General Elections 2019

चुनाव का आखिरी चरण: मतदान का बहिष्कार करेंगे बुरहानपुर के लोग

चुनाव बहिष्कार के साथ रहवासियों ने पार्टी उम्मीदवारों को यह हिदायत भी दी कि वे वोट मांगने  मोहल्ले में ना आएं।

 
Last Updated: Monday 20 May 2019
Photo : Atul Porwal
Photo : Atul Porwal Photo : Atul Porwal

बुरहानपुर से अतुल पोरवाल  
मुख्यालय के राजीव वार्ड में शिव कॉलोनी के मुख्यद्वार क्षेत्रवासियों ने चुनाव बहिष्कार का पोस्टर लगा दिया। बरसों से मूलभूत सुविधाओं की बाट जोह रहे रहवासियों को पारा चुनावी समर में बेकाबू हो गया है। इस कॉलोनी में करीब 100 परिवार रहते हैं, जिनके परिजनों की संख्या करीब एक हजार बताई जा रही है। इनमें लगभग 600 मतदाता हैं। चुनाव का बहिष्कार करने से जिला निर्वाचन के मतदाता जागरूकता अभियान पर असर पड़ सकता है। रहवासियों का कहना है कि चुनाव के बाद उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए कोई पलट कर नहीं आता, जबकि चुनाव के समय उन्हें बड़े वादों के झांसे में फसाया जाता है। चुनाव बहिष्कार के साथ रहवासियों ने पार्टी उम्मीदवारों को यह हिदायत भी दी कि वे वोट मांगने  मोहल्ले में ना आएं।
 
‘पानी नहीं तो वोट नहीं’ का नारा देने वाले राजीव वार्ड की शिव कॉलोनी के रहवासियों को कहना है कि वर्षों से पानी की समस्या है, लेकिन किसी जिम्मेदार ने इसे दूर करने की योजना तक नहीं बनाई। हां, चुनाव के समय कॉलोनी के लोगों को वादे से अपने पक्ष में करने का प्रयास जरूर किया जाता रहा है। इधर मतदाता जागरूकता के प्रकल्प के साथ कलेक्टर के आदेश पर पोस्टर हटाने पहुंचे निगम के सब इंजीनियर अनिल गंगराड़े को जनता के विरोध का सामना करना पड़ा, जिससे वे पोस्टर हटाए बगैर बेरंग लौट गए। गर्मी की मौसम में पहले ही जिलेभर में पेयजल संकट गहरा चुका है, वहीं पानी के संकट से जूझने वाले लोगों को प्यास बुझाने के लिए प्रतिदिन मीलों दूर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
 
राजीव वार्ड के शिव कॉलोनी में एक माह से करीब 100 परिवारों को पानी नहीं मिल रहा है। पानी नहीं मिलने से नाराज क्षेत्रवासियों ने लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करने का एलान कर दिया। ‘पानी नहीं तो वोट नहीं’ के नारे लगाए और मतदान का बहिष्कार करने के ऐलान के साथ किसी भी पार्टी के प्रत्याशी को मोहल्ले में वोट मांगने ना आने की सलाह देने वाला पोस्टर चस्पां कर दिया।
 
मौके पर पहुंचे निगम अध्यक्ष मनोज तारवाला ने समझाईश का प्रयास किया, लेकिन जनता नहीं मानी। समस्या का निराकरण नहीं होने तक क्षेत्रवासी पोस्टर नहीं हटाने की बात पर अड़े। वहीं कलेक्टर के आदेश पर पोस्टर हटाने पहुंचे निगम के सब इंजीनियर अनिल गंगराड़े को क्षेत्रवासियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। इसके चलते उन्हें पोस्टर हटाए बगैर बेरंग लौटना पड़ा।

 

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