दिलशाद गार्डन एरिया में ऑपरेशन शील्ड से काबू में आया कोरोना

सउदी अरब से एक महिला के आने के फैला था कोरोना, ऑपरेशन शील्ड से 15 दिन में कोरोना मुक्त हुआ इलाका

By Bhagirath Srivas

On: Friday 10 April 2020
 
दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई 123 मेडिकल टीमों को 50-50 घरों की स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई।
दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई 123 मेडिकल टीमों को 50-50 घरों की स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई 123 मेडिकल टीमों को 50-50 घरों की स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई।

दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि उसके द्वारा चलाए गए ऑपरेशन शील्ड की मदद से दिलशाद गार्डन एरिया को कोरोनावायरस से मुक्त कर दिया गया है। यहां 8 कोरोना पॉजिटिव केस आने के बाद दिल्ली सरकार ने यह ऑपरेशन चलाया था। अब 10 दिन से यहां कोई कोरोना केस सामने नहीं आया है।

दरअसल, दिलशाद गार्डन की रहने वाली एक महिला और उसके बेटे को सउदी अरब से लौटने पर कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। महिला का इलाज करने वाले मोहल्ला क्लीनिक डॉक्टर समेत 7 कोरोना पीड़ित हो गए थे। इसके बाद दिल्ली सरकार ने दिलशाद गार्डर और पुरानी सीमापुरी एरिया को पूरी तरह से कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया। महिला के संपर्क में 81 लोगों को चिन्हित किया गया। उनका इलाज और क्वारंटाइन किया गया। महिला के बेटे से संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरे का सहारा लिया गया। फिर दिलशाद गार्डन और ओल्ड सीमापुरी में 123 मेडिकल टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने 4,032 घरों में रहने वाले 15 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की। इनमें से जिन लोगों में कोरोना के लक्षण मिले, उन्हें क्वारंटाइन किया गया। अब वहां एक भी कोरोना के मरीज सामने नहीं आ रहा है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने बताया कि दिलशाद गार्डन क्षेत्र में सउदी अरब से आई महिला के संपर्क में आकर 7 लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कोरोना के फैलने का डर था। इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर सबसे पहले दिलशाद गार्डन में ही ऑपरेशन शील्ड चलाया गया।

शाहदरा के डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस अधिकारी एसके नायक ने बताया कि दिल्ली के दिलशाद गार्डन में रहने वाला एक व्यक्ति सउदी अरब में रहता है। कुछ दिन पहले उसकी पत्नी अपने बेटे को लेकर उससे मिलने सउदी अरब गई थी। वह महिला बेटे के साथ 10 मार्च 2020 को सउदी अरब से लौटी। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद 12 मार्च 2020 को महिला को बुखार और खांसी की शिकायत हुई। वह इसे सामान्य मानकर पुरानी सीमापुरी स्थित एक मोहल्ला क्लीनिक में दवा लेने गई। दवा से महिला को कोई आराम नहीं मिला। इसके तीन दिन बाद 15 मार्च को वह जांच कराने के लिए दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में गई। जीटीबी ने महिला में कोरोना का लक्षण पाया और उसे आरएमएल अस्पताल रेफर कर दिया। जांच के बाद 17 मार्च 2020 को महिला में कोरोना की पुष्टि हुई।  

एसके नायक ने बताया कि महिला ने जांच में सहयोग किया, लेकिन उसके बेटे ने नहीं बताया कि वह इस दौरान कहा-कहां गया और किन लोगों से मिला। इसके बाद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। सीसीटीवी फुटेज में महिला और उसका बेटा जिन-जिन लोगों से मिला, उन सभी लोगों को चिंहित करते हुए उन्हें क्वारंटाइन किया गया।  

123 मेडिकल टीमों ने किया काम

एसके नायक ने बताया कि सउदी अरब से आई महिला और उसके बेटे को कोरोना होने की पुष्टि के बाद पूरे दिलशाद गार्डन में इसके फैलने का खतरा बढ़ गया था। लिहाजा, दिल्ली सरकार ने तत्काल कदम उठाते हुए 123 मेडिकल टीमों का गठन किया। साथ ही शाहदरा के जिलाधिकारी से मिलकर ऑपरेशन शील्ड चलाने का निर्णय लिया। इसके बाद पुलिस से भी संपर्क कर सहयोग लिया गया और दिलशाद गार्डन व पुरानी सीमापुरी इलाके को पूरी तरह से सील कर दिया गया। दोनों एरिया में लोगों को बाहर से अंदर और अंदर से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी गई।

15 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग

एसके नायक ने बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई 123 मेडिकल टीमों को 50-50 घरों की स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके लिए एक प्रोफार्मा तैयार किया गया, जिसकी मदद से प्रत्येक व्यक्ति से कोरोना संबंधित किसी भी तरह के लक्षण या किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने आदि का विवरण तैयार किया गया। इस स्क्रीनिंग के दौरान जिन में भी कोरोना के लक्षण की आशंका हुई या लक्षण मिले, उन सभी लोगों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। 123 मेडिकल टीमों ने दिलशाद गार्डन और पुरानी सीमापुरी के 4,032 घरों और इन घरों में रहने वाले 15 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की।

अब भी जारी है निगरानी

एसके नायक का कहना है कि 15 से अधिक दिनों की मेहनत का परिणाम सकारात्मक निकला। एक-एक व्यक्ति की स्क्रीनिंग के बाद अब दिलशाद गार्डन और पुरानी सीमापुरी में एक भी कोरोना के नए मरीज सामने नहीं आ रहे हैं। इसके बाद भी मेडिकल टीमें अभी शांति नहीं बैठी हैं। सभी टीमें आवंटित घरों में रहने वाले लोगों के लगातार संपर्क में हैं। सभी टीमें लोगों से प्रतिदिन फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रही हैं और कोरोना के लक्षण होने पर तत्काल बताने की अपील कर रही हैं।

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