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नक्शे में जानें, आपके शहर में कितना है औद्योगिक प्रदूषण

देशभर में 69 अति गंभीर (क्रिटिकली) और गंभीर (सीवियरअली) रूप से प्रदूषित क्षेत्र हैं जहां की औद्योगिक इकाइयां भारी प्रदूषण फैला रही हैं

On: Friday 16 August 2019
 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने देश भर में 69 ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों की पहचान की है जहां प्रदूषण का स्तर अति गंभीर और गंभीर पाया गया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर 10 जुलाई 2019 को दिए गए आदेश में इन औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण रोकने का आदेश दिया है। एनजीटी ने आदेश में टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून के उल्लंघन और लोगों के स्वास्थ्य की कीमत पर आर्थिक विकास नहीं हो सकता। एनजीटी ने कहा है कि प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों को तब तक बंद रखा जाए, जब तक वे अपने द्वारा पैदा की गई समस्या को खत्म नहीं कर लेतीं।

सीपीसीबी ने अपने अध्ययन में कुल 100 प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्रों (पीआईए) को कॉप्रिहेंसिव एनवायरमेंटल पॉल्यूशन इंडेक्स (सीईपीआई) में शामिल किया और उनके प्रदूषण के स्तर को देखते हुए अंक दिए हैं। सीईपीआई के अंक जब 70 से अधिक होते हैं, तब उस औद्योगिक क्षेत्र को अति गंभीर रूप से प्रदूषित माना जाता है। 60 से 70 के बीच अंक रहने पर औद्योगिक क्षेत्र गंभीर रूप से प्रदूषित और 60 से कम अंक होने पर अन्य प्रदूषित क्षेत्र माना जाता है। 2009 के सीईपीआई में 16 शहरों में 43 औद्योगिक क्षेत्र अति गंभीर रूप से प्रदूषित थे, जबकि 32 गंभीर रूप से प्रदषित पाए गए थे। कुल मिलाकर 88 औद्योगिक प्रदूषित क्षेत्र पाए गए थे। 2016 के सीईपीआई में प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्रों की संख्या 100 पहुंच गई।

इनमें से अति गंभीर रूप से प्रदूषित क्षेत्र 38 और गंभीर रूप से प्रदूषित क्षेत्र 31 हो गए। शेष 31 अन्य प्रदूषित क्षेत्र हैं। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि औद्योगिक प्रदूषण के बुरे प्रभावों से सब परिचित हैं। टिकाऊ विकास के सिद्धांतों से सख्ती से अपनाना बेहद जरूरी है किसी भी गतिविधि को तभी इजाजत दी जाती है, जब उससे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एनजीटी के आदेश पर कितना अमल करते हैं, यह आने वाला वक्त बताएगा।

स्रोत: एनजीटी का आदेश और सीपीसीबी की रिपोर्ट