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गरीब तक अन्न पहुंचने में लग रहा है एक पखवाड़ा

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीब परिवारों को राशन देने की घोषणा की गई थी

By Anil Ashwani Sharma

On: Monday 17 August 2020
 
राजस्थान के खरिया नींव गांव में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाले अन्न की पूछताछ करती ग्रामीण महिला। फोटो: अनिल अश्विनी शर्मा
राजस्थान के खरिया नींव गांव में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाले अन्न की पूछताछ करती ग्रामीण महिला। फोटो: अनिल अश्विनी शर्मा राजस्थान के खरिया नींव गांव में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाले अन्न की पूछताछ करती ग्रामीण महिला। फोटो: अनिल अश्विनी शर्मा

राजस्थान के पाली जिले के खरिया नींच गांव में लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन समय पर नहीं मिल रहा है। योजना के मुताबिक, हर माह आठ तारीख को राशन लोगों को अन्न मिल जाना चाहिए, लेकिन डाउन टू अर्थ ने जुलाई माह में यहां जमीनी हकीकत जानी चाहिए तो पता चला कि 26 जुलाई तक यहां राशन नहीं मिल पाया है।

भंडार गृह पर बैठे प्रभारी महेंद्र सिंह ने डाउन टू अर्थ को बताया कि लोग रोजाना राशन के बारे में पूछने आते हैं, लेकिन अब तक पीछे से ही राशन नहीं आया है। वहीं, ग्राम पंचायत के सरपंच करोनावायरस से पीड़ित होने के कारण उनके स्थान पर पंचायत का कामकाज संभाल रहे बुद्धाराम कहते हैं कि लोगों को विश्वास नहीं होता कि अब तक राशन नहीं पहुंचा है। वे हमसे बहस करते हैं कि प्रधानमंत्री ने अनाज देने की घोषणा की थी, तो हमें अनाज क्यों नहीं दिया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि अनाज देरी से हम तक पहुंच रहा है। 

महेंद्र  सिंह कहते हैं कि अकेले इसी गांव का यह हाल नहीं है बल्कि यह हाल राजस्थान के कई जिलों का है। डाउन टू अर्थ ने राज्य के नौ जिलों की 12 ग्राम पंचायतों का दौरा किया और इस दौरान जानकारी मिली कि 18 गांवों में सरकारी अन्न अपनी निश्चित तारीख से एक पखवाड़े बाद मिलता है। 

खरिया नींव ग्राम पांचयत के भंडारगृह कि खिड़की पर खड़ी होकर पूंछताछ कर रही गांव की बजुर्ग सोमाया बताती हैं कि एक पखवाड़ा हो गया है, रोज इस दोपहरी में गांव के दूसरे कोने से आ रही हूं, लेकिन जवाब मिलता है कि अब तक अनाज नहीं आया है। वह बताती हैं कि घर में पति और बेटा पहले शहर (पाली जिला) जाकर कमा लाते थे, लेकिन अब तो इस करोना ने हम सबको ही हाथ फैलाने पर मजबूर कर दिया है।

पूछताछ की लाइन में खड़े राजेंद्र कुमार बताते हैं कि हम तो हफ्ते में एक ही बार आते हैं, लेकिन जिन लोगों के पास खाने को अनाज नहीं है, वे रोजाना ही अनाज के बारे में पूछने के लिए आ जाते हैं। 

ध्यान रहे कि कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन लागू करने के बाद केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीब परिवारों को गरीब परिवारों को अनाज देने की घोषणा की थी।