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दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश में भी लगा वीकेंड लॉकडाउन, प्रवासी श्रमिकों की मौके पर जांच का आदेश

उत्तर प्रदेश में विभिन्न राज्यों से करीब एक लाख प्रवासी श्रमिक 19 और 20 अप्रैल, 2021 को लौटे हैं। वहीं सरकार ने 18 वर्ष से ऊपर उम्र के सभी लोगों का टीकाकारण करने का आदेश दिया है

By Vivek Mishra

On: Tuesday 20 April 2021
 
फाइल फोटो: विकास चौधरी
फाइल फोटो: विकास चौधरी फाइल फोटो: विकास चौधरी

दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश ने भी तत्काल प्रभाव से तीन-दिवसीय साप्ताहिक लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। दिल्ली में 20 अप्रैल, 2021 से 25 अप्रैल, 2021 तक लॉकडाउन लगाया गया है। इसके बाद बड़ी संख्या में दिल्ली से प्रवासियों का हुजूम वापस उत्तर प्रदेश की तरफ लौटा। उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के मुतााबिक 20 अप्रैल, 2021 को करीब एक लाख प्रवासी श्रमिक राज्य में लौटे हैं। इनकी मौके पर ही जांच करने के लिए अधिकारियों को कहा गया है। 
 
हालांकि, प्रवासी श्रमिकों की थर्मल जांच होगी या एंटीजन टेस्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। इस बारे में आदेश में स्पष्ट नहीं किया गया है। 
 
उत्तर प्रदेश में अगले आदेश तक प्रत्येक शुक्रवार की रात 08 बजे से सोमवार सुबह 07 बजे तक साप्ताहिक बंदी (कोरोना कर्फ्यू) प्रभावी रहेगा। इसके अतिरिक्त जिन जिलों में 500 से अधिक एक्टिव केस हैं, वहां हर दिन रात्रि 08 बजे से अगले दिन प्रातः 07 बजे तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शेष गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। 
 
उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय तब आया है जब मंगलवार को यूपी सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने विचार करते हुए कहा कि वह उत्तर प्रदेश के उच्च न्यायालय के लॉकडाउन संबंधी फैसले पर रोक लगा रही है लेकिन सरकार उच्च न्यायालय की ओर से कई गई टिप्पणी पर ध्यान दे। 
 
वहीं, सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा था कि जब सरकार को जरूरत लगेगी तब वह लॉकडाउन लगाएगी। इस तरह से अदालत का दखल देना, सरकार के काम-काज, आजीविका सहित अन्य चीजों में दिक्कत पैदा करेगा।

बहरहाल इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता पी.नरसिम्हा को न्यायमित्र बनाया है। 
 
महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली से यूपी में प्रवासी श्रमिकों की वापसी हो रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश  सरकार ने मंगलवार को की गई बैठक के बाद अपने आदेश में कहा है कि तत्काल प्रभाव से सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरते जाने की आवश्यकता है।
 
प्रवासी श्रमिकों के वापसी का कारण उत्तर प्रदेश में जारी पंचायत चुनाव भी हैं। क्योंकि प्रत्याशियों के द्वारा प्रवासी श्रमिकों को वापस गांव बुलाने के लिए भी व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं।
 
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि इस बार प्रवासी श्रमिक पैदल के बजाए निजी व सार्वजनिक परिवहनों से वापस आ रहे हैं लेकिन इन सभी श्रमिकों की जांच करने के बाद ही इन्हें जाने दिया जाए। 
 
बहरहाल यह निर्णय लेने में काफी देरी हो गई है। क्योंकि सरकार के ही मुताबिक एक लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक यूपी के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच चुके हैं। 
 
उत्तर प्रदेश सरकार ने लोगों से अपील की है कि जब घर से निकलें तो मास्क जरूर लगाएं। वहीं, अधिकारियों को एक मई के बाद से 18 वर्ष की आयु से अधिक के सभी लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था के लिए सभी जरूरी प्रबन्ध सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।