Forests

भारत में बाघों की संख्या 2967 हुई, मध्यप्रदेश में सबसे अधिक

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में बाघों की गणना की रिपोर्ट जारी की। इसके मुताबिक, 2014 के मुकाबले 2018 में 30 फीसदी इजाफा हुआ है  

 
By Raju Sajwan
Last Updated: Monday 29 July 2019
Photo: Mayukh Chatterjee/WTI
Photo: Mayukh Chatterjee/WTI Photo: Mayukh Chatterjee/WTI

सोमवार को प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में बाघों की गणना रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में बताया गया कि 2018 में बाघों की संख्या 2967 हो गई है। यह संख्या 2014 में 2226 थी, इसमें लगभग 33 फीसदी का इजाफा हुआ है। 

बांध इससे पहले 2006, 2010 और 2014 में बाघों की गणना रिपोर्ट जारी की जा चुकी है। देश में बाघों के संरक्षण का यह काम राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एनटीसीए की देखरेख में चल रहा है। पूरे विश्व में बाघों की तेजी से घटती संख्या के प्रति संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाने को लेकर हर साल 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। इस दिन विश्व भर में बाघों के संरक्षण से संबंधित जानकारियों को साझा किया जाता है और इस दिशा में जागरूकता अभियान चलाया जाता है।

वर्ष 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में बाघ सम्मेलन में बाघों के संरक्षण के लिए हर साल  अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। तब से प्रति वर्ष दुनिया भर में मनाया जाता है। इस सम्मेलन में 13 देशों ने हिस्सा लिया था और उन्होंने 2022 तक बाघों की तादात में दोगुनी बढ़ोत्तरी का लक्ष्य रखा गया था।

किस राज्य में कितने बाघ मिले

बिहार : 31

उत्तराखंड: 442

उत्तर प्रदेश: 173

आंध्रप्रदेश: 48

तेलंगाना: 26

छत्तीसगढ़ : 19

झारखंड: 5

मध्यप्रदेश: 526

महाराष्ट्र: 312

ओडिशा: 28

राजस्थान: 69

गोवा : 3

कर्नाटक: 524

केरल: 190

तमिलनाडु: 264

अरुणाचल प्रदेश: 29

आसाम: 190

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