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समुद्रों के बढ़ते तापमान की वजह से 2060 तक चिनूक सैल्मन मछली हो सकती है गायब

 बढ़ता तापमान और बांधों के कारण आज पलायन करने वाली चिनूक सैल्मन मछली के जिंदा रहने के अवसर केवल 50 फीसदी रह गए हैं।

By Dayanidhi

On: Monday 22 February 2021
 
Chinook salmon fish may disappear by 2060 due to rising sea temperature
Photo : Wikimedia Commons, Chinook salmon Photo : Wikimedia Commons, Chinook salmon

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि स्नेक रिवर चिनूक के जीवन को बचाने के लिए सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह मछली सन 2060 तक विलुप्त हो जाएगी। चिनूक सैल्मन प्रशांत सैल्मन की सबसे बड़ी प्रजाति होने के साथ-साथ जीनस ओंकोरहाइन्चस में सबसे बड़ी प्रजाति है। इसका सामान्य नाम चिनूकन लोगों से लिया गया है।

सैल्मन मछली नदियों में अण्डे देते हैं तथा उनके बच्चे अण्डों से यहीं निकलते हैं, लेकिन ये परिपक्व समुद्र में होते हैं। यह एक खतरनाक जीवन चक्र है जो कुछ समय पहले से ही नाजुक सैल्मन आबादी के जीने लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है, जो इनकी यात्रा के दौर में सबसे कठिन में से एक है। वे 1,800 मील से अधिक की यात्रा करते हैं, ऊंचाई में एक मील से अधिक चढ़ते हैं, और आठ बांधों से निपटते हैं, जिनमें मुख्य रूप से स्टेम कोलंबिया पर चार और लोअर स्नेक नदी पर बने चार बांध शामिल हैं।

समुद्र का थोड़ा तापमान बढ़ने से सभी आठ बेसिन चिनूक आबादी में गिरावट आई है। वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि समुद्र की सतह के तापमान में केवल 1 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान में वृद्धि से गंभीर प्रभाव उत्पन्न हुए हैं, गर्म समुद्रों में मृत्यु दर 90 फीसदी तक बढ़ गई है।

सिएटल में नेशनल ओशियानिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के नॉर्थवेस्ट फिशरीज साइंस सेंटर में फिश इकोलॉजी डिविजन के प्रमुख रिचर्ड ज़ाबेल ने कहा कि निष्कर्षों पर तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता है। ज़ाबेल ने कहा बांधों को तोड़े जाने से सम्बंधित सभी विकल्पों को सामने रखा जाना चाहिए।

यह वही सैल्मन आबादी थी जिसे बचाने के लिए इदाहो के रिपब्लिकन यूएस रेपियर माइक सिम्पसन ने हाल ही में 30 बिलियन डॉलर की योजना बनाई थी, जिसे उन्होंने एक राष्ट्रीय अवसंरचना पैकेज के हिस्से के रूप में प्रस्तावित किया था, जिसे साल के अंत में कांग्रेस में पेश किए जाने की उम्मीद थी।

सिम्पसन ने उत्तर-पश्चिम में ऊर्जा, परिवहन और पनबिजली को फिर से आकार देने के लिए एक मल्टीट्रिलियन-डॉलर बिल के उत्तर-पश्चिमी हिस्से पर लागू किया। उन्होंने स्नेक रिवर सैल्मन को बचाने के लिए सभी चार लोअर स्नेक नदी बांधों को तोड़ने का भी आह्वान किया।

वैज्ञानिकों ने यह नहीं बताया कि क्या लोअर स्नेक पर बांध हटाने से मछली को बचाने में  मदद मिलेगी। लेकिन बहाली के प्रयासों से दूर होने से, वैज्ञानिकों ने दोनों समुद्री और ताजा पानी के वातावरण में हस्तक्षेप करने की सख्त जरूरत बताई।

स्नेक रिवर सैल्मन को लेकर बर्क ने कहा, भले ही उनके नदी में जीवित रहने के मोके 100 फीसदी हो, उनको तब तक नहीं बचाया जा सकता है जब तक कि हम समुद्र के बारे में कुछ नहीं करते हैं। बर्क ने कहा समुद्र में बहुत कुछ किया जा सकता है। सबसे पहले यह जानना कि समुद्र में पहुंचने के बाद सैल्मन का क्या होता है, इसे समझने के लिए अधिक और बेहतर निगरानी की आवश्यकता है। इन सैल्मन पर निर्भर शिकार का अध्ययन करने के लिए शोध की आवश्यकता है। सैल्मन को खाने वाले शिकारियों के व्यवहार के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है।

वैज्ञानिकों ने जंगली स्नेक रिवर बेसिन चिनूक पर ध्यान केंद्रित किया, क्षेत्र में इसके सभी प्रजातियां समुद्र की सतह के तापमान के गर्म होने से काफी हद तक प्रभावित हो सकती हैं।

बांधों के कारण आज कोलंबिया से पलायन करने वाली सैल्मन के जिंदा रहने के मौके लगभग 50 फीसदी है। वैज्ञानिकों ने कहा कि स्नेक रिवर सैल्मन के लंबे समय तक जीने के लिए सबसे अच्छा तरीका लोअर स्नेक बांध को हटाना है।

लोअर स्नेक पर बने बांध को हटाने को लेकर दशकों से संघीय अदालत की लड़ाई चल रही है। हाल ही में एक संघीय पर्यावरण अध्ययन में पाया गया कि कोलंबिया के स्नेक बांध के संचालन से सैल्मन कोई नुकसान नहीं हुआ है, एक बार फिर इसे अदालत में चुनौती दी गई है। यह शोध जर्नल कम्यूनिकेशन बायोलॉजी में प्रकाशित हुआ है।

नॉर्थवेस्ट फिशरीज साइंस सेंटर के एक शोध पारिस्थितिकी विज्ञानी और शोधकर्ता लिसा क्रोज़ियर ने कहा, सैल्मन के अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए उनके निवास स्थान में सुधार भी मनुष्यों सहित अन्य प्रजातियों को लाभ पहुंचाएगा।

समुद्र के किनारे, मुहाने और बाढ़ वाले नीचले क्षेत्रों (फ्लडप्लेन) में सुधार सैल्मन को बचाने में मदद करने के साथ-साथ तूफान, बाढ़ और जलवायु परिवर्तन के अन्य प्रभावों से बचने, कम करने में मदद करेगा।