आपको अपने सर के बाल बचाने हैं तो कम खाएं वसा युक्त भोजन : अध्ययन

शोधकर्ताओं ने पाया कि मोटापे की वजह से हेयर फॉलिकल स्टेम सेल (एचएफएससी) की कमी हो सकती है, जिससे दोबारा उगना बंद हो जाते हैं

By Dayanidhi

On: Wednesday 29 September 2021
 
आपको अपने सर के बाल बचाने है तो कम खाएं वसा युक्त चीजें

यह लगभग सभी जानते हैं कि मोटापा इंसानों में कई बीमारियों को बढ़ता है। मोटे व्यक्तियों में हृदय रोग, मधुमेह और अन्य बीमारियां बेहद आम हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक दुनिया भर में सन 2000 तक मोटापे से ग्रसित वयस्कों की संख्या बढ़कर 30 करोड़ से अधिक हो गई है।

विकासशील देशों में लगभग 11.5 करोड़ से अधिक लोग मोटापे से संबंधित समस्याओं से पीड़ित हैं। हालांकि, यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि शरीर के अंग विशेष रूप से कैसे खराब होते हैं और लगातार चले आ रहे या पुराने मोटापे से कार्यक्षमता कैसे कम होती है।

टोक्यो मेडिकल एंड डेंटल यूनिवर्सिटी (टीएमडीयू) के शोधकर्ताओं की एक टीम ने माउस मॉडल प्रयोगों का उपयोग अधिक वसा और बालों के झड़ने के बीच संबंध का पता लगाने के लिए किया है। उन्होंने इस बात की जांच की कि क्या खाने में अधिक वसा का उपयोग या आनुवंशिक रूप से होने वाले मोटापे के चलते बालों के पतले होने और झड़ने को किस तरह प्रभावित कर सकता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि मोटापे की वजह से कुछ उत्तेजक संकेतों के शामिल होने से हेयर फॉलिकल स्टेम सेल (एचएफएससी) की कमी हो सकती है, जिससे बालों का पुन: उगना अवरुद्ध हो जाता है और अंततः बालों के रोम का नुकसान होता है।

आम तौर पर, हेयर फॉलिकल स्टेम सेल (एचएफएससी) प्रत्येक बाल के रोम चक्र को स्वयं दोहराते हैं। यह उस प्रक्रिया का हिस्सा है जो हमारे बालों को लगातार बढ़ने देती है। मनुष्य की बढ़ती उम्र की वजह से, कम एचएफएससी या एचएफएससी खुद को फिर से भरने में विफल हो जाते हैं और इसलिए बाल पतले हो जाते हैं।

हालांकि अधिक वजन वाले लोगों में हार्मोन संबंधी या एंड्रोजेनिक गंजापन का खतरा अधिक होता है, मोटापा बालों के पतले होने को कैसे बढ़ाता है, कैसे काफी हद तक आणविक तंत्र के बारे में सही जानकारी नहीं है। टोक्यो मेडिकल एंड डेंटल यूनिवर्सिटी (टीएमडीयू) की टीम ने उन प्रश्नों के हल ढूंढने का लक्ष्य रखा और कुछ तंत्रों की पहचान की।

चूहों पर उच्च वसा वाले आहार या हाई फैट डाइट (एचएफडी) का प्रयोग

अधिक वसा वाले आहार से हेयर फॉलिकल स्टेम सेल (एचएफएससी) को कम करके बालों के पतले होने में तेजी आती है जो बालों को उगाने वाली परिपक्व कोशिकाओं को फिर से भर देते हैं, खासकर पुराने चूहों में। प्रमुख-अध्ययनकर्ता हिरोनोबु मोरीनागा कहते हैं कि हमने पाया कि उच्च वसा वाले आहार या हाई फैट डाइट (एचएफडी) खिलाए गए चूहों और मानक आहार-खिलाए गए चूहों के बीच एचएफएससी में जीन अभिव्यक्ति की तुलना की और उनके सक्रिय होने के बाद उन एचएफएससी के परिणाम का पता लगाया।

हमने पाया कि उच्च वसा वाले आहार या हाई फैट डाइट (एचएफडी) खिलाए गए मोटापे से ग्रस्त चूहों में एचएफएससी अपने फेट को त्वचा की सतह कॉर्नोसाइट्स या सेबोसाइट्स में बदल देते हैं जो उनके सक्रिय होने पर सेबम को स्रावित करते हैं। उन चूहों में एचएफएससी की कमी होने से तेजी से बालों के झड़ने और छोटे बालों के रोम दिखाई देते हैं।

यहां तक ​​कि लगातार चार दिनों में एचएफडी खिलाए जाने पर, एचएफएससी बढ़े हुए ऑक्सीडेटिव तनाव और त्वचा संबंधी अंतर या एपिडर्मल दिखाई देते हैं।

शोधकर्ता एमी के. निशिमुरा ने बताया कि जिन चूहों को खाने में बहुत ज्याद वसा दिया गया था उनमें एचएफएससी में जीन अभिव्यक्ति ने एचएफएससी के भीतर उत्तेजक साइटोकिन सिग्नलिंग की सक्रियता का संकेत दिया। एचएफएससी में उत्तेजक संकेत सोनिक हेजहोग सिग्नलिंग को तेजी से दबाते हैं जो बालों के रोम में एचएफएससी के दोबारा उगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शोधकर्ताओं ने पुष्टि की कि इस प्रक्रिया में सोनिक हेजहोग सिग्नलिंग मार्ग की सक्रियता एचएफएससी की कमी को दूर कर सकती है। निशिमुरा ने कहा यह उच्च वसा वाले आहार लेने की वजह से झड़ने वाले बालों को रोक सकता है। यह अध्ययन नेचर में प्रकाशित हुआ है।

यह अध्ययन विशिष्ट कोशिकाओं में होने वाले परिवर्तन और ऊतक रोग के बारे में नई और दिलचस्प जानकारी प्रदान करता है जो उच्च वसा वाले आहार या आनुवंशिक कारणों से होने वाले मोटापे के बाद हो सकता है। भविष्य में बालों के पतले होने की रोकथाम और उपचार के साथ-साथ मोटापे से संबंधित रोगों को समझने के लिए यह नए रास्ते दिखा सकता है।