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कोरोनावायरस से निपटने के लिए देश में नई राष्ट्रीय योजना की जरुरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को दिए अपने आदेश में साफ कर दिया है कि देश में कोरोनावायरस से निपटने के लिए अलग से नई राष्ट्रीय नीति बनाने की जरुरत नहीं है

By Susan Chacko, Lalit Maurya

On: Sunday 23 August 2020
 
दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में सरकार द्वारा संचालित एक रैन बसेरे में भोजन करते बेघर मजदूर, फोटो: विकास चौधरी
दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में सरकार द्वारा संचालित एक रैन बसेरे में भोजन करते बेघर मजदूर, फोटो: विकास चौधरी    दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में सरकार द्वारा संचालित एक रैन बसेरे में भोजन करते बेघर मजदूर, फोटो: विकास चौधरी

सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त, 2020 को दिए अपने आदेश में साफ कर दिया है कि देश में कोरोनावायरस से निपटने के लिए अलग से नई राष्ट्रीय नीति बनाने की जरुरत नहीं है। कोर्ट इस मामले में सरकार को नई राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना बनाने और उसे लागु करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत पहले ही अलग-अलग आदेशों के अनुरूप 2019 में एक राष्ट्रीय योजना पहले ही लागु की जा चुकी है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन द्वारा दायर याचिका पर दिया गया है। यह जनहित याचिका कोविड-19 महामारी के मद्देनजर दायर की गई थी। जिसमें कोरोनावायरस से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक नई योजना तैयार, अधिसूचित और लागू करने की मांग की गई थी।

इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने इस महामारी से निपटने और जरुरी मदद देने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के उपयोग की भी मांग की थी। इसके साथ ही यह भी मांग की गई थी कि सभी व्यक्तियों/ संस्थानों से जो भी अंशदान और अनुदान कोविड-19 से निपटने के लिए दिया जा रहा है उसे राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष में जमा कराया जाए। साथ ही अब तक इस उद्देश्य के लिए जो फण्ड पीएम केयर में डाला गया है उसे भी राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष में जमा कराया जाए। कोर्ट ने सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन की इस मांग को अस्वीकार कर दिया है। 

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष और पीएम केयर दो अलग तरह के फण्ड हैं, जिनके उद्देश्य भी अलग हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है कि केंद्र सरकार महामारी से लड़ने में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष का बहुत बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर रही है। इसमें नए दिशानिर्देशों के अनुसार, राज्यों के अनुरोध पर फंड जारी किया जा रहा है।

आदेश के अनुसार पीएम केयर फंड एक अलग तरह का फण्ड है जोकि एक तरह का सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है।

देश में 30 लाख से ज्यादा हो चुके हैं मामले

भारत ही नहीं दुनिया भर के सामने कोरोनावायरस एक बड़ी चुनौती बन गया है। यह बीमारी दुनिया भर में 2 करोड़ से भी ज्यादा लोगों को अपनी गिरफ्त में ले चुकी है। अकेले भारत में इसके 30,44,940 मामले सामने आ चुके हैं। इस संक्रमण से अब तक 56,706 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में 69,239 नए मामले सामने आये हैं और 912 लोगों की मौत हुई। जबकि देश भर में 22,80,565 मरीज ठीक हो चुके हैं।

यदि राज्यस्तर पर देखें तो अब तक महाराष्ट्र में इसके 671,942 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 480,114 ठीक हो चुके हैं। जबकि दूसरे नंबर पर तमिलनाडु है जहां अब तक 373,410 मामले सामने आ चुके हैं। तीसरे नंबर पर आंध्रप्रदेश है, जहां अब तक 345,216 मामले सामने आ चुके हैं। कर्नाटक में 271,876, उत्तरप्रदेश में 182,453, दिल्ली 160,016, पश्चिम बंगाल में 135,596, बिहार में 119,529, तेलंगाना में 104,249, असम में 89,468 जबकि गुजरात में भी अब तक संक्रमण के करीब 85,523 मामले सामने आ चुके हैं।