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हर 16 सेकंड में हो रही है एक गर्भस्थ शिशु की मृत्यु:  संयुक्त राष्ट्र

कोविड-19 के कारण स्वास्थ्य सेवा में हो रहे व्यवधान से स्थिति और खराब हो सकती है,  आगामी 12 महीने की अवधि में लगभग 2 लाख से अधिक गर्भस्थ शिशु मृत्यु की आशंका जताई गई है

By Dayanidhi

On: Thursday 08 October 2020
 
Photo: wikimedia commons
Photo: wikimedia commons Photo: wikimedia commons

यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, विश्व बैंक समूह और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग के जनसंख्या प्रभाग द्वारा जारी पहले संयुक्त अनुमान के अनुसार हर साल लगभग 20 लाख गर्भस्थ शिशुओं की मृत्यु हो जाती है, दूसरे शब्दों में कहा जाए तो हर 16 सेकंड में 1 गर्भस्थ शिशु की मृत्यु हो रही है।

नई रिपोर्ट नेगलेक्टेड ट्रेजडी: ग्लोबल बर्डन ऑफ स्टिलबर्थ्स के अनुसार, जिन देशों में गर्भस्थ शिशुओं की मृत्यु दर (स्टिलबर्थ) उनमें 84 प्रतिशत देश निम्न और निम्न-मध्यम-आय वाले हैं। 2019 में उप-सहारा अफ्रीका या दक्षिण एशिया मेंमें से 3 गर्भस्थ शिशु मृत्यु (स्टिलबर्थ) हुई। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि स्टिलबर्थ यानी गर्भस्थ शिशु से आशय ऐसे भ्रूण से हैं, जो गर्भावस्था के 28 सप्ताह के बाद, लेकिन डिलीवरी से पहले जिसकी मृत्यु हो गई।

यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक हेनरीएटा फोर ने कहा कि जन्म के समय या गर्भावस्था के दौरान एक बच्चे को खोना एक परिवार के लिए एक विनाशकारी त्रासदी है। इससे परिवार के एक सदस्य को खोने के अलावा मानसिक और वित्तीय नुकसान भी होता है। लेकिन बेहतर निगरानी, प्रसवपूर्व उचित देखभाल और एक कुशल प्रसूति कराने वालों की मदद से इसे रोका जा सकता है।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि कोविड-19 महामारी दुनिया भर में गर्भस्थ शिशु मृत्यु (स्टिलबर्थ) की संख्या को और बढ़ा सकती है। महामारी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में 50 प्रतिशत की कमी आई है। जिसके कारण 117 निम्न और मध्यम-आय वाले देशों में 12 महीने की अवधि में लगभग 2 लाख अतिरिक्त गर्भस्थ शिशुओं की मृत्यु (स्टिलबर्थ) हो सकती है।

इससे गर्भस्थ शिशुओं की मृत्यु (स्टिलबर्थ) की संख्या में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि होने के आसार हैं। जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट के लिए किए गए मॉडलिंग के अनुसार 13 देशों में 12 महीने की अवधि में स्टिलबर्थ की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि या उससे अधिक देखी जा सकती है।

ज्यादातर गर्भस्थ शिशु मृत्यु (स्टिलबर्थ) गर्भावस्था और जन्म के दौरान देखभाल की खराब गुणवत्ता के कारण होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रसव पूर्व सेवाओं में निवेश में कमी और नर्सिंग और प्रसूति कराने वालों को मजबूत करना प्रमुख चुनौतियां हैं।

प्रसव के दौरान 40 प्रतिशत से अधिक गर्भस्थ शिशु मृत्यु (स्टिलबर्थ) होते हैं। इस नुकसान से प्रसव के समय प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता तक पहुंच और समय पर आपातकालीन प्रसूति देखभाल के साथ बचा जा सकता है।

बाल मृत्यु के कारणों को रोकने या उनका इलाज करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में प्रगति के बावजूद, गर्भस्थ शिशु मृत्यु (स्टिलबर्थ) की दर कम करने में प्रगति धीमी रही है। 2000 से 2019 तक, नवजात मृत्यु दर में 2.9 प्रतिशत की कमी की तुलना में, अभी भी स्टिलबर्थ में कमी की वार्षिक दर केवल 2.3 प्रतिशत थी और 1-59 महीने की आयु के बच्चों की मृत्यु दर 4.3 प्रतिशत है।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेबायियस ने कहा दुनिया में एक बच्चे का स्वागत करना बहुत खुशी की बात है, लेकिन हर दिन हजारों माता-पिता असहनीय उदासी का अनुभव करते हैं, क्योंकि उनके अभी भी गर्भस्थ शिशुओं की मृत्यु (स्टिलबर्थ) हो रही हैं। स्टिलबर्थ की त्रासदी बताती है कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना और बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है, और नर्सों और दाइयों में निवेश बढ़ाना कितना महत्वपूर्ण है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गर्भस्थ शिशु मृत्यु (स्टिलबर्थ) केवल गरीब देशों के लिए चुनौती नहीं है। 2019 में 39 उच्च-आय वाले देशों में नवजात मृत्यु की तुलना में अधिक संख्या में स्टिलबर्थ थे और 15 देशों में शिशु मृत्यु की तुलना में अधिक संख्या में गर्भस्थ शिशुओं की मृत्यु (स्टिलबर्थ) हुई थी।  

निम्न और उच्च आय दोनों में, शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भस्थ शिशुओं की मृत्यु दर अधिक है। सामाजिक-आर्थिक स्थिति को गर्भस्थ शिशु मृत्यु से अधिक से अधिक घटनाओं से भी जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए, नेपाल में अल्पसंख्यक जातियों की महिलाएं उच्च वर्ग की जातियों की महिलाओं की तुलना में 40 से 60 प्रतिशत अधिक है।

उच्च आय वाले देशों में जातीय अल्पसंख्यक की पर्याप्त गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच की कमी हो सकती है। उदाहरण के लिए, कनाडा में इनुइट आबादी का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा के बाकी हिस्सों की तुलना में गर्भस्थ शिशु मृत्यु दर लगभग तीन गुना अधिक है, और संयुक्त राज्य अमेरिका में अफ्रीकी अमेरिकी महिलाओं में सफेद महिलाओं की तुलना में गर्भस्थ शिशु मृत्यु का खतरा लगभग दोगुना है।

विश्व बैंक में ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ़ हेल्थ, न्यूट्रिशन एंड पॉपुलेशन के मोहम्मद अली पाटे ने कहा कोविड-19 से महिलाओं, बच्चों और किशोरों के लिए जीवन-रक्षक स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान के कारण विनाशकारी स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है। गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान और बच्चे के जन्म के दौरान गुणवत्ता देखभाल की निरंतर आवश्यकता होती है। हम गर्भस्थ शिशु मृत्यु को रोकने के लिए अपने स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने में देशों का समर्थन कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर गर्भवती महिला गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं तक पहुंच बना सके।