Sign up for our weekly newsletter

चीन-हांगकांग की शार्क के पंखों में मिला 6 से 10 गुना अधिक पारा

पारे के लंबे समय तक संपर्क में रहने से यह मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है

By Dayanidhi

On: Monday 01 June 2020
 
Photo: wikimedia commons
Photo: wikimedia commons Photo: wikimedia commons

 

चीन और हांगकांग के बाजारों से लिए गए शार्क के पंखों (फिन) के नमूनों में पारे का खतरनाक स्तर पाया गया है। फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के समुद्री जीवविज्ञान के पीएच.डी. छात्र लॉरा गार्सिया बैरसिया की टीम ने अमेरिका और हांगकांग की एक टीम के साथ मिलकर एशियाई बाजारों में बिकने वाले शार्क के पंखों का अध्ययन के बाद यह खुलासा किया है। 

शार्क के पंख (फिन) एशिया के सबसे मूल्यवान शुष्क सीफ़ूड (समुद्री भोज्य उत्पादों) में से एक है। हांगकांग में 80 से अधिक शार्क प्रजातियों का कारोबार होता है।

मरीन पलूशन बुलिटन पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि शार्क के पंखों में मिला पारा खाद्य सुरक्षा के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों और कानूनी सीमाओं से बहुत अधिक था। पारे का स्तर औसत से 6 से 10 गुना अधिक था।

टीम ने बाजार में बेचे जा रहे नौ सबसे सामान्य शार्क प्रजातियों के 267 शार्क फिन ट्रिमिंग्स की जांच की, जिसमें पारा और मिथाइल-पारे का स्तर बहुत खतरनाक था अध्ययन में हर एक शार्क फिन के नमूने में पारे की सांद्रता 0.5 प्रति दस लाखवां भाग (पार्ट पर मिलियन) मिला, जो हांगकांग में निर्धारित की गई अधिकतम कानूनी सीमा से अधिक है।

सबसे अधिक 55.52 पार्ट पर मिलियन एक ग्रेट हैमरहेड शार्क में पाया गया। पारे का सबसे कम स्तर एक नीली शार्क के नमूने में पाया गया जो 0.02 पार्ट पर मिलियन था। नीली शार्क बेची जाने वाली सबसे आम प्रजाति है। 

हालांकि यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि पारे के उच्च स्तर का प्रभाव शार्क पर पड़ता है या नहीं, मनुष्यों पर इसका प्रभाव सबसे अधिक पड़ता है। पारे के लंबे समय तक संपर्क में रहने से यह मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। यह भ्रूण के विकास को भी प्रभावित कर सकता है।

एफआईयू के रसायन विज्ञान और जैव रसायन विभाग अध्यक्ष और सह-अध्ययनकर्ता योंग काई बताते हैं कि 50 प्रति दस लाखवां भाग (पार्ट पर मिलियन) पर पारे का सांद्रता स्तर बेहद खतरनाक होता है। सह-अध्ययनकर्ता एफआईयू के समुद्री वैज्ञानिक डेमियन चैपमैन ने कहा कि इन सीमाओं को पार करना केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है अपितु यह अवैध भी है। हांगकांग फ़ूड अडल्ट्रेशन लेजिस्लेशन किसी को भी, जो कानूनी सीमा से ऊपर हो साथ ही इस तरह का खाद्य उत्पाद बेचने पर जुर्माना और आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ सकता है।

इस अध्ययन के परिणामों का उपयोग शैक्षिक अभियानों को शुरू करने के लिए किया जाएगा। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इससे शार्क पंखों की मांग को कम करने में मदद मिलेगी।

एफआईयू के शोध के अनुसार, हर साल लगभग 10 करोड़ शार्क मारी जाती हैं। इन्हें अवैध रूप से पकड़कर उनके पंख और मांस का कारोबार किया जाता है। वैश्विक व्यापार के कारण शार्क प्रजातियों में से लगभग एक तिहाई पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। स्वस्थ महासागरों को बनाए रखने में शार्क की अहम भूमिका होती है, इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। लेकिन यह संदेश हांगकांग और चीन के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो शार्क खरीदते-बेचते हैं।

चैपमैन ने कहा इंसान एक ऐसे जानवर को खाने की परवाह नहीं करता जो लुप्तप्राय है। लेकिन प्रत्येक मानव अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंता करता है, पारे के स्तर वाली शार्क को भोजन के रूप में उपयोग करने से लोग परहेज करेंगे। इस तहर शार्क की विलुप्त होने वाली प्रजातियां बच सकती है, जो भविष्य में परिवर्तन का एक बहुत शक्तिशाली कारण हो सकता है।