Science & Technology

आईआईटी शोधकर्ताओं ने नेत्रहीनों के लिए बनाया ब्रेल लैपटॉप

यह ब्रेल डिस्प्ले युक्त रिफ्रेशेबल लैपटॉप है, जिसमें नेत्रहीनों के अनुकूल ईमेल, कैलकुलेटर और वेब ब्राउजर जैसे एप्लीकेशन्स शामिल हैं 

 
By Umashankar Mishra
Last Updated: Friday 01 March 2019

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली के शोधकर्ताओं ने डॉटबुक नामक एक ऐसा ब्रेल लैपटॉप विकसित किया है, जो नेत्रहीनों के लिए उपयोगी हो सकता है।

यह ब्रेल डिस्प्ले युक्त रिफ्रेशेबल लैपटॉप है, जिसमें नेत्रहीनों के अनुकूल ईमेल, कैलकुलेटर और वेब ब्राउजर जैसे एप्लीकेशन्स शामिल हैं। इसके अलावा, लैपटॉप में थर्ड पार्टी ऐप्स का उपयोग भी किया जा सकता है।

डॉटबुक को 20पी और 40क्यू समेत दो वेरिएंट्स में लॉन्च किया गया है। विशेष रूप से डिजाइन किए गए इसके हैंड-रेस्ट की मदद से अधिक कुशलता के साथ लंबे समय तक काम किया जा सकता है।

इन दोनों लैपटॉप में रिफ्रेशेबल ब्रेल डिस्प्ले लगाया गया है। 40क्यू वेरिएंट में एक पंक्ति में अधिकत 40 कैरेक्टर होते हैं, जो क्वर्टी कीबोर्ड और ब्रेल कीबोर्ड से लैस है। जबकि, इस लैपटॉप के 20पी वेरिएंट की एक पंक्ति में 20 कैरेक्टर होते हैं। वाईफाई, ब्लूटुथ और यूएसबी जैसे कनेक्टिविटी विकल्प भी इन लैपटॉप में दिए गए हैं।

देश के विभिन्न हिस्सों किए गए ट्रायल के बाद मिली यूजर्स की प्रतिक्रिया के आधार पर इसे विकसित किया गया है। डॉटबुक को बनाने का उद्देश्य दृष्टिबाधित व्यक्तियों को कार्यालय अथवा शैक्षिक वातावरण में और स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए सक्षम बनाना है। दृष्टिहीनों के सामाजिक समावेश और उनको शिक्षा तथा रोजगार में समान अवसर उपलब्ध कराने में भी यह लैपटॉप उपयोगी हो सकता है।

इस परियोजना के प्रमुख आईआईटी-दिल्ली के प्रोफेसर एम. बालाकृष्णन के अनुसार, “उन्नत तकनीकों, कम ऊर्जा खपत वाले इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर और उपयोगकर्ताओं के अनुकूल डिजाइन से लैस यह एक बहुआयामी डिवाइस  है। इसे विकसित करने में शिक्षाविदों के साथ दो उद्योग साझेदारों और एक उपयोगकर्ता संस्था की भूमिका रही है।”

आईआईटी-दिल्ली के शोधकर्ताओं ने क्रिटिकल सॉल्यूशन्स, नोएडा, फिनिक्स मेडिकल सिस्टम्स, चेन्नई, सक्षम ट्रस्ट, नई दिल्ली और ब्रिटेन के वेलकम ट्रस्ट के सहयोग से यह लैपटॉप विकसित किया है। लैपटॉप का उत्पादन, रखरखाव और मार्किटिंग क्रिटिकल सॉल्यूशन्स कंपनी द्वारा किया जाएगा। वहीं, इसमें उपयोग किए गए रिफ्रेशेबल ब्रेल सेल मॉड्यूल्स का उत्पादन और मार्किटिंग फिनिक्स मेडिकल सिस्टम्स द्वारा की जाएगी।

आमतौर पर प्रचलित 40 सेल वाले रिफ्रेशेबल ब्रेल उपकरण बनाने में करीब 1.78 लाख रुपए का खर्च आता है। महंगा होने के कारण जरूरतमंदों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाता है।

इस अध्ययन से जुड़े आईआईटी-दिल्ली के शोधकर्ता पुलकित सप्रा ने इंडिया साइंस वायर को बताया कि डॉटबुक को आईआईटी-दिल्ली द्वारा विकसित शेप मेमोरी एलॉय तकनीक की मदद से बनाया गया है, जिसके कारण इसकी लागत कमी आई है। इस तकनीक के उपयोग से 40क्यू वेरिएंट की कीमत कम होकर 60,000 रुपये और 20पी वेरिएंट की 40,000 रुपए हो गई है।

सक्षम ट्रस्ट के प्रबंध निदेशक दीपेंद्र मनोचा के मुताबिक, “डॉटबुक ब्रेल उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल दुनिया से जुड़ने के रास्ते खोलने में मददगार हो सकता है। इसकी मदद से ब्रेल लिपि पढ़ने-लिखने वाले लोग दुनिया के साथ सहज रूप से संवाद कर सकते हैं।”

इस लैपटॉप की कीमत कम होने का लाभ उनको भी मिल सकेगा, जो महंगा होने कारण पहले इसके उपयोग से वंचित रह जाते थे। डॉटबुक की बुकिंग मार्च में खुल जाएगी और इस साल के अंत तक डिलीवरी शुरू हो जाएगी। (इंडिया साइंस वायर)

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