आज पृथ्वी के पास से गुजरेगा एक विमान के आकार का एस्टेरॉयड

2020 पीटी4 नामक एस्टेरॉयड का व्यास 37 मीटर है, इसकी कक्षीय अवधि 734 दिन या दो वर्ष है।

By Dayanidhi

On: Thursday 15 September 2022
 
आज पृथ्वी के पास से गुजरेगा एक विमान के आकार का एस्टेरॉयड

नासा के अनुसार एक हवाई जहाज के आकार का एस्टेरॉयड आज यानी 15 सितंबर, 2022 को पृथ्वी के पास आ रहा है। एस्टेरॉयड, जिसे 2020 पीटी 4 कहा जाता है, इसका  व्यास 37 मीटर है। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के अनुसार, यह गुरुवार को 71,90,000 किलोमीटर की दूरी पर पृथ्वी के सबसे करीब पहुंच जाएगा।

नासा के सेंटर फॉर नियर अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज (सीएनईओएस) के अनुसार, एस्टेरॉयड 2020 पीटी4, 10.85 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से आगे बढ़ रहा है। जिस दूरी पर एस्टेरॉयड पृथ्वी के सबसे करीब पहुंचेगा और उसके आकार के कारण, इसे 'खतरनाक एस्टेरॉयड' के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

क्या है एस्टेरॉयड 2020 पीटी4?

एस्टेरॉयड की कक्षीय अवधि 734 दिन या दो वर्ष है, जिसका अर्थ है कि इसे अपने मेजबान तारे की परिक्रमा करने में इसे 734 दिन लगते हैं।

यह एक अपोलो-श्रेणी का एस्टेरॉयड है, जिसका उपयोग किसी वस्तु के लिए किया जाता है जिसकी कक्षा पृथ्वी की कक्षा को पार करती है। पिछली बार एस्टेरॉयड 2020 पीटी4, 8 सितंबर, 2020 को पृथ्वी के करीब पहुंच गया था। एस्टेरॉयड 28 सितंबर, 2024 को अगली बार पृथ्वी के समीप आएगा।

अन्य एस्टेरॉयड जो सितंबर 2022 में पृथ्वी के करीब पहुंचेंगे, उनमें 2022 क्यूडी1, 2005 आरक्स3 और 2022 क्यूबी37 शामिल हैं।

क्षुद्रग्रह 2022 क्यूडी1 एक हवाई जहाज के आकार का एस्टेरॉयड है जो 16 सितंबर को पृथ्वी के करीब पहुंचेगा।

18 सितंबर को कम से कम दो एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब पहुंचेंगे। ये 2005 आरक्स3, एक इमारत के आकार का एस्टेरॉयड और 2022 क्यूबी37, एक हवाई जहाज के आकार का एस्टेरॉयड है।

कहा जाता है कि एक एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब तब आता है जब वह हमारे ग्रह के पास 75 लाख किलोमीटर या चंद्रमा से 19.5 गुना दूरी के भीतर आता है। 150 मीटर से बड़े और इस दूरी के भीतर पृथ्वी के निकट आने वाले एस्टेरॉयड को खतरनाक वस्तु कहा जाता है।

नासा के डार्ट अंतरिक्ष यान को लक्ष्य एस्टेरॉयड डिडिमोस की पहली झलक मिली

नासा के अनुसार डबल एस्टेरॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट (डार्ट) जानबूझकर डिमोर्फोस में यह टकरा जाएगा, जो किए एक छोटा चन्द्रमा के समान एस्टेरॉयड होगा। जबकि एस्टेरॉयड से पृथ्वी के लिए कोई खतरा नहीं है, यह गतिज प्रभाव तकनीक वाला दुनिया का पहला परीक्षण है, जिसमें अंतरिक्ष यान का उपयोग ग्रहों की रक्षा के लिए एस्टेरॉयड को दूसरी दिशा में मोड़ने के लिए किया जाता है।

हर पांच घंटे में किए गए अवलोकनों का उपयोग करते हुए, डार्ट टीम अगले तीन हफ्तों में तीन प्रक्षेपवक्र में सुधार का अभ्यास करेगी, जिनमें से यह प्रत्येक अंतरिक्ष यान के आवश्यक प्रक्षेपवक्र के प्रभाव के लिए गलती की गुंजाइश को और कम कर देगा।

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