नोएडा से बरेली बस से पहुंचे युवक ने पूरे परिवार को किया कोरोना संक्रमित

यह युवक नोएडा की एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं, जहां के कर्मचारियों को कोरोना वायरस पॉजीटव पाया गया है

On: Tuesday 31 March 2020
 
coronavirus

बरेली से ज्योति पांडे
 
उत्तर प्रदेश के नोएडा से जनता कर्फ्यू (22 मार्च, 2020) वाले दिन सरकारी बस से यात्रा कर बरेली के सुभाष नगर पहुँचने वाले महेश ने 2 वर्षीय बच्चे को छोड़कर अपने पूरे परिवार को कोरोना संक्रमित कर दिया है। घर में पांच सदस्यों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। महेश नोएडा स्थित सीजफायर कंपनी में कार्यरत है। यह वही कंपनी है जिसने अपने कर्मचारियों की अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल हिस्ट्री को न सिर्फ छुपाया बल्कि कामकाज भी जारी रखा।  
 
नोएडा स्थित कंपनी सीजफायर में करीब 16 कर्मचारी कोरोना से संक्रमित हैं। बरेली पहुंचे महेश को भी कोरोना संक्रमण इन्हीं सहकर्मियों की वजह से हुआ। कंपनी के कुछ सदस्यों ने अंतरराष्ट्रीय यात्राएं की थी।  
 
महेश के परिवार वालों की लखनऊ से आई जांच रिपोर्ट में युवक की पत्नी, माता, पिता और भाई-बहन में कोरोना वायरस संक्रमण होने की पुष्टि हुई है। पिता की उम्र 55 वर्ष से अधिक है जबकि बहन-भाई और पत्नी की उम्र 30 वर्ष के नीचे है। 
 
 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन पूरा देश लॉकडाउन था, उसी रात नौ बजे युवक बस से बरेली के लिए निकला था। उस दिन ही युवक का एक सहकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। यह खबर मिलते ही युवक ने जिला अस्पताल में अपनी जांच कराई तो उसे भी कोरोना वायरस का संक्रमण निकला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसके परिजनों का भी सैंपल लेकर लखनऊ भेज दिया। मंगलवार सुबह उनकी जांच रिपोर्ट आ गई। रिपोर्ट में परिवार के पांच सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए।  अब बरेली में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या छह हो गई है। और यह सभी एक ही घर के हैं। इनको एक निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
 
कम्युनिटी ट्रांसमिशन का नहीं है मामला
एक ही परिवार के छह सदस्यों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कम्युनिटी ट्रांसमिशन (सामुदायिक प्रसार) की स्थिति से इनकार कर रहा है। विभाग का दावा है कि अभी कम्युनिटी स्प्रेड जैसी कोई भी स्थिति नहीं है। कम्युनिटी स्प्रेड को तब माना जाता है जब बीमारी फैलाने वाले सोर्स की जानकारी ना हो। यह स्पष्ट है कि युवक को अपने सहकर्मी से संक्रमण हुआ था और उसके घर आने के बाद परिजनों को भी संक्रमण हो गया।
 
सुधर रही है संक्रमित युवक की हालत
संक्रमित युवक की हालत में सुधार हो रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ वागीश वैश्य के मुताबिक, युवक को पहले तेज बुखार और खांसी थी। तीन दिनों के इलाज के बाद बुखार खत्म हो गया। खांसी के भी जल्द सही हो जाने की उम्मीद है। निर्धारित समय के बाद उसका दूसरा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद ही यह पता चल पाएगा कि युवक से वायरस का संक्रमण खत्म हुआ है या नहीं।
 
नोएडा को मुसीबत में डालने वाली कंपनी में कार्यरत
युवक नोएडा की सीजफायर कंपनी में काम करता है। यह वही कंपनी है जिसने पूरे नोएडा को मुसीबत में डाल दिया है। सीजफायर कंपनी में पिछले दिनों विदेश से एक टीम आई थी। बताया जा रहा है कि इस टीम का एक सदस्य भी कोरोना से संक्रमित था। इसकी जानकारी कंपनी ने छिपा ली। जब वहां लोग बीमार होने लगे तब जांच शुरू हुई। एक के बाद एक करके अभी तक कुल 16 कर्मचारी कोरोना से संक्रमित मिले हैं। इनमें बरेली का युवक भी शामिल है। रविवार को समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने कंपनी में तालाबंदी ना करने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। देर शाम नोएडा के डीएम को भी हटा दिया गया था। आज सुबह कंपनी को सीज कर दिया गया। 
 
एक किमी इलाके में अघोषित कर्फ्यू
एक साथ पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से बरेली में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने सुभाषनगर इलाके को सील करवा दिया है। वहां घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। कोरोना पॉजिटिव मरीज के घर से एक किलोमीटर दूरी का पूरा इलाका गूगल मैप पर लाल निशान से घेर दिया गया है। पूरे क्षेत्र में सैनिटाइजेशन भी कराया जा रहा है। यदि इलाके में लॉकडाउन का सख्ती से पालन नहीं होता है तो यहां कर्फ्यू भी लगाया जा सकता है।
 
परिवार से मिलने वाले 100 से ज्यादा लोग रडार पर नोएडा से आने के बाद युवक अपने कुछ दोस्तों से मिला था। इसके साथ ही उसने एक मेडिकल स्टोर से दवा खरीदी थी। युवक के पिता रेलवे में कार्यरत हैं। बरेली जंक्शन पर वह किन किन लोगों से मिले हैं इसके वीडियो फुटेज जुटाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि युवक और उसके परिजनों से मिलने वाले 100 से ज्यादा लोग हमारे रडार पर हैं। अभी तक इनमें से दो लोगों के सैम्पल लिए गए थे। दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।