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दुनिया के सबसे प्रदूषित 30 शहरों में 20 भारत के हैं: रिपोर्ट

आईक्यू एयरविजुअल की वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट 2019 जारी की गई, जिसमें दिल्ली को सबसे प्रदूषित राजधानी बताया गया है

By Raju Sajwan

On: Tuesday 25 February 2020
 
Photo: Vikas Choudhary
Photo: Vikas Choudhary Photo: Vikas Choudhary

दुनिया के 200 प्रदूषित शहरों में से लगभग 90 फीसदी शहर भारत और चीन के हैं। हालांकि प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर बांग्लादेश का ढाका है, लेकिन तीसरे नंबर पर मुंबई है। दिल्ली को दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी का ओहदा हासिल हुआ है। अगर देशों की बात की जाए तो पहले स्थान पर बांग्लादेश है, दूसरे पर पाकिस्तान, तीसरे पर मंगोलिया, चौथे पर अफगानिस्तान और पांचवें नंबर पर भारत है। 

आईक्यू एयरविजुअल ने 25 फरवरी को यूएस एयर क्वालिटी इंडेक्स 2019 जारी किया है। इसमें दुनिया के 5000 शहरों के वायु प्रदूषण के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। इसमें पीएम 2.5 के आंकड़े शामिल किए गए हैं।

दुनिया की सबसे प्रदूषित शहरों की श्रेणी में गाजियाबाद पहले स्थान पर है, जबकि दिल्ली पांचवे, नोएडा छठे, गुरुग्राम सातवें, ग्रेटर नोएडा नौंवे, बंधवाड़ी दसवें, लखनऊ 11वें, बुलंदशहर 13वें, मुजफ्फरनगर 14वें, बागपत 15वें, जींद 17वें, फरीदाबाद 18वें, भिवाड़ी 20वें, पटना 22वें, पलवल 23वें, मुजफ्फरपुर 25वें, हिसार 26वें, कुटेल 28वें, जोधपुर 29वें और मुरादाबाद 30वें स्थान पर हैं।

रिपोर्ट बताती है कि दक्षिण एशिया में प्रदूषण की हालत खराब बनी हुई है। पड़ोसी देश पाकिस्तान के गुजरांवाला तीसरा, फैसलाबाद चौथे, रावलपिंडी आठवें स्थान पर है। बांग्लादेश का ढाका भी प्रदूषित शहरों में हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य एशिया प्रदूषण से सबसे अधिक प्रभावित है। दुनिया के 355 शहरों में से इन क्षेत्रों के केवल 6 शहर ऐसे हैं, जहां हवा की गुणवत्ता विश्व स्वास्थ्य संगठन के तय लक्ष्य के मुताबिक हैं।  

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, पीएम 2.5 सालाना 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहना चाहिए, लेकिन गाजियाबाद में यह घनत्व 110.2 (लगभग दस गुणा) रहा। हालांकि, अच्छी बात यह है कि वर्ल्ड क्वालिटी रिपोर्ट 2018 के मुकाबले 2019 में भारत के 98 प्रतिशत शहरों में वायु प्रदूषण कम हुआ है। केवल नागपुर में थोड़ा सा बड़ा है। नवंबर 2019 में दिल्ली के कुछ इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 800 के पार पहुंच गया था। 

रिपोर्ट में भारत के नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम को सराहा गया है और कहा गया है कि इससे शहरों की हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। जैसे कि दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर गाजियाबाद में 2017 में एयर क्वालिटी इंडेक्स 144.6 था, जो  2018 में 135.2  हुआ और 2019 में 110.2 रह गया। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम का मकसद 2024 तक देश के 102 शहरों में पीएम 2.5 और पीएम 10 को 20 से 30 फीसदी कम करना है।