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उत्तराखंड में एक और शाही शादी ने पर्यावरण संरक्षण पर खड़े किए सवाल

उत्तराखंड के औली में हुई शादी की याद अभी धुंधली नहीं हुई होगी। हरिद्वार में हुई एक और शाही शादी की तस्वीरों ने उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण को लेकर चल रहे प्रयासों पर सवाल उठने लगे हैं

By Varsha Singh

On: Saturday 30 November 2019
 
हरिद्वार का बैरागी कैंप जहां सतपाल महाराज के बेटे की शादी संपन्न हुई। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें

एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समुद्र किनारे प्लास्टिक कचरा बटोरते हुए नज़र आते हैं। उसी समय उन्हीं की पार्टी के एक मंत्री के बेटे की शाही शादी के बाद पैदा हुए कचरे की तस्वीरें ये सवाल खड़े करती हैं कि क्या पर्यावरण पर बात करना सिर्फ भाषणों में ही सुहाता है या असल जीवन में इसे उतारने की कोशिश भी की जा रही है। औली में हुई शाही शादी की याद अभी धुंधली नहीं हुई होगी। हरिद्वार में हुई एक और शाही शादी की तस्वीरें परेशान करती हैं।

ये तस्वीरें उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बेटे सुयश महाराज और मध्यप्रदेश के रीवा राजघराने की राजकुमारी मोहिना की शादी समारोह के बाद की हैं। 15 अक्टूबर को हरिद्वार के कनखल स्थित बैरागी कैंप में विशाल पंडाल तैयार किया गया। जहां ये शादी शादी संपन्न हुई। जिसमें राज्यपाल बेबीरानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई बड़े नेता और विशिष्ट अतिथि पुहंचे। शाही शादियां और शाही दावतें शामियाने उतर जाने के बाद किस तरह नज़र आती हैं। ये इन तस्वीरों से समझा जा सकता है।

हरिद्वार में रहने वाले और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े दिनेश चंद्र पांडे कहते हैं कि जिस समय पर्यावरण को लेकर हम इतनी बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समंदर तट से प्लास्टिक बीन रहे हैं, उसी समय में आप ही के मंत्री इस तरह का कार्य कर रहे हैं, तो ये बात परेशान करती है। वह कहते हैं कि शादियों में प्लास्टिक के इस्तेमाल का दूसरा विकल्प भी हो सकता है। पानी को किसी एक जगह स्टोर करें और कागज या स्टील के गिलास में लोगों को पीने के लिए दें। फिर ये तो एक कैबिनेट मंत्र के बेटे की शादी है। वह तो ऐसी व्यवस्था कर ही सकते थे।

दिनेश कहते हैं कि जब पर्यटन मंत्री इस तरह का काम करेंगे तो लोगों के बीच कैसा संदेश जाएगा। उत्तराखंड में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। आप लोगों पर जुर्माना लगाते हैं। सब्जीवाले को प्लास्टिक की थैली इस्तेमाल करने पर पांच-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। एक ही समय में दो बातें कैसे हो सकती हैं।

दिनेश के मुताबिक बतौर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ऐसा उदाहरण दे सकते थे कि लोग कहते इतना बड़ा शादी समारोह हुआ और प्लास्टिक का नामोनिशान तक नहीं दिखा। उनके मुताबिक ये कथनी और करनी में अंतर है। लोगों को प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने को कहा जाता है, जबकि नेता लोग अपने घर में ही प्लास्टिक का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं।

वहीं, हरिद्वार में कांग्रेस नेता अशोक शर्मा का कहना है कि ये तस्वीर सतपाल महाराज के बेटे की शादी के बाद भव्य शादी समारोह के बाद की है। सत्ता में बैठे यही लोग घोषणा करते हैं प्लास्टिक का इस्तेमाल न करो, फिर वे इतना सारा प्लास्टिक कचरा फैला रहे हैं। अशोक कहते हैं कि यदि हमें आने वाले कल में बेहतर पर्यावरण चाहिए तो आज अपना व्यवहार बदलना ही पड़ेगा।

हरिद्वार के निवासी हिमांशु भट्ट इस तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हैं कि बीजेपी के नेताओं ने हाल ही में प्लास्टिक इस्तेमाल न करने की शपथ ली थी। लेकिन हरिद्वार में सतपाल महाराज के बेटे की शादी में शपथ का ईमानदारी से पालन किया गया। उम्मीद है आगे भी ऐसे ही पालन होगा, लेकिन ये मत कहना कि इसका कोई विकल्प नहीं था।

औली के बाद हरिद्वार में शाही शादी संपन्न हुई। वैसे आमतौर पर भी जो भव्य शादियां होती हैं, उसके अगले दिन कुछ ऐसा ही कचरा जमा होता है। शादियों के समारोह अपने पीछे कितना सारा कचरा छोड़ जाते हैं। अब इस पर भी बात होनी चाहिए।