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बैठे-ठाले : विश्व गुरू का मास्टरस्ट्रोक

मरियल सा आदमी बोला, “मैंने सभी गैसों के नाम बदलकर ऑक्सीजन रख दिया है। पुरानी सरकारों ने गैसों को अलग-अलग नाम में बांटकर उन्हें टुकड़े-टुकड़े गैंग में बदल दिया था”  

By Sorit Gupto

On: Sunday 25 April 2021
 
Cartoon :  Sorit
Cartoon :  Sorit Cartoon : Sorit

ऑनलाइन मीटिंग पूरे शबाब पर थी पर चौपट राजा चिंतन में डूबे हुए थे। पूरी स्क्रीन पर चुप्पी छाई हुई थी। इसी का फायदा उठाकर कुछ दरबारी अपने विडियो/ऑडिओ ऑफ करके ऊंघ रहे थे और कुछ तो सो भी गए थे। मामला बहुत गंभीर था। राज्य में अचानक अकाल पड़ गया था। यह अकाल भी अपने आप में बहुत अजीबोगरीब था। ऑक्सीजन का अकाल पड़ा था। किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें?

आखिरकार राज्य के प्रबुद्ध पत्रकार और पब्लिक-रिलेशन मंत्री अपनी जगह से खड़े हुए और कहना शुरू किया, “राजन! यह एक अनूठी स्थिति है कि राज्य में ऑक्सीजन कमी कमी हो गई है पर इसमें हमारे प्रशासन की कोई गलती नहीं है। हवा में ऑक्सीजन की कमी हमेशा से रही है।”

वह कुछ आगे कहते कि देश के विज्ञान मंत्री बोल पड़े, “पब्लिक-रिलेशन मंत्री की बातें सौ फीसदी सही हैं मान्यवर। हवा में ऑक्सीजन केवल 21 प्रतिशत है।”  वित्त मंत्री बोले, “देश की विडम्बना है कि पिछले सत्तर वर्षों से पहले की सरकारों ने इसके लिए कुछ भी नहीं किया। सूडो-सेकुलर लोग इसके खिलाफ कभी भी इंडिया गेट पर मोमबत्ती लेकर नहीं पहुंचे। विपक्ष ने कभी जंतर मंतर में इसके लिए धरना नहीं दिया, देश के किसानों ने कभी इसके लिए आन्दोलन नहीं किया।” कानून मंत्री बोले, “राजन हम इस कठिन सवाल को हल कर चुके हैं कि इस ऑक्सीजन की कमी के लिए हम कहीं से भी जिम्मेदार नहीं हैं। हुर्रे!”


चौपट राज बोले, “शाबाश! पर एक आसान सवाल का जवाब दीजिये और यह बताइए कि इस अकाल का समाधान क्या है?” इस सवाल के बाद एक बार फिर पूरी स्क्रीन पर चुप्पी पसर गई।


अचानक आवाज आई, “मेरे पास इसका समाधान है!” लोगों ने चौंक कर देखा, दरबार में एक मरियल सा आदमी खड़ा हंस रहा था। सेनापति ने डपट कर कुछ कहने की कोशिश की पर चौपट राजा ने उसे रोक लिया और बोले, “अगर तुमने इसका समाधान कर दिया तो बहुत बड़ा इनाम मिलेगा और जो तुम समाधान नहीं दे पाए तो...”


“तो मेरा सर कलम कर दिया जायेगा। मुझे डायलाॅग पता है श्रीमान!” उस आदमी ने कहा, “मुझे कुछ ब्रुश और ढेर सारे पेंट की जरूरत होगी।” सैकड़ों ऊंटों पर ढेर सा पेंट और ब्रुश इत्यादि लेकर वह मरियल सा दिखने वाला आदमी चला गया। कुछ दिन बाद वह दरबार में लौटा और बोला, “राजा जी मैंने आपके राज्य में ऑक्सीजन की कमी को हमेशा-हमेशा के लिए खत्म कर दिया है।”


चौपट राजा को एकाएक उसकी बातों पर भरोसा नहीं हुआ। उसने वित्तमंत्री से पूछा तो वित्तमंत्री ने सेनापति से पूछा। सेनापति ने कानून मंत्री से पूछा। कानून मंत्री ने देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से पूछा। आखिर में देश के प्रबुद्ध पत्रकार और पब्लिक-रिलेशन मंत्री ने अपने सोर्स से पता करके कहा, “राजन, कमाल हो गया! देशभर के अस्पतालों से खबर आ रही है कि ऑक्सीजन की कहीं भी किल्लत नहीं है!” चौपट राजा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने उस मरिअल से आदमी को गले से लगा लिया और पूछा, “आपने यह किया कैसे?”


मरिअल सा आदमी बोला, “यह तो बहुत आसान था। मैंने सभी गैसों के नाम बदलकर ऑक्सीजन रख दिया है। पुरानी सरकारों ने गैसों को अलग-अलग नाम में बांटकर उन्हें टुकड़े-टुकड़े गैंग में बदल दिया था। अब से हर गैस केवल ऑक्सीजन के नाम से जानी जाएगी। एक देश एक गैस!” चौपट राजा खुशी से नाचने लगे। उनकी देखादेखी दरबारी भी नाचने लगे। राजा ने उस आदमी से पूछा, “आप अपना परिचय दें।”

मरियल से आदमी ने कहा, “मैं हूं विश्व गुरु और यह था मेरा मास्टरस्ट्रोक!