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क्या लैब में बनाया गया था कोरोनावायरस, वैज्ञानिकों ने की जांच

इस तरह की बातें सोशल मीडिया में चल रही हैं कि इस वायरस को लैब में बनाया गया है

By Lalit Maurya

On: Monday 23 March 2020
 

 Photo: Raw pixel

कोरोनावायरस (कोविद-19), जोकि पिछले साल चीन के वुहान शहर में सबसे पहले पाया गया था। आज दुनिया भर के करीब 192 देशों में फैल चुका है। इसके बारे में कई तरह की अफवाहें प्रचलित हैं जैसे कि इस वायरस को लैब में बनाया गया है। पर हाल ही में वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि यह वायरस किसी लैब में नहीं बनाया गया। बल्कि  प्राकृतिक रूप से जन्मा है। इससे सम्बंधित एक विस्तृत अध्ययन जर्नल नेचर मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है।

वैज्ञानिकों ने इसे समझने के लिए सार्स-कोव-2 और उससे सम्बन्ध रखने वाले वायरस के जीनोम सिक्वेंसिंग का अध्ययन किया है। जिससे प्राप्त डेटा और उसके विश्लेषण से इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि यह वायरस प्रयोगशाला में बनाया गया था। इस शोध से जुड़े वैज्ञानिक क्रिस्चियन एंडरसन, जोकि स्क्रिप्स रिसर्च में इम्यूनोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर भी हैं ने बताया कि "अभी तक कोविद-19 और उससे सम्बंधित वायरस के जीनोम सिक्वेंसिंग डेटा के विश्लेषण के बाद हम निश्चित तौर पर कह सकते है कि इस वायरस 'सार्स-कोव-2' को कृत्रिम रूप से नहीं बनाया गया है।

यह वायरस प्राकृतिक प्रक्रियाओं के माध्यम से उत्पन्न हुआ है।" गौरतलब है कि कोरोना वायरस (कोविद-19), एक खतरनाक वायरस परिवार का हिस्सा है। जो व्यापक रूप से फैल सकता है और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इससे जुडी पहली महामारी 2003 में सार्स के रूप में चीन से ही फैली थी। जबकि 2012 में दूसरी बार सऊदी अरब से मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (मर्स) के रूप में इस गंभीर बीमारी का प्रकोप शुरू हुआ था।

सावधानी ही है इस वायरस से बचाव

अब (23 मार्च) तक दुनिया भर में करीब 343,414 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जबकि यह वायरस 14 हजार से भी ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। इन सबके बीच सबसे अच्छी बात यही है कि लगभग 99 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। और जो बीमार हैं उनमें से भी करीब 2 लाख 18 हजार मरीज ऐसी स्थिति में हैं जो जल्द ठीक हो सकते हैं। भारत में भी 425 लोग इस संक्रमण का शिकार बन चुके हैं। जिनमें से 24 ठीक हो चुके हैं। जबकि यह वायरस अब तक आठ लोगों की जान ले चुका है। दुनिया भर में शोधकर्ता इस वायरस से निपटने का इलाज ढूंढ रहे हैं। पर अब तक किसी को सफलता नहीं मिली है। ऐसे में अपने आप को और दूसरों को इस वायरस से बचाना ही इस वायरस से निपटने का एक मात्रा तरीका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार निम्नलिखित सावधानियों की मदद से हम अपने साथ-साथ दूसरों को भी इस वायरस बचा सकते हैं। 

  • जो लोग बीमार हैं उनके निकट संपर्क में आने से बचें।
  • जब आप घर से बाहर किसी सतह को छूते हैं, तो हाथ धोने से पहले अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।
  • बीमार होने पर घर पर ही रहें। अनावश्यक यात्रा करने से बचें  
  • घर में जिन सतहों को आप लगातार छूते हैं उन्हें स्प्रे या पोंछे का उपयोग करके समय-समय पर साफ करते रहें। 
  • जितना हो सके केवल कीटाणुरहित वस्तुओं और सतहों को ही छुएं।
  • खांसते और छींकते समय हुए मुंह और नाक को कपडे या टिशू से ढंक लें। इस्तेमाल के बाद टिशू को तुरंत फेंक दें और हाथ को अच्छी तरह से धो लें।
  • यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो जितना जल्दी हो चिकित्सक की मदद लें और उनसे अपने स्वास्थ्य सम्बन्धी रिकॉर्ड को साझा करें;
  •  बाजारों और भीड़ भरे स्थानों पर जहां कोरोनावायरस का खतरा है, वहां मास्क लगा कर रखें। साथ ही जानवरों के संपर्क में आने से बचें; और जानवरों के सम्पर्क में आने वाली जगह पर जाने से बचें।
  •  कच्चे या अधपके पशु उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए। साथ ही जानवरों से प्राप्त होने वाले भोजन और उत्पादों का रख्रखाव उचित ढंग से करें। साथ ही खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता का ध्यान रखें