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मोटापा हो सकता है कैंसर का एक कारण, शोध में किया गया दावा

एक अध्ययन से पता चला है कि यदि कोई व्यक्ति 40 वर्ष की आयु से पहले अधिक वजन वाले हैं, तो उसमें कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है

By Dayanidhi

On: Monday 14 October 2019
 
Photo: GettyImages
Photo: GettyImages Photo: GettyImages

एक अंतरराष्ट्रीय शोध में यह दावा किया गया है कि एक वयस्क जिनका वजन (बीएमआई 25 से अधिक) और मोटापा (बीएमआई 30 से अधिक) है, तो उनमें विभिन्न प्रकार के कैंसर के खतरे बढ़ जाते हैं।

क्या है बीएमआई

बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) यह आपके शरीर का वजन और लंबाई का अनुपात है। इसे जानने का एक आसान सूत्र है, बीएमआई के आधार पर यह पता लगा सकते हैं कि आपका वजन अधिक हैं या आप अंडर वेट है। बीएमआई = वजन (किलोग्राम में)/ (ऊंचाई (मीटर में)2

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन से पता चला है कि यदि कोई व्यक्ति 40 वर्ष की आयु से पहले अधिक वजन वाले हैं, तो उसमें कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इनमें एंडोमेट्रियल कैंसर होने की 70 फीसदी आशंका रहती है। पुरुष वृक्क-कोशिका (रेनाल सेल) कैंसर की 58 फीसदी आशंका रहती है जबकि पुरुष में पेट के कैंसर की 29 फीसदी आशंका रहती है, जबकि मोटापे से संबंधित कैंसर महिलाओं और पुरुषों दोनों में 15 फीसदी होने की आशंका रहती है।

बर्गन विश्वविद्यालय के ग्लोबल पब्लिक हेल्थ एंड प्राइमरी केयर विभाग के प्रोफेसर टोन बोज्रगे कहते हैं, इस अध्ययन में पाया गया कि कई तरह के कैंसर के लिए मोटापा मुख्य रूप से जिम्मेदार है।

मोटापा समय के साथ खतरों को बढ़ाता है

शोधकर्ताओं ने वयस्कों के दो या अधिक बार वजन लेकर उन्हें  इसमें शामिल किया, संभावित कैंसर जांच से पहले इनका कम से कम तीन साल में अलग-अलग बार वजन लिया गया। औसतन, इन व्यक्तियों की लगभग 18 वर्षों तक जांच की गई।

पहले और दूसरे स्वास्थ्य परीक्षण में मोटापे से ग्रस्त प्रतिभागियों जिनका बीएमआई 30 से अधिक था, उनमें सामान्य बीएमआई वाले प्रतिभागियों की तुलना में मोटापे से संबंधित कैंसर के होने का सबसे अधिक खतरा था। बोज्रगे ने बताया कि, खतरे में पुरुष प्रतिभागियों के लिए 64 फीसदी और महिलाओं के लिए 48 फीसदी की वृद्धि देखी गई।

वजन बढ़ाने से बचें

मोटापा एक वैश्विक चुनौती है और कई प्रकार के कैंसर के बढ़ते खतरे से जुड़ी है। अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि अधिक वजन वाले और मोटे वयस्कों में पोस्टमेनोपॉज़ल ब्रेस्ट, एंडोमेट्रियल, रीनल-सेल और कोलोन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

टोन बोज्रगे कहते हैं कि हम स्पष्ट रूप से बताना चाहते है कि वजन बढ़ने से रोकना कैंसर के खतरों को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति हो सकती है।

 

शोधकर्ताओं ने नॉर्वे, स्वीडन और ऑस्ट्रिया के प्रतिभागियों के साथ, 'मी-कैन’ अध्ययन से 220,000 व्यक्तियों के डेटा का उपयोग किया। स्वास्थ्य परीक्षणों के डेटा, जिसमें ऊंचाई और वजन के बारे में जानकारी शामिल है, ये आंकड़े राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्रियों के आंकड़ों से जुड़े थे। 27 881 व्यक्तियों को फॉलो-अप के दौरान कैंसर का पता चला था, जिनमें से 9761 (35 फीसदी) मोटापे से संबंधित थे।