संसद में आज (16 मार्च 2022): पीने का पानी की आपूर्ति कर रही नगर निकायों के लिए बीआईएस मानक अनिवार्य नहीं

भारत में 2020 में बिजली गिरने से कुल 2862 मौतें हुईं। बिजली गिरने से सबसे ज्यादा 436 मौतें बिहार में हुईं

By palmitarima@gmail.com, Dayanidhi

On: Wednesday 16 March 2022
 
संसद में आज (16 मार्च 2022):आर्थिक विकास, रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता पैदा करने के लिए ‘एक जिला एक उत्पाद’

एक जिला एक उत्पाद

केंद्र सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) की शुरुआत की है। ओडीओपी को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने, एक जिले की वास्तविक क्षमता को साकार करने, आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता पैदा करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम के रूप में देखा जाता है। ओडीओपी पहल का परिचालन 'डिस्ट्रिक्ट्स एज़ एक्सपोर्ट हब' (डीईएच), वाणिज्य विभाग तथा उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के साथ एक प्रमुख हितधारक के रूप में विलय कर दिया गया है, यह आज वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में बताया।

मध्य प्रदेश में अवैध कोयला खनन

संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने लोकसभा में बताया कि मध्य प्रदेश में स्थित कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के लीज होल्ड क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष में अवैध खनन की कोई सूचना नहीं है।

जोशी ने बताया कि भारत सरकार ने अनधिकृत कोयला खनन गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए एक मोबाइल ऐप "खनन प्रहरी" और एक वेब ऐप कोल माइन सर्विलांस एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएसएमएस) लॉन्च किया है ताकि कानून और व्यवस्था की अधिकारियों द्वारा निगरानी और उचित कार्रवाई की जा सके। 

बिजली गिरने से हुई मौतें

विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2020 में बिजली गिरने से कुल 2862 मौतें हुईं। बिजली गिरने से सबसे ज्यादा 436 मौतें बिहार में हुईं, इसके बाद मध्य प्रदेश में 429, उत्तर प्रदेश में 304 के साथ यह तीसरे स्थान पर रहा।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के तहत एक स्वायत्त संस्थान भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) ने देश भर में फैले 83 सेंसर के साथ भारत में बिजली गिरने का एक नेटवर्क स्थापित किया है। चूंकि प्रत्येक सेंसर में लगभग 200 वर्ग किमी का कवरेज होता है, बिजली गिरने की घटना का अत्यधिक सटीकता के साथ पता लगाया जा सकता है। सिंह ने कहा कि आईआईटीएम ने तमिलनाडु और पांडिचेरी में पांच लाइटनिंग डिटेक्टर भी लगाए हैं।

पानी के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस)

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने पेयजल से संबंधित दो भारतीय मानक बनाए हैं, अर्थात् पेयजल पर आईएस 10500:2012 - विशिष्टता और पेयजल आपूर्ति प्रबंधन प्रणाली, नल से पेयजल की आपूर्ति के लिए आईएस 17482:2020, यह जानकारी आज अश्विनी कुमार चौबे उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री ने लोकसभा में दी।

चौबे ने कहा कि देश भर में घरों में पीने के पानी की आपूर्ति में लगी नागरिक एजेंसियों के लिए बीआईएस गुणवत्ता मानक अनिवार्य नहीं हैं।

परमाणु ऊर्जा के लाभ
परमाणु ऊर्जा 24x7 उपलब्ध बेस लोड पावर का स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल स्रोत है। इसमें विशाल क्षमता है और यह देश को स्थायी रूप से दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा प्रदान कर सकता है। परमाणु क्षमता विस्तार कार्यक्रम नेट जीरो अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पूरा करने के साधनों में से एक है। यह आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया।

सिंह ने कहा कि 6780 मेगावाट की वर्तमान स्थापित परमाणु ऊर्जा क्षमता 2031 तक बढ़कर 22480 मेगावाट हो जाएगी, जो निर्माणाधीन परियोजनाओं के उत्तरोत्तर पूर्ण होने और स्वीकृत होने पर होगी।

मध्य प्रदेश में किसानों को मुआवजा

मध्य प्रदेश में जमुना-कोतमा क्षेत्र में वर्ष 2014 से 2018 तक साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा 1487.512 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया था। जिसमें 03 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें अमादंड ओसी परियोजना शामिल है। (जमुना 9 और 10 यूजी, अमृतधारा ओसीपी और अमादंड ओसीपी) शामिल है, इस बात की जानकारी आज संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने लोकसभा में दी।

जोशी ने कहा कि अमादंड ओसी परियोजना में 699.94 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के खिलाफ प्रदान किए जाने वाले रोजगार की कुल संख्या 849 है, इसमें से 399 रोजगार (रोजगार के बदले 03 मुआवजे सहित) और 450 रोजगार दिए गए हैं।

जोशी ने कहा भूमि के विरुद्ध रोजगार एक सतत प्रक्रिया है। भूमि के स्वामित्व के प्रमाण, परिवार के लोगों (राज्य के राजस्व अधिकारी द्वारा विधिवत प्रमाणित), परिवार के सदस्यों की सहमति और दस्तावेजों के सत्यापन आदि जैसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा हासिल होने के बाद, प्राथमिकता के आधार पर मामलों का निपटारा किया जा रहा है।

शहरी भारत में जन्म के समय विषम लिंगानुपात

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5, 2019-21) की नवीनतम 5वीं रिपोर्ट के मुताबिक कुल जनसंख्या का लिंगानुपात (प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाएं) पूरे देश में लिंगानुपात 1020 है, ग्रामीण 1037 और शहरी लिंगानुपात 985 है। यह आज महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने राज्यसभा में बताया।

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत मुफ्त भोजन योजनाएं

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), 2013 के प्रावधानों के अनुसार, कक्षा 1 से 8 या 6 से 14 वर्ष के आयु वर्ग के पढ़ने वाले बच्चे स्कूल की छुट्टियों को छोड़कर हर दिन मिड-डे मील या मध्याह्न भोजन के हकदार हैं। अधिनियम में निर्दिष्ट पोषण मानकों को पूरा करने के लिए स्थानीय निकायों, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा संचालित सभी स्कूलों में यह सुविधा जारी है।

तदनुसार, पीएम पोषण योजना (जिसे पहले स्कूलों में मध्याह्न भोजन के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में जाना जाता था) के तहत पात्र बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन प्रदान किया जाता है, यह आज शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्यसभा में बताया।

गरीब कल्याण रोजगार अभियान (जीकेआरए) के तहत विकास

कोविड महामारी के मद्देनजर, भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवासी कामगारों और इसी तरह से प्रभावित नागरिकों के लिए रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए 20 जून, 2020 को 125 दिनों का गरीब कल्याण रोजगार अभियान (जीकेआरए) शुरू किया था। इस अभियान के दौरान कुल 39,293 करोड़ रुपये के खर्च हुए, जीकेआरए  22 अक्टूबर, 2020 को समाप्त हो गया था। इस बात की जानकारी आज ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने राज्यसभा में दी।

ज्योति ने कहा कि सरकार इस कार्यक्रम को प्रारंभिक शासनादेश से आगे ले जाने की योजना नहीं बना रही है।

प्रीमियम डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द करना

केंद्र सरकार ने विभिन्न वर्गों या विभिन्न प्रकार के मोटर वाहनों के लिए आयु निर्दिष्ट नहीं की है। तथापि, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने अपने आदेश दिनांक 20.07.2016 द्वारा ओ.ए. 2014 की संख्या 21 वर्धमान कौशिक और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य को दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी ) में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द करने का निर्देश दिया।

तदनुसार, परिवहन विभाग, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार ने दिनांक 01.01.2022 को दिल्ली में ऐसे सभी 10 वर्षीय डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द कर दिया है, जो 28.01.2022 तक कुल 1,01,639 हैं, यह आज सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने राज्य सभा में बताया।

गडकरी ने कहा कि पंजीकरण रद्द करना एक सतत प्रक्रिया है और इसके पहले पंजीकरण की तारीख से 10 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी डीजल वाहनों का स्वतः ही पंजीकरण रद्द हो जाता है।

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी की अदला-बदली

केंद्रीय बजट 2022-2023 के दौरान, सरकार ने बैटरी स्वैपिंग नीति और इंटरऑपरेबिलिटी मानकों को पेश करने की योजना की घोषणा की है। इस बात की जानकारी आज सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने राज्यसभा में दी।

गडकरी ने कहा कि नीति आयोग सभी संबंधित हितधारकों के साथ बैटरी स्वैपिंग नीति और बैटरी स्वैपिंग मानकों का नेतृत्व कर रहा है।

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