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कोविड-19 महामारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य कानून का उल्लंघन कर रहे हैं ज्यादातर देश

दुनिया भर के 13 प्रमुख स्वास्थ्य कानून जानकारों के एक संघ ने खुलासा किया है कि अधिकांश देश कोविड-19 जैसी स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों को पूरा नहीं कर रहे हैं।

By Dayanidhi

On: Monday 07 December 2020
 
Most countries are violating international health law during the Covid-19 epidemic.

अधिकांश देश कोविड-19 और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान अपने अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों को पूरा नहीं कर रहे हैं। दुनिया भर के 13 प्रमुख स्वास्थ्य कानून जानकारों के एक संघ द्वारा नए शोध में यह खुलासा किया है। यह शोध यॉर्क यूनिवर्सिटी में ग्लोबल स्ट्रेटेजी लैब (जीएसएल) द्वारा किया गया है।

वैश्विक स्वास्थ्य के सदस्यों ने 2019 में, इबोला और सार्स जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों के दौरान कानूनी तौर पर एक-दूसरे को क्या करने की अनुमति दी है, इसकी आधिकारिक व्याख्या करने के लिए इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन (आईएचआर) के प्रमुख पहलुओं का विश्लेषण किया है।

क्या है इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन (आईएचआर)

डब्ल्यूएचओ के अनुसार जब रोग का प्रकोप और अन्य तीव्र सार्वजनिक स्वास्थ्य के खतरे अक्सर अप्रत्याशित होते हैं और जहां कई तरह के उपाय करने की आवश्यकता होती है, वहां इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन (आईएचआर) एक व्यापक कानूनी ढांचा प्रदान करता है। जो सार्वजनिक कार्यक्रमों और आपात स्थितियों से निपटने में देशों के अधिकारों और दायित्वों को परिभाषित करता है। आईएचआर अंतर्राष्ट्रीय कानून का एक ऐसा दस्तावेज है जसमें 196 देश कानूनी रूप से बधे हैं, और 194 डब्ल्यूएचओ सदस्य राज्य शामिल हैं।

यह कार्य तब और भी प्रासंगिक हो गया जब इस वर्ष की शुरुआत में कोविड-19 महामारी दुनिया भर में फैलने लगी, ग्लोबल हेल्थ कानून के सदस्यों ने समीक्षा की कि अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के आधार पर देशों ने किस तरह प्रतिक्रिया दी, 196 देश जो कानूनी रूप से बधे है उन्हें यह कानून किस तरह रोकते हैं, सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों को किस तरह हल करते हैं।

दक्षिण अफ्रीका में एक सम्मेलन के दौरान, कानूनी विशेषज्ञों के इस समूह ने सर्वसम्मति से विवरण तैयार किया, जो आधिकारिक तौर पर आईएचआर के अनुच्छेद 43 के बारे में बताते हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के खतरों के बारे में बताता है। यह अतिरिक्त स्वास्थ्य उपाय उन देशों की पहचान कर सकते हैं जहां इसकी बहुत अधिक आवश्यकता है। अनुच्छेद 44, जो विभिन्न देशों का आधार तय करता है। इसके तहत देश राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण में एक-दूसरे के सहयोग और सहायता के लिए कानूनी कर्तव्य को पूरा करते हैं।

यॉर्क यूनिवर्सिटी में ग्लोबल स्ट्रेटेजी लैब के निदेशक प्रोफेसर स्टीवन जे हॉफमैन आम सहमति वाले विवरण के वरिष्ठ शोधकर्ता हैं। शोधकर्ता हबीबी कहते हैं कई देशों ने पिछले और अब दोनों कोरोनावायरस के प्रकोप के दौरानजरूरत से ज्यादा उपाय किए हैं, जो बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियम के अनुच्छेद 43 के प्रावधानों को अच्छी तरह से समझा नहीं गया है और शायद यह इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उपयुक्त नहीं है।

आईएचआर के अनुच्छेद 43 के तहत, देशों को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य उपायों को लेने के लिए अपनी संप्रभुता का उपयोग करने की अनुमति दी जाती है, बशर्ते कि इन उपायों से अधिक खतरे न हों। शोध इंटरनेशनल ओर्गनइजेशन्स लॉ रिव्यु में प्रकाशित हुआ है।

हबीबी बताते हैं कि कोविड-19 ने स्पष्ट रूप से दिखाया है कि संक्रामक रोगों के सीमाओं के पार फैलने को रोकने के लिए उचित अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। हमारे विश्लेषण के आधार पर, हम मानते हैं कि वैश्विक समुदाय को कानून की सामान्य समझ की ज़रूरत है। हम इन अनुच्छेदों में निहित कानूनी दायित्वों के स्पष्टीकरण की सलाह देते हैं ताकि भविष्य में सहयोग और महामारी प्रतिक्रियाओं को बढ़ाया जा सके।

अनुच्छेद 44 के अनुसार, आईएचआर में उल्लेख की गई मुख्य सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमताओं को प्रत्येक देश प्राप्त कर सकें और देशों के बीच एक साझा जिम्मेदारी हो, जिसकी देखरेख विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की जाती है।

हॉफमैन नोट ने कहा दुनिया के अधिकांश देश वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के अनुच्छेद 43 और 44 के तहत अपने अंतरराष्ट्रीय कानूनी दायित्वों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसका मतलब है कि जो नियम कोविड-19 जैसी महामारियों के लिए सरकारों द्वारा लिए गए निर्णयों के लिए मार्गदर्शन करने वाले थे, या तो वे अपर्याप्त है या गलत समझे गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के विश्लेषण से वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान देशों के कानूनी दायित्वों की स्पष्टता में मदद मिलेगी, लेकिन अंततः इन नियमों को बेहतर ढंग से लागू करने की आवश्यकता है ताकि हम वैश्वीकृत दुनिया जहां हम सभी रहते है उनकी वास्तविकताओं पर आधारित हों।