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एक दिन में एक अंडा खाने से नहीं होता दिल की बीमारी का खतरा

एक अध्ययन में सामने आया है कि अंडे खाने से दिल की बीमारी के खतरे की बात सही नहीं है, सीमित मात्रा में अंडे खाने से बीमारी का खतरा नहीं होता

By Dayanidhi

On: Thursday 13 February 2020
 
Photo: SAYANTONI PALCHOUDHURI
Photo: SAYANTONI PALCHOUDHURI Photo: SAYANTONI PALCHOUDHURI

आपके दिल के लिए अंडे अच्छे हैं या बुरे, इस बारे में चले रहे विवाद पर विराम लग सकता है, क्योंकि अब कहा जा रहा है कि एक दिन में एक अंडा खाना ठीक है। कनाडा की मैकमास्टर यूनिवर्सिटी और हैमिल्टन हेल्थ साइंसेज के जनसंख्या स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान (पीएचआरआई) के शोधकर्ताओं की एक टीम ने तीन बड़े, लंबी अवधि के बहुराष्ट्रीय अध्ययनों के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद इसका हल खोजा है। यह अध्ययन द अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित हुआ है।

परिणाम बताते हैं कि अंडे का सेवन करने से कोई नुकसान नहीं होता है। अध्ययनकर्ता और पीएचआरआई अन्वेषक महशिद देहघन कहती हैं कि अध्ययन में अधिकांश व्यक्तियों ने प्रति दिन एक या उससे कम अंडों का सेवन किया था, जिन्हें कुछ नहीं हुआ। 

देहघन ने कहा कि नियंत्रित मात्रा में अंडों का सेवन हृदय रोग या मृत्यु के खतरे को नहीं बढ़ाता है, भले ही लोगों को हृदय रोग या मधुमेह की हिस्ट्री ही क्यों न हो। इसके अलावा अंडे का सेवन और रक्त कोलेस्ट्रॉल के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया। ये परिणाम स्वस्थ और बीमार दोनों लोगों पर लागू होते हैं।

हालांकि अंडे आवश्यक पोषक तत्वों का एक सस्ता स्रोत हैं, कुछ दिशानिर्देशों ने सप्ताह में तीन से कम अंडे का सेवन करने की सिफारिश की है, क्योंकि वे हृदय रोग के खतरों को बढ़ाते हैं।

मुख्य अध्ययनकर्ता और पीएचआरआई के निदेशक सलीम यूसुफ ने कहा अंडे की खपत और रोगों पर पिछले अध्ययन विरोधाभासी रहे हैं। पहले के अध्ययनों में कहा गया है कि अंडे में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज़्यादा होती है। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा ऐसा इसलिए है क्योंकि इनमें से अधिकांश अध्ययन आकार में अपेक्षाकृत छोटे या मध्यम थे और इनमें बड़ी संख्या में अलग-अलग देशों के लोगों को शामिल नहीं किया गया था।

शोधकर्ताओं ने पीएचआरआई द्वारा किए गए तीन अंतर्राष्ट्रीय अध्ययनों का विश्लेषण किया। इसमें 21 देशों के 146,011 व्यक्तियों के द्वारा अंडों की खपत का स्पष्ट अध्ययन किया गया। इसमें योजनापूर्ण तरीके से वैस्कुलर डिजीज के 31,544 रोगियों को अध्ययन में शामिल किया गया था।

यूसुफ ने कहा इन तीन अध्ययनों के आंकड़ों में विभिन्न आय स्तरों के छह महाद्वीपों में फैले 50 देशों की आबादी शामिल है, इसलिए परिणाम व्यापक रूप से लागू होते हैं।