क्रांतिकारी उपकरण अब पूरी तरह से काम कर रहा है और इस तक ऑनलाइन पहुंचा जा सकता है।

यहां बताते चलें कि बायोमास किसी दिए गए क्षेत्र या आयतन में पेड़-पौधों तथा जीवों का कुल द्रव्यमान होता है। बायोमास पेड़-पौधों या जीवों से संबंधित सामग्री है जिसका उपयोग बिजली या गर्मी पैदा करने के लिए ईंधन के रूप में किया जाता है। उदाहरण के लिए लकड़ी, ऊर्जा फसलें, जंगल, खेतों से निकलने वाला कचरा आदि इसमें शामिल है।

एमएएपी नासा और ईएसए के दो सालों के गहन प्रयास का परिणाम है। यह ईएसए और नासा के संयुक्त कार्यक्रम और योजना है। 

मल्टी-मिशन एल्गोरिथम एंड एनालिसिस प्लेटफॉर्म (एमएएपी) का प्रारंभिक प्रयोग पृथ्वी में जंगलों के आकार और कार्बन से संबंधित सामग्री को निर्धारित करने में मदद करने के लिए जमीन के ऊपर बायोमास पर केंद्रित है। जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल (आईपीसीसी) के नियमित अपडेट सहित, जलवायु परिवर्तन की हमारी समझ और पूर्वानुमान लगाने के लिए ये आंकड़े महत्वपूर्ण हैं।

एमएएपी प्लेटफॉर्म अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को एल्गोरिदम और कोड विकसित करने के साथ-साथ उपग्रह उपकरणों, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन और हवाई और जमीनी अभियानों सहित स्रोतों से प्राप्त बड़े डेटा सेट का विश्लेषण और अनुमान लगाने में सक्षम बनाता है। एमएएपी के लिए आवश्यक आंकड़े एक साझा कोड रिपॉजिटरी और कैटलॉग के साथ, क्लाउड में संग्रहीत और प्रबंधित किए जाते हैं। एमएएपी की क्षमताएं ईएसए और नासा के बीच साझा की जाती हैं।

ईएसए के बायोमास के आंकड़ों के गुणवत्ता प्रबंधक क्लेमेंट एल्बिनेट ने कहा कि बायोमास ओपन-सोर्स एल्गोरिदम के साथ पहला ईएसए मिशन है। यह सभी स्रोत कोड, परीक्षण डेटा और सभी दस्तावेजों तक पहुंचने में सफल होगा और बायोमास उत्पादों के सुधार के लिए एक सहयोगी की तरह मदद करेगा। एमएएपी वैज्ञानिकों को वैश्विक स्तर पर बड़े डेटा सेट के साथ आसानी से काम करने में मदद करता है।

जबकि यह बायोमास एमएएपी का पहला प्रयोग है, इसे नासा, ईएसए और इसी तरह की शोध एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध साइंटिफिक डेटा और वैज्ञानिक विषयों की अधिक जानकारी के लिए आसानी से इसमें बदलाव किए जा सकते हैं। एमएएपी के डैशबोर्ड तक पहुंचने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं

एमएएपी में वर्तमान में नासा के ग्लोबल इकोसिस्टम डायनेमिक्स इन्वेस्टिगेशन (जईडीआई) और संयुक्त रूप से नासा/ईएसए अफ्रीसार अभियान जैसे मिशनों के आंकड़े शामिल है। नासा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन एसएआर (एनआईएसएआर) जैसे आगामी ईएसए का बायोमास मिशन मिशनों के आंकड़ो को जमा करने में मदद करेगा।

नासा के अनुसार कई मौजूदा परियोजनाएं 2020 के लिए महाद्वीपीय से वैश्विक बायोमास मानचित्रों का निर्माण कर रही हैं, उदाहरण के लिए ईएसए की जलवायु परिवर्तन पहल आईओमास और जेपीएस वैश्विक मानचित्र, दोनों 100 मीटर, साथ ही नासा के जीईडीआई के 1 किमी मानचित्र आदि इसमें शामिल हैं। दुनिया भर में पृथ्वी के बायोमास का अवलोकन करने तथा उन उत्पादों के बीच विसंगतियों को हल करने और नीति के आधार पर, क्षेत्राधिकार के स्तर के पैमाने पर बायोमास और अनिश्चितता के सामंजस्यपूर्ण अनुमानों का उत्पादन करने के उद्देश्य से एमएएपी पर अभ्यास किया जा रहा है।