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2021 में रिकॉर्ड किया गया इतिहास का नौवां सबसे गर्म अप्रैल

एनओएए द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2021 का तापमान 20वीं सदी के औसत से 0.79 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था

By Lalit Maurya

On: Monday 17 May 2021
 

इतिहास का नौवां सबसे गर्म अप्रैल, 2021 में रिकॉर्ड किया गया है| एनओएए के नेशनल सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल इंफॉर्मेशन (एनसीईआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2021 में तापमान 20वीं सदी के औसत से 0.79 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था| गौरतलब है कि 20वीं सदी का औसत तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था|

हालांकि इसके बावजूद अप्रैल 2021 में तापमान 2013 के बाद से सबसे कम रिकॉर्ड किया गया था| इसके लिए पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में ला नीना की घटना को जिम्मेवार माना जा रहा है| यही नहीं यूरोपियन कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के अनुसार इस वर्ष 2003 के बाद से यूरोप में अप्रैल का तापमान सबसे कम था| रिकॉर्ड के मुताबिक जहां 2016 में अप्रैल महीन का तापमान सबसे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया था, जो औसत से 1.12 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था| इससे पहले दिसंबर 1984 में अप्रैल का तापमान औसत से नीचे पाया गया था उसके बाद से तापमान में वृद्धि ही दर्ज की गई है|

आंकड़ों के अनुसार दुनिया के अधिकांश हिस्सों में तापमान औसत से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है| वहीं पूर्वी कनाडा, दक्षिण अमेरिका के दक्षिणी हिस्सों, दक्षिणी अफ्रीका, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी एशिया में तापमान औसत से 2.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया है| वहीं दूसरी तरफ उत्तरी अमेरिका, मध्य यूरोप, मध्य एशिया के कुछ हिस्सों, ऑस्ट्रेलिया, मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर और दक्षिणी महासागरों के अधिकांश हिस्सों में औसत से अधिक ठंडा तापमान रिकॉर्ड किया गया है|

यदि क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो अफ्रीका में चौथा और दक्षिण अमेरिका में सातवां सबसे गर्म अप्रैल था| वहीं यूरोप में इस महीने तापमान अप्रैल 2003 के बाद सबसे ज्यादा ठंडा था| वहीं कई यूरोपीय देशों में 20 वर्षों में पहली बार इतना ठंडा अप्रैल रिकॉर्ड किया गया है| एशिया के लिए अप्रैल 2021 अब तक का 12 वां सबसे गर्म अप्रैल था| वहीं न्यूज़ीलैंड में रिकॉर्ड का चौथा सबसे गर्म अप्रैल रिकॉर्ड किया गया है|

0.77 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया जनवरी से अप्रैल का औसत तापमान

यदि जनवरी से अप्रैल के बीच का औसत तापमान देखें तो वो 20वीं सदी के औसत से 0.77 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था, जोकि उसे 142 वर्षों के इतिहास का आठवां सबसे गर्म वर्ष बनाते हैं| वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2021 इतिहास के 10 सबसे गर्म वर्षों में से एक होगा| वहीं 4 फीसदी से भी कम सम्भावना है कि यह पांच सबसे गर्म वर्षों में से एक हो सकता है|

यदि क्षेत्रीय स्तर पर देखें जनवरी से अप्रैल के बीच इस साल जो तापमान रिकॉर्ड किया गया है वो अफ्रीका में अब तक का तीसरा और दक्षिण अमेरिका में दसवां सबसे ज्यादा तापमान है| ओशिनिया और यूरोप में क्रमशः 2012 और 2013 के बाद सबसे छोटी जनवरी-अप्रैल की अवधि थी। वहीं 2014 के बाद यह पहला मौका है जब एशिया का तापमान इतना कम रिकॉर्ड किया गया है|

अप्रैल में जलवायु के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण घटना चक्रवात सेरोजा का बनना था| यह महीने की शुरुवात में पूर्वी हिन्द महासागर के बेसिन में बना था और 11 अप्रैल तक पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के तट को पार कर गया था| जहां इसने भारी तबाही मचाई थी| जिसके कारण वहां तेज हवाएं और भारी बारिश हुई थी| कई जगहों पर तो बारिश ने दैनिक रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया था| इसके बाद सरोजा ने इंडोनेशिया को भी प्रभावित किया था, जिससे इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई थी|

तापमान में आ रहा यह उतार चढ़ाव एक बार फिर साबित करता है कि समय के साथ जलवायु में आ रहा बदलाव और ज्यादा प्रबल होता जा रहा है| ऐसे में यदि जल्द ही वैश्विक उत्सर्जन में कमी न की गई तो निश्चित है कि हमें उसके विनाशकारी परिणाम झेलने होंगे|