सरकार ने दी रीसाइकिल प्लास्टिक से बने बैग में खाने की पैकिंग की छूट

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियमों में संशोधन किया

By Raju Sajwan

On: Tuesday 28 September 2021
 
File photo: Flickr
File photo: Flickr File photo: Flickr

केंद्र सरकार ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स में संशोधन करते हुए रीसाइकिल प्लास्टिक से बने बैग में खाने-पीने के सामान की पैकिंग पर छूट दे दी है। जानकारों का कहना है कि सरकार का यह कदम अप्रत्याशित है।

17 सितंबर 2021 को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि 18 मार्च 2016 को मंत्रालय ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 अधिसूचित किया था, जिसके नियम 4 के उपनियम (1) के खंड (ख) में कहा गया था कि रीसाइकिल प्लास्टिक से बने बैग या रीसाइकिल प्लस्टिक से बने उत्पादों का इस्तेमाल खाने या पीने के सामान की पैकिंग के लिए नहीं किया जाएगा। इस नियम के मुताबिक रीसाइकिल वेस्ट से बने बैग में खाने-पीने का सामान न तो पैक किया जा सकता था और ना ही बैग में खाने-पीने का सामान ले जाया जा सकता था।

अधिसूचना में आगे कहा गया है कि लेकिन अब इस नियम में संशोधन किया जा रहा है। इस नए नियम को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट (द्वितीय संशोधन) रूल्स 2021 कहा जाएगा। इस नए संशोधित नियम के मुताबिक रीसाइकिल प्लास्टिक से बने बैग या उत्पादों का इस्तेमाल तत्काल (रेडी टू ईट) खाने या पीने के सामान पैकिंग के अलावा लाने-जाने में किया जा सकेगा।

जानकार सरकार की इस अधिसूचना को लेकर अचंभित हैं। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट के वेस्ट मैनेजमेंट टीम के प्रोग्राम डायरेक्टर अतीन बिश्वास कहते हैं कि पर्यावरण मंत्रालय का यह फैसला बेहद चौंकाने वाला है। हम इस अधिसूचना की समीक्षा कर रहे हैं और जल्द ही सरकार से इस बारे में पूछेंगे कि आखिर सरकार को क्यों 2016 में लिए गए अपने एक महत्वपूर्ण फैसले को वापस लेना पड़ रहा है।

बिश्वास कहते हैं कि किसी भी विकसित देश में रीसाइकिल प्लास्टिक का इस्तेमाल खाने की पैकिंग के लिए करने की छूट नहीं है, बल्कि इसे रोकने के लिए बेहद सख्त नियम हैं। 2016 में जब भारत में वेस्ट मैनेजमेंट नियम बन रहे थे तो इसे बेहद महत्व देते हुए अलग से व्याख्या की गई थी, लेकिन अब अचानक इसे वापस क्यों लिया जा रहा है, फिलहाल यह समझ में नहीं आ रहा है।

बिश्वास कहते हैं कि बेशक कितनी भी सावधानी बरती जाए, लेकिन रीसाइकिल प्लास्टिक में तरह-तरह का प्लास्टिक इस्तेमाल होता है, जिसमें जहरीला प्लास्टिक भी शामिल होता है। ऐसे में यह कैसे संभव है कि रीसाइकिल प्लास्टिक से बने बैग में खाने-पीने की चीजें जहरीली नहीं होंगी? उन्होंने कहा कि सरकार को इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

यहां दिलचस्प बात यह है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 12 अगस्त 2021 को प्लास्टिक कचरा प्रबंधन संशोधित नियम, 2021 की अधिसूूचना जारी की थी, जिसका मकसद चिन्हित किए गए बीस सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों पर 2022 के अंत तक रोक लगाना था, लेकिन उसके लगभग एक माह बाद प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियम में संशोधन किया गया है।