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भारत में भी कोरोनावायरस की आहट, 10 में से 4 सैंपल नेगेटिव पाए गए

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 23 जनवरी, 2020 को 60 विमानों के 12,828 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है। जिन पर संदेह है उनकी 28 दिन तक निगरानी होगी।

By Banjot Kaur

On: Friday 24 January 2020
 
Coronavirus. Photo: Wikimedia Commons

नोवेल कोरोनावायरस संक्रमण की आहट भारत में भी सुनाई देने लगी है। भारत में ऐसे 10 मरीजों की निगरानी की जा रही है जिसमें कोरोनावायरस संक्रमण का संदेह है। महाराष्ट्र के मुंबई में दो मरीजों और एक बंग्लुरू में विशेष निगरानी में रखे गए हैं। इनमें वायरस के कुछ हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। देर शाम स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि चार लोगों के सैंपल नेगेटिव पाए गए हैं। 
 
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के वरिष्ठ अधिकारी ने डाउन टू अर्थ से यह पुष्टि की है कि जिन्होंने बीते 14 दिनों में चीन का दौरा किया है उनपर भी कुछ समय के लिए निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय इस मामले पर एक बैठक कर रही है और फिर एक बड़ी तस्वीर पेश की जा सकती है। कर्नाटक में संक्रमण संदेह के आधार पर सात लोगों को पर्यवेक्षण में रखा गया है।

कर्नाटक राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने डाउन टू अर्थ को बताया कि चार लोग जो चीन के वुहान शहर से लौटे हैं वे हमारी निगरानी में है। उनमें कोई लक्षण नहीं मिला है। हम 28 दिन के लिए उन पर निगाह रखेंगे। इन चार लोगो में दो चीन के और दो भारतीय हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि वे एक निजी होटेल में रुके थे। हमने उन्हें अलग रखा है और अगले 28 दिन या उससे कम जब तक कि वे बंग्लुरू में रहेंगे उन की निगरानी की जाएगी। यदि वे इस बीच कहीं आते-जाते हैं तो भी उनपर निगरानी होगी। किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर उन्हें तत्काल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया जाएगा।

कर्नाटक के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि 22 और 23 जनवरी को अलग-अलग दिन दो व्यक्ति बंग्लुरू पहुंचे थे। 22 जनवरी को जो व्यक्ति आया उसमें सर्दी और बुखार के हल्के लक्षण दिखाई दिए थे, जिसके बाद उसे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। वह बंग्लुरू का ही निवासी है। वह चीन में बीजिंग और वुहान दो जगह गया था। वहीं 23 जनवरी को एक व्यक्ति वुहान शहर से आया था, जिसमें संदेह है वह पर्यवेक्षण में है। संबंधित व्यक्ति हैदराबाद का निवासी है जो बाद में वहां भेज दिया गया है।

इसी तरह से 24 जनवरी को एक व्यक्ति पहुंचा जो कि स्वस्थ्य है लेकिन पर्यवेक्षण में है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रोटोकॉल के तहत कोई भी यदि चीन के प्रभावित राज्य से आ रहा है तो उसके 28 दिन तक पर्यवेक्षण में रखा जाएगा।

 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महामारी रोगों के विशेषज्ञ प्रदीप अवाते ने कहा कि महाराष्ट्र में छह लोगों को निगरानी में रखा गया है। मुंबई में दो लोगों में वायरस के हल्के लक्षण मिले थे उन्हें शहर में स्थित कस्तूरबा हॉस्पिटल में रखा गया है। उन्होंने कहा कि उनके पास मरीजों के पास अधिक विवरण नहीं है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट में अब तक चीन के वुहान, गुआनझाउ और फोशान शहर की यात्रा करने वाले छह लोगों के बारे में रिपोर्ट किया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 23 जनवरी, 2020 को 60 विमानों के 12,828 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। 24 जनवरी के बयान का अभी तक इंतजार है। राष्ट्रीय रोग एवं बचाव नियंत्रण केंद्र के मुताबिक वायरस के सामान्य लक्षण नाक बहना, सिरदर्द, कफ के कारण गले में सूजन, बुखार और तबीयत ठीक न लगने का सामान्य एहसास हो सकता है।

 इस बीच 24 जनवरी तक चीन में 881 मामलों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं मरने वालों की संख्या 26 तक पहुंच गई है। इनमें अकेले 20 मौतें वुहान शहर में हुई हैं। वहीं संक्रमण फैलने के डर से चीन में वुहान, शिंताओ, हुआंगगैंग और ईझाऊ को प्राधिकरणों ने चारो तरफ से कैद कर दिया है।  कोरोनोवायरस के मामले थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर, हांगकांग, वियतनाम में भी रिपोर्ट हुए हैं। यूके में भी चार लोगों में संदेह है। वहीं, इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने फिलहाल इसे विश्व स्वास्थ्य आपातकाल मानने से इनकार कर दिया है।