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उत्तराखंड में फिर बादल फटने से तबाही

उत्तराखंड में इससे पहले इस सीजन में बादल फटने की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सात लोगों की मौत हो चुकी है। 

By Trilochan Bhatt

On: Sunday 18 August 2019
 
उत्तराखंड के आराकोट में पब्बर नदी ने मचाई तबाही। फोटो: त्रिलोचन भट्‌ट
उत्तराखंड के आराकोट में पब्बर नदी ने मचाई तबाही। फोटो: त्रिलोचन भट्‌ट उत्तराखंड के आराकोट में पब्बर नदी ने मचाई तबाही। फोटो: त्रिलोचन भट्‌ट

उत्तराखंड में एक बाद फिर बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इस बार उत्तरकाशी जिले के सुदूरवर्ती विकासखंड मोरी के कई गांवों में भारी नुकसान हुआ है। यहां बहने वाली दो नदियां पब्बर और टौंस उफान पर हैं और भारी तबाही मचा रही हैं। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक आराकोट और अन्य क्षेत्रों में दर्जनभर लोगों के लापता हैं। राज्य में इस सीजन में इससे पहले बादल फटने की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सात लोगों की मौत हो चुकी है। मोरी में हुई तबाही इस सीजन की सबसे बड़ी तबाही बताई जा रही है। 

अब तक मिली सूचनाओं के मोरी विकासखंड में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां पब्बर नदी उफान पर है। गांव मौंडा, खकवाड़ी, चिवां, गोकुल ग्राम और माकुड़ी में मकान गिर जाने के कारण 5 से 7 लोग मलबे में दब गये हैं और कुछ लोगों का पता नही चल पाया है। टिकोची बाजार भूस्खलन की चपेट में आ गया और वहां खड़ी गाड़ियां बह गई हैं या भूस्खलन से आये मलबे में दब गई हैं। यहां का प्राइमरी स्कूल भी बह गया है। मुख्य पुल बह गया है। लोग बाजार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई मदद नहीं पहुंची है। लोग अपना घर छोड़कर पहाड़ की ओर जा रहे हैं, लेकिन यहां भी भूस्खलन की संभावनाएं बनी हुई हैं। अफरा-तफरी की स्थिति में कई लोगों को चोटें आ गई हैं।

बंगाण क्षेत्र में भी अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है। लगातार बारिश व गदेेरों में पानी बढ़ जाने से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बंगाण क्षेत्र की छोटी-छोटी पांच पुलिया बह गई हैं, जिससे लोग एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। धरासू-गंगोत्री राजमार्ग चुंगी-बड़ेथी के पास रात से पत्थर गिर रहे है। जोशियाड़ा और मनेरा के बीच गंगोत्री हाईवे का एक बड़ा हिस्सा बह गया है और यहां आवाजाही बंद है।

टौंस नदी का जलस्तर बढ़ने से देहरादून जिले का त्यूणी बाजार भी खतरे की जद में आ गया है और लोग सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। यहां हेलीपैड भी पानी में डूब गया है। कैम्पटी-यमुनोत्री राजमार्ग भूस्खलन के बाद बाधित है। मोरी विकासखंड के आराकोट में भी भारी तबाही की सूचना है। यहां दो अध्यापकों सहित कुछ अन्य लोगों के लापता होने की सूचना है। फिलहाल आराकोट बाजार को खाली कर दिया गया है और लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गये हैं। विकासखंड मुख्यालय मोरी में भी नदी में उफान के कारण कई दुकाने और घर खतरे की जद में आ गये हैं। मोरी में भी लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।

उत्तरकाशी जिला प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव टीमें सुबह ही आराकोट और माकुड़ी सहित अन्य प्रभावित इलाकों में भेज दी गई हैं। इसके अलावा जरूरी सामान भी भेजा जा रहा है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों को कहना है कि जगह-जगह सड़कें बंद होने से प्रभावित इलाकों तक पहुंच पाना कठिन हो रहा है।