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कोविड-19: हिमाचल में 12 दिन बाद आया नया मामला, नोएडा से आया था युवक

दूसरे राज्यों से आ रहे लोगों की जांच और निगरानी में लापरवाही को लेकर स्थानीय लोग में नाराजगी है

By Rohit Prashar

On: Tuesday 05 May 2020
 
हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर पर जमा भीड़, जो राज्य में प्रवेश करना चाहती है। फोटो: रोहित पराशर
हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर पर जमा भीड़, जो राज्य में प्रवेश करना चाहती है। फोटो: रोहित पराशर हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर पर जमा भीड़, जो राज्य में प्रवेश करना चाहती है। फोटो: रोहित पराशर

12 दिन बाद हिमाचल प्रदेश में कोरोनावायरस संक्रमण का नया मामला सामने आया है। इससे पहले माना जा रहा था कि हिमाचल प्रदेश जल्द ही कोरोना मुक्त हो जाएगा, लेकिन 4 मई को मंडी जिले में एक युवक को कोरोना पॉजीटिव पाया गया। यह युवक 29 अप्रैल को नोएडा से आया था, लेकिन दो दिन बाद खांसी-जुकाम की शिकायत के बाद उसकी जांच कराई गइ। 

इस नए मामले के बाद हिमाचल प्रदेश में एक्टिव मामलों की संख्या 2 हो गई है। हिमाचल में 4 मई तक कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 40 थी, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है और चार केस इलाज के लिए बाहरी राज्यों में जा चुके हैं। इसके अलावा शेष बचे 35 संक्रमित व्यक्तियों में से 34 ठीक होकर घर वापस जा चुके थे।

4 मई तक प्रदेश में एक भी रेड जोन नहीं था। प्रदेश के छह जिलों को ओरेंज जोन और छह जिलों को ग्रीन जोन घोषित किया गया था, लेकिन अब आशंका जताई जा रही है कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के साथ संक्रमण जिलों में पहुंच सकता है। छोटी काशी कहे जाने वाला हिमाचल का मंडी जिला भी अभी तक ग्रीन जोन में शामिल था, लेकिन 4 मई को बाहरी राज्य से लौटे युवक के पाॅजिटिव पाए जाने से यह जिला भी अब ओरेंज जोन की श्रेणी में आ गया है।

डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि प्रशासन ने द्रुब्बल पंचायत के तीन किमी क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। वहीं, दो किमी के क्षेत्र को बफर जोन घोषित कर दिया है। बिना किसी छूट के धारा 144 लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि संक्रमित युवक का कहना है कि वह अपने परिवार के साथ अधिक संपर्क में नहीं आया है। गांव में पहुंचने के बाद उसने खुद को होम क्वारंटीन कर दिया था, लेकिन संक्रमित युवक के साथ आए अन्य दो युवकों और उनके परिवारों की जांच के साथ उनके स्वास्थ्य की निगरानी भी की जा रही है।

वहीं, दूसरी ओर दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के प्रति गांव के लोगों में डर है। मंडी जिला के युवकों विजय, अक्षय और नीरज ने डाउन टू अर्थ को बताया कि उनके गांव में बाहरी राज्यों दिल्लीए गुरुग्राम, चंडीगढ़, लुधियाना और अन्य क्षेत्रों से लोग आना शुरू हो गए हैं। ऐसे में गांव के लोग संक्रमण फैलने के डरना शुरू हो सकता है। जो लोग बाहर से आ रहे हैं, इनकी निगरानी के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी हैं।

ट्राई.सिटी (चंडीगढ़,मोहाली व पंचकुला) में फंसे हिमाचल प्रदेश के चार जिलों के 1239 लोगों को 4 मई को 49 बसों के माध्यम से वापिस लाया गया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में वापिस लाए गए इन लोगों में 622 मंडी जिलाए 365 बिलासपुर जिलाए 191 कुल्लू जिला और 61 लाहौल स्पीति जिलाें से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि वापिस बुलाए गए सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगीए ताकि उनमें जुकाम जैसी बीमारी के लक्षणों का पता लगाया जा सके और उसके उपरांत उन्हें होम क्वारन्टीन में रखा जाएगा।

हिमाचल की आबादी लगभग 70 लाख है, ऐसे में अभी तक राज्य में 4 मई तक 7432 लोगों के टेस्ट किए गए हैं।