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वायु प्रदूषण से गर्भवती महिलाओं को हो सकता है थायरायड, भ्रूण के मस्तिष्क को खतरा

एक अध्ययन में पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान पीएम2.5 के संपर्क में आने वाली महिलाओं में हाइपोथायरोक्सिमिया होने की 21 फीसदी अधिक आशंकाएं हैं  

By Dayanidhi

On: Friday 25 October 2019
 

Photo: Pixabay

गर्भावस्था के पहले तिमाही के दौरान वायु प्रदूषण के संपर्क में आने वाली महिलाओं को सामान्य महिलाओं की तुलना में थायराइड रोग होने की आशंका रहती है। एक अध्ययन का यह निष्कर्ष जेएएमए नेटवर्क ओपन पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

वायु प्रदूषण स्त्री-हार्मोन (एस्ट्रोजन) को प्रभावित करता है, लेकिन थायराइड का उन पर किस तरह से प्रभाव पड़ता है इसके बारे में अभी तक अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं थी। यहां यह उल्लेखनीय है कि भ्रूण के मस्तिष्क के विकास में थायरॉयड की भूमिका होती है।

इस अध्ययन से जुड़े न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में बाल रोग विभाग, पर्यावरण चिकित्सा और जनसंख्या स्वास्थ्य विभाग में सहायक प्रोफेसर अखगर घाससबियन ने कहा कि इस खोज से पता चलता है कि मां में थायराइड हार्मोन का विघटन भ्रूण के विकास पर वायु प्रदूषण से पड़ने वाले प्रभाव के कारण होता है।

घाससबियन और उनके सहयोगियों ने वायु प्रदूषण के जोखिम और थायराइड फंक्शन के 9,931 गर्भवती महिलाओं के डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें यूरोपीय और अमेरिकी महिलाएं शामिल थी। शोधकर्ताओं ने अलग-अलग मॉडलों का उपयोग करके गर्भावस्था के पहले तिमाही के दौरान नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) जैसे वायु प्रदूषण में इनकी मात्रा का आकलन किया। इसी दौरान महिलाओं में थायरोक्सिन, थायरॉयड-उत्तेजक हार्मोन और थायरॉइड पेरोक्सीडेज (टीपीओ) एंटीबॉडी के स्तर को मापा गया।

अध्ययन में 404 महिलाओं (4.2%) को हाइपोथायरोक्सिनमिया और 506 (6.7%) में टीपीओ एंटीबॉडी पाया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि 2.5 µm या उससे कम (पीएम2.5) के कणों के साथ नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और पीएम की सघनता कम थी और यूरोपीय और अमेरीका की महिलाओं के नमूनों में भी ज्यादा अंतर नहीं था।

गर्भावस्था के दौरान पीएम2.5 के संपर्क में आने वाली महिलाओं में हाइपोथायरोक्सिमिया होने की 21 फीसदी अधिक आशंकाएं पाई गई। पीएम 10 का संपर्क हाइपोथायरोक्सिनमिया से जुड़ा नहीं था। हांलाकि 2.5µg  से 10 µg तक के व्यास वाले कण पीएम 2.5 हाइपोथायरॉक्सीमिया से जुड़े नहीं थे। शोधकर्ताओं ने नाइट्रोजन ऑक्साइड के संपर्क में आने (एक्सपोज़र) और थायरॉयड फ़ंक्शन के बीच कोई संबंध नहीं देखा।

अध्ययन समूह द्वारा अलग-अलग विश्लेषणों के आधार पर, शोधकर्ताओं ने अध्ययन में भाग लेने वाली महिलाओं के बीच थायराइड ऑटोइम्यूनिटी के साथ नाइट्रोजन ऑक्साइड और पीएम अर्थात वायु प्रदुषण के बीच संबंध पाया।