Economy

महिलाओं को नहीं मिल रहा है व्यवसाय में प्रतिनिधित्व: आईएलओ

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने व्यवसाय एवं प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका विषय पर अपनी दूसरी वैश्विक रिपोर्ट जारी की है।

 
By DTE Staff
Last Updated: Tuesday 28 May 2019
Photo Credit: Getty Image
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अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने व्यवसाय एवं प्रबंधन में महिलाओं की भूमिका विषय पर अपनी दूसरी वैश्विक रिपोर्ट जारी की है। इसमें 70 देशों में लगभग 13,000 संस्थानों में सर्वेक्षण किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन कंपनियों में सर्वेक्षण किया गया, उनमें से लगभग 60 प्रतिशत कंपनियों में वरिष्ठ प्रबंधक और शीर्ष पदों पर 30 प्रतिशत से कम महिलाएं हैं। वहीं, प्रवेश स्तर के प्रबंधन पदों पर 50 फीसदी कंपनियों में 30 प्रतिशत से कम हैं।

आईएलओ ब्यूरो फॉर इम्प्लॉयर्स एक्टिविटीज के निदेशक डेबोरा फ्रांस-मासिन ने कहा कि हम चाहते हैं कि लैंगिक विविधता और व्यावसायिक सफलता के बीच एक सकारात्मक संबंध दिखाई दें, लेकिन सर्वेक्षण में जो परिणाम देखने को मिले हैं, वे चौंकाने वाले हैं। मासिन ने कहा कि कंपनी में महिलाओं की भागीदारी होने पर दो से तीन प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफा होता है, तो व्यवसाय में महिलाओं के महत्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। कंपनियों को इसे केवल मानव संसाधन समस्या नहीं मानना चाहिए, बल्कि लिंग संतुलन की दृष्टि से भी देखना चाहिए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लिंग-समावेशी संस्कृति वाली कंपनियां में लाभ और उत्पादकता में सुधार होने की संभावना 60 प्रतिशत से अधिक हैं, जबकि इस तरह की कंपनियों में व्यापार के प्रदर्शन में सुधार की संभावना 9 प्रतिशत अधिक होती है। श्रम बाजार में पर प्रकाश डालते हुए, रिपोर्ट कहती है कि, दुनिया भर में, श्रम बाजार में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को अभी भी अधिक मौके दिए जाते हैं। 2018 में महिलाओं की औसत वैश्विक श्रम बल भागीदारी दर 48.5 प्रतिशत थी, जबकि पुरुषों की संख्या 75 प्रतिशत थी। यह श्रम बल की भागीदारी में 26.5 प्रतिशत अंक के लैंगिक अंतर के बराबर है।

एशिया और प्रशांत क्षेत्र में 1991 में औसत महिला श्रम बल भागीदारी दर 52.9 से घटकर 2018 में 45.3 प्रतिशत हो गई है, जो 7.6 प्रतिशत अंक है। कंपनियों में बेहतर लिंग-संतुलन के मामले को और मजबूत करने के लिए, आईएलओ ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के एक अध्ययन की ओर इशारा किया है, जिसमें भविष्यवाणी की गई है कि यदि श्रम बाजार की भागीदारी में वैश्विक लिंग अंतर 2025 तक 25 प्रतिशत तक पहुंच जाए, तो वैश्विक स्तर पर जीडीपी में लगभग 5.3 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे समय में जब कुशल श्रमिकों की कमी है, महिलाएं एक बड़े प्रतिभा समूह का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं। जो कंपनियां स्मार्ट हैं और वैश्विक स्तर पर सफल होना चाहती हैं, उन्हें लिंग विविधता को अपनी व्यापार रणनीति का हिस्सा बनाना चाहिए। इस काम के लिए व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों, व्यापार संगठनों को प्रभावी नीतियों और वास्तविक कार्यान्वयन, दोनों को बढ़ावा देना चाहिए।

 

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