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वर्ल्ड हेल्थ असेंबली: ताइवान का मुद्दा रहा सबसे गर्म

जेनेवा में आयोजित वर्ल्ड हेल्थ असेंबली में कोरोनावायरस संक्रमण में चीन की भूमिका पर सवाल उठते रहे

By Banjot Kaur

On: Wednesday 20 May 2020
 

दो अफ्रीकी देशों ने 19 मई, 2020 को ताइवान को वर्ल्ड हेल्थ असेंबली (डब्ल्यूएचए) के पर्यवेक्षक के रूप में शामिल करने की मजबूत मांग उठाई।

अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री (यूएस सेक्रेटरी ऑफ हेल्थ) ने भी इसी तरह की मांग की और 18 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की यह कहते हुए भर्त्सना की कि इसने राजनीति की कीमत पर लाखों ताइवानियों के जीवन को खतरे में डाला। 

कैरिबियाई देशों सेंट किट्स और नेविस ने नोवेल कोरोना वायरस बीमारी से कारगर तरीके से निपटने के लिए ताइवान को बधाई दी। ताइवान की 2.4 करोड़ की आबादी में इस बीमारी के केवल 400 मामले सामने आए है।   

इस बीच, 19 मई को पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री ने डब्ल्यूएचए में ताइवान की भागीदारी पर चीन के रूख का पूरी तरह से समर्थन किया। हालांकि, वर्ल्ड हेल्थ असेंबली में ताइवान की भागीदारी का राजनीतिक आधार अब मौजूद नहीं है, क्योंकि चीन ने कहा है, “ये प्रस्ताव गंभीर और आधिकारिक है और चीन इस साल के हेल्थ असेंबली में ताइवान की भागीदारी के लिए सहमत नहीं है। हालांकि इस वर्ष के सम्मेलन का प्रारूप बदल सकता है, लेकिन ताइवान से संबंधित मुद्दों पर चीनी सरकार का रूख बिल्कुल नहीं बदला है।”

अफ्रीका में सामुदायिक प्रसार 

डब्ल्यूएचओ के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख मात्शिदिसो मोएटी ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या कम होने के बावजूद, आधे से अधिक अफ्रीकी देश सामुदायिक प्रसार के शिकार हो चुके हैं। मोइती ने कहा कि महाद्वीप में जांच किट की भारी कमी है। यह स्पष्ट है कि अफ्रीका की स्वास्थ्य प्रणाली कमजोर है, लेकिन जो भी सिस्टम मौजूद है, उसे कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए फिर से तैयार किया गया है। डब्ल्यूएचओ के कुछ मॉडलिंग अध्ययनों ने चेतावनी दी है कि अगर कोविड-19 को नियंत्रित नहीं किया गया तो अफ्रीका में 190,000 लोग मर सकते हैं।

ईरान बनाम अमेरिका 

19 मई को ईरानी प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि कोविड​​-19 के खिलाफ ईरान की लड़ाई अमेरिका द्वारा लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों के कारण बाधित हुई थी। इसने वैश्विक प्रतिक्रिया को भी प्रभावित किया था। प्रतिनिधियों ने कहा कि ईरान ने अमेरिका से एकतरफा प्रतिबंध हटाने की बात न कहने के लिए संयुक्त राष्ट्र को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान में 19 मई को 124,000 केसेज थे। यह दुनिया के सभी देशों के बीच दसवीं सबसे बड़ी संख्या है।

डब्ल्यूएचओ कार्यकारी बोर्ड में भारत 

बोत्सवाना, कोलंबिया, घाना, गिनी- बिसाऊ, मेडागास्कर, ओमान, दक्षिण कोरिया, रूस और यूनाइटेड किंगडम और भारत को डब्ल्यूएचओ कार्यकारी बोर्ड के नए सदस्य के रूप में चुना गया है। इस बोर्ड का मुख्य काम वर्ल्ड हेल्थ असेंबली के निर्णयों को लागू करना है।

संकल्प पारित 

महामारी के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया का मूल्यांकन करने के लिए सौ से अधिक देशों द्वारा पारित संकल्प को डब्ल्यूएचए ने स्वीकार किया है। बिना चीन का नाम लिए, ये संकल्प वायरस के जूनोटिक स्त्रोत की तलाश करने पर भी जोर देता है।

राजनयिक टकराव 

वर्चुअल डब्ल्यूएचए (वर्ल्ड हेल्थ असेंबली की वर्चुअल बैठक) के दूसरे और अंतिम दिन, देशों के बीच राजनयिक टकराव जोरो पर रहा। डब्ल्यूएचए के सत्र 'राइट टू रिप्लाई'  में कुछ देशों ने दूसरों देशों के खिलाफ जम कर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। मसलन, रूस ने यूक्रेन के इस बयान पर आश्चर्य व्यक्त किया कि महामारी के खिलाफ रूस की प्रतिक्रिया ने रूस के कब्जे वाले यूक्रेन के डोनेट्स्क और लुहान्स्क क्षेत्रों को गंभीर रूप से प्रभावित किया। 

यूक्रेन ने कहा था, "दुर्भाग्य से रूसी सशस्त्र कर्रवाई की वजह से यूक्रेन के लिए अपने लोगों तक सीधे सहायता प्रदान करना असंभव बन गया था।" इस आरोप के जवाब में रूस ने कहा कि यूक्रेन अपने 'असफलता' हमारे कंधों पर डालने की कोशिश कर रहा है। 

सीरिया, ईरान और क्यूबा ने अपने ऊपर एकतरफा प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका के भर्त्सना की और आरोप लगाया कि इससे महामारी के खिलाफ उनकी लडाई में बाधाएं आई। अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि ये आरोप गलत है और इन देशों को पर्याप्त "मानवीय छूट" दिए गए थे।

सीरिया ने दूसरा राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल किया और यूएन मानवाधिकार प्रतिनिधि के 2018 की उस टिप्पणी को कोट किया, जिसमें कहा गया था कि ऐसी कोई छूट अस्तित्व में है ही नहीं।

अमेरिका-चीन का झगड़ा बेरोकटोक जारी रहा। चीन ने ताइवान को पर्यवेक्षक का दर्जा नहीं देने के डब्ल्यूएचए के फैसले का दुबारा स्वागत करने के लिए, दूसरी बार राइट टू रिप्लाई का इस्तेमाल किया। जबकि अमेरिका और अन्य देश ताइवान के समर्थन में दिखे। ये देखने वाली बात होगी कि इस साल जब दुबारा डब्ल्यूएचए आयोजित होगी तब क्या डब्ल्यूएचओ ताइवान को पर्यवेक्षक का दर्जा देगा। 

स्थगित हुआ डब्ल्यूएचए

अपने समापन भाषण में, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एदनोम घेब्रेयिसस ने कहा कि वे डब्ल्यूएचओ सहित सभी भागीदारों का मूल्यांकन करेंगे। डब्ल्यूएचए के अध्यक्ष केवा बेइन, जो जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र में बहामास के स्थायी प्रतिनिधि हैं, ने डब्ल्यूएचए को स्थगित करने की घोषणा की।