माइक्रोब की हुई खोज, मलेरिया फैलने से रोकने में मिल सकती है कामयाबी

अध्ययन में पाया गया कि माइक्रोस्पोरिडिया एमबी नामक सूक्ष्म जीव प्रजनन के दौरान एक मच्छर से दूसरे मच्छर में जा सकता है। यह संक्रमित मच्छरों से मलेरिया परजीवियों के फैलने को रोक सकता है।

By Dayanidhi

On: Friday 13 August 2021
 
माइक्रोब की हुई खोज मलेरिया फैलने से रोकने में मिल सकती है कामयाबी
फोटो : विकिमीडिया कॉमन्स फोटो : विकिमीडिया कॉमन्स

दुनिया के कई हिस्सों में मलेरिया रोग अच्छे स्वास्थ्य और आर्थिक विकास के लिए एक बड़ी बाधा बनकर सामने आया है। खासकर उप-सहारा अफ्रीका में मलेरिया स्वास्थ्य को लेकर एक प्रमुख खतरा बना हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक इस इलाके में वैश्विक मलेरिया के 93 फीसदी से अधिक मामले और मौतें होती हैं। अब मलेरिया से निजात पाने के लिए वैज्ञानिकों ने अध्ययन के माध्यम से एक नई तरकीब खोजी है।  

अध्ययन में कहा गया है कि एक सूक्ष्म जीव जो नर और मादा मच्छरों के बीच फैलता है, लेकिन यह उनके प्रजनन को भी रोक सकता है। मच्छरों की आबादी में इस सूक्ष्म जीव को छोड़ने से मलेरिया को नियंत्रित किया जा सकता है।

अध्ययन में पाया गया कि माइक्रोस्पोरिडिया एमबी नामक सूक्ष्म जीव प्रजनन के दौरान एक मच्छर से दूसरे मच्छर में जा सकता है। यह संक्रमित मच्छरों से मलेरिया परजीवियों के फैलने को रोक सकता है।

केन्या के इंटरनेशनल सेंटर ऑफ कीट फिजियोलॉजी (आईसीआईपीई) के वैज्ञानिक और अध्ययनकर्ता जेरेमी हेरेन कहते हैं कि यह खोज सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए मलेरिया को नियंत्रित किया जा सकता है। माइक्रोस्पोरिडिया एमबी को एक उपकरण के रूप में उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, माइक्रोस्पोरिडिया एमबी नामक सूक्ष्म जीव को व्यावहारिक रूप से उपयोग करने के लिए, शोधकर्ताओं को इसे मच्छरों की आबादी में फैलाने का एक तरीका खोजना होगा।

हेरेन ने बताता है कि मलेरिया नियंत्रण के महत्वपूर्ण उपकरणों जैसे कि बेड नेट के बढ़ते उपयोग से पिछले 20 वर्षों में मलेरिया के मामलों में बड़ी गिरावट आई है, लेकिन अब मलेरिया से लड़ने में प्रगति रुक गई है। इसका एक कारण यह है कि मच्छर उपचारित बेड नेट में आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले कीटनाशकों के प्रति प्रतिरोधी होते जा रहे हैं। जिससे पता चलता है कि अब रोग-नियंत्रण उपकरण विकसित करने की आवश्यकता है।

हेरेन कहते हैं कि इसलिए, यह अध्ययन मलेरिया को नियंत्रित करने के लिए एक पूरी तरह से नई और संभावित परिवर्तनकारी रणनीति के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मलेरिया का बोझ अफ्रीका में विकास लक्ष्यों के लिए एक बड़ी चुनौती देता है। वैश्विक मलेरिया के 93 प्रतिशत से अधिक मामले और मौतें अफ्रीका में होती हैं, जिसके व्यापक सामाजिक और आर्थिक परिणाम होते हैं।

फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित यह अध्ययन 2019 में प्रयोगशाला परिस्थितियों में मच्छरों पर प्रयोगों के माध्यम से शुरू किया गया था। इसमें यह देखने के लिए उपकरणों का उपयोग शामिल था कि हरेक मच्छर में माइक्रोस्पोरिडिया एमबी है या नहीं। शोधकर्ताओं ने मच्छरों के वृषण और अंडाशय में माइक्रोस्पोरिडिया एमबी का निरीक्षण करने के लिए फ्लोरोसेंस माइक्रोस्कोपी नामक एक विधि का भी इस्तेमाल किया।

हेरेन के कहा कि हमारा अगला कदम मलेरिया फैलने को नियंत्रित करने के लिए मच्छरों की आबादी में माइक्रोस्पोरिडिया एमबी फैलाने के लिए एक व्यावहारिक रणनीति विकसित करना है। अध्ययनकर्ता ने कहा हम अधिक मलेरिया फैलने वाले इलाकों में माइक्रोस्पोरिडिया एमबी से लदे नर मच्छरों को छोड़ने की रणनीति तलाश रहे हैं। ये नर अपने प्राकृतिक जीवन चक्र के साथ जारी रहेंगे, जंगली मादा मच्छरों को सूक्ष्म जीव से संक्रमित करेंगे, जो उनके संतानों को मलेरिया अवरुद्ध करने वाले गुण से संक्रमित करेंगे।

तंजानिया में इफकारा हेल्थ इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक ब्रायन तारिमो का कहना है कि यौन प्रजनन के दौरान विपरीत लिंग के मच्छरों के बीच सूक्ष्म जीव का संचार होता है, जिससे मलेरिया को नियंत्रित करने वाले हस्तक्षेप को उनकी पूरी तरह अपनी आबादी में फैलाना आसान हो जाता है।

अध्ययनकर्ता कहते हैं कि इस क्षेत्र में इसकी तैनाती को बहुत आसान बनाता है क्योंकि इसमें मानवीय परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होती है। इसके अलावा, माइक्रोस्पोरिडिया एमबी मच्छरों में लागत नहीं लगती है। इसके खिलाफ प्रतिरोध विकसित करने की संभावना बहुत कम है।

टैरिमो के अनुसार, रोग नियंत्रण पद्धति के रूप में सूक्ष्म जीव को अपनाना आसान होगा, लेकिन इसके लिए नियामकों, नीति निर्माताओं और समुदाय के सदस्यों के साथ प्रभावी ढंग से जुड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने मलेरिया की आशंका वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य नीति निर्माताओं से मलेरिया को नियंत्रित करने के लिए एक नया उपकरण बनाने हेतु निष्कर्षों का उपयोग करने में निवेश करने का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा कि रुझान बताते हैं कि मलेरिया के मामलों में कमी हुई है जबकि कुछ क्षेत्रों में वृद्धि हुई है। इसलिए, नया नियंत्रण उपकरण विकसित किए जा रहे हैं। इसे नियंत्रण टूलबॉक्स में जोड़ने के लिए गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।