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शराब बनाने वाली फैक्ट्री अब बनाएगी सैनिटाइजर, दो फैक्ट्रियों को मिला लाइसेंस

नोवेल कोरोना वायरस के फैलने की खबर फैलने के बाद बाजार में सैनेटाइजर की मांग बढ़ गई है। मांग के मुताबिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है

By Manish Chandra Mishra

On: Monday 23 March 2020
 

 

कोरोनावायरस से बचने के लिए साबुन से हाथ धोने के अलावा घर से बाहर रहने की स्थिति में सैनेटाइजर का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इस वजह से सैनेटाइजर की मांग बाजार में तेजी से बढ़ी है और तकरीबन हर शहर में इसकी भारी कमी है। छत्तीसगढ़ की दुकानों में भी सैनेटाइजर खोजने पर नहीं मिल रहा है। सरकार ने मांग के मुताबिक आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए मास्क और सैनेटाइजर की कालाबाजारी रोकने की कोशिश की लेकिन बावजूद इसके बाजार में इसकी कमी बनी हुई है। अब सरकार ने सैनेटाइजर के निर्माण की कोशिशे तेज कर दी है।  

छत्तीसगढ़ सरकार ने अल्कोहल आधारित हैण्ड सैनिटाईजर (हैण्ड रब साॅल्यूशन) के औद्योगिक निर्माण के लिए दो डिस्टिलरी को लाइसेंस दिया है। राज्य शासन के खाद्य और औषधि नियंत्रक प्रशासन ने मुंगेली जिले के मेसर्स भाटिया वाइन मर्चेन्ट्स लिमिटेड, धूमा (सरगांव) और दुर्ग जिले के मेसर्स छत्तीसगढ़ डिस्टलरीज लिमिटेड खापरी को यह लाइसेंस एक साल के लिए दिया है। इन स्थानों पर पहले इंडस्ट्री के लिए अल्कोहल बनाने के साथ-साथ शराब और वाइन बनाने का काम भी होता है। अब ये फैक्ट्रियां एक दिन में 1800 लीटर तक सैनेटाइजर का उत्पादन कर रही हैं। 

रायपुर में बीते दिनों नोवेल कोरोना वायरस का एक मरीज मिलने के बाद सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं। कई प्रमुख शहरों में लॉकडाउन की स्थिति है और सभी बाजार बंद हैं। छत्तीसगढ़ में शराब की दुकाने 31 मार्च तक बंद हैं। शराब दुकाने बंद होने की वजह से शराब बनाने वाली फैक्ट्रियां भी प्रभावित हो रही थी। 

छत्तीसगढ़ सरकार ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा हैण्ड सैनिटाईजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे में लाया गया है। कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के लिए हैण्ड सैनिटाईजर की आवश्यकता और मांग को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा इन डिस्टलरियों को यह अनुमति प्रदान की गई है।

सरकार ने अनुमति देने के साथ यह भी कहा कि अल्कोहल आधारित रब सॉल्यूशन को बनाने में विश्व स्वास्थ्य संगठन के मापदंड़ों का पालन किया जाए, यानि इस सैनिटाइजर में 70 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल की मात्रा रहेगी। इस मात्रा में अल्कोहल वाले सैनिटाइजर से कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त हुआ जा सकता है। 

खाद्य और औषधि नियंत्रक प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत उपरोक्त दोनो डिस्टिलरी को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा रिकमण्ड फार्मूला के आधार पर अल्कोहल आधारित हैण्ड सैनेटाईजर के निर्माण की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही प्रति 200 मिलीलीटर सैनिटाईजर के लिए एक सौ रूपए मूल्य भी निर्धारित किया गया है। इससे ज्यादा मात्रा होने पर उसी अनुपात में मूल्य निर्धारित होगा। मेसर्स भाटिया वाइन मर्चेन्ट्स लिमिटेड और दुर्ग मेसर्स छत्तीसगढ़ डिस्टलरीज लिमिटेड में अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाईजर के उत्पादन की सप्लाई की माॅनिटरिंग ड्रग इंस्पेक्टर ईश्वरी नारायण और ड्रग इंस्पेक्टर आशीष कुमार पांडे करेंगे।