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भोपाल त्रासदी के 35 साल: प्रदर्शन में छलका पीड़ितों का दर्द

भोपाल गैस त्रासदी की 35वीं बरसी के मौके पर गैस पीड़ितों ने प्रदर्शन किया 

By Manish Chandra Mishra

On: Tuesday 03 December 2019
 
भोपाल गैस हादसे की 35वीं बरसी के मौके पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए नृत्य नाटिका का एक दृश्य। फोटो: मनीष चंद्र मिश्र
भोपाल गैस हादसे की 35वीं बरसी के मौके पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए नृत्य नाटिका का एक दृश्य। फोटो: मनीष चंद्र मिश्र भोपाल गैस हादसे की 35वीं बरसी के मौके पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए नृत्य नाटिका का एक दृश्य। फोटो: मनीष चंद्र मिश्र

विश्व के सबसे बड़े औद्योगिक हादसे भोपाल गैस कांड की 35वीं बरसी के मौके पर 3 दिसंबर दोपहर 12:30 बजे से भारत टॉकीज अंडर ब्रिज से यूनियन कार्बाइड कारखाने तक पैदल रैली निकाली गई। इसके बाद गैस पीड़ित एवं भूजल प्रदूषण से पीड़ितों के बच्चों ने नृत्य नाटिका के माध्यम से हादसे के पलों का प्रदर्शन कर भावुक कर दिया। (फोटो: मनीष चंद्र मिश्र) 

सैकड़ों को संख्या में गैस पीड़ित मंगलवार को भोपाल में भोपाल टॉकीज से यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री तक यूनियन कार्बाइड और डाव केमिकल्स के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निकले। रैली में केंद्र और राज्य सरकारों पर भी हत्यारी कंपनी का साथ देने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में सही आंकड़ा पेश करने और मुआवजे को बढ़ाने की मांग की गई। गैस पीड़ित और फैक्ट्री से रिसे जहर की वजह से प्रदूषित भूजल से पीड़ित लोग इस रैली में शामिल रहे। पीड़ितों ने एक मांगपत्र प्रस्तुत कर कहा कि जिन लोगों को पहले 25 हज़ार रुपये का मुआवजा मिला है उन्हें 35वीं बरसी पर 35 लाख मुआवजा दिया जाए। रैली में सबसे आगे कुत्ते की एक विशाल प्रतिमा बनाई गई थी जो डाव केमिकल्स और यूनियन कार्बाइड पर पेशाब करता हुआ दिखाया गया।

क्या हैं मांगें
- वर्ष 2012 में सवा लाख लोग मुआवजा मिलने से चूक गए, उन्हें मुआवजा दिया जाए।
- सुप्रीम कोर्ट में सरकारों ने 5 गुना झूठे आंकड़े पेश किए हैं जिन्हें सही किया जाए।
- जहरीले भूजल की वजह से किडनी, फेफड़े, दिल, आंख और पेट की बीमारियां हो रही है। ऐसे लोगों में कैंसर और चर्म रोग भी हो रहा है। उन्हें गैस पीड़ित मानकर इलाज किया जाए।
-गैस पीड़ितों के बच्चों का मुफ्त इलाज, मुफ्त पढ़ाई और विधवाओं की पढ़ाई फिर से शुरू की जाय।
- गैस पीड़ितों में हो रही बीमारियों पर शोध फिर से शुरू किया जाए।  

 

भोपाल गैस हादसे की 35वीं बरसी के मौके पर प्रदर्शन करते पीड़ित। फोटो: मनीष चंद्र मिश्र

3 दिसंबर को हुए प्रदर्शन में भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ, भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा, भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन और डाउ कार्बाइड के खिलाफ बच्चे संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। (फोटो: मनीष चंद्र मिश्र) 

गैस पीड़ितों के लिए काम कर रहे अब्दुल जब्बार की पिछले दिनों मृत्यु हो गई थी। 3 दिसंबर को उनकी संस्था गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन ने यादगार-ए-शाहजहानी पार्क में जब्बार की याद में सभा का आयोजन किया।