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भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया कंपन से बिजली उत्पन्न करने का उपकरण

यह उपकरण 11 एलईडी बल्बों को रोशन कर सकता है, इसका उपयोग अपने आप चलने वाले उपकरणों और जैव चिकित्सा में किया जा सकता है।

By Dayanidhi

On: Saturday 26 June 2021
 
भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया कंपन से बिजली उत्पन्न करने का उपकरण

वैज्ञानिकों ने एक आसान, कम लागत वाला, जैव-संगत, पारदर्शी नैनो जेनरेटर तैयार किया है। यह इलेक्ट्रॉनिक और प्रकाश दोनों के उपयोग से संबंधित तकनीक है, जिसे ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स भी कहते हैं। यह अपने आप चलने वाला उपकरण कंपन से बिजली उत्पन्न कर सकता है।

जैसा कि सर्वविदित है ग्लोबल वार्मिंग और ऊर्जा संकट के बढ़ते खतरे के कारण कम कार्बन उत्सर्जन करने वाले संसाधनों की खोज लगातार चल रही है। अक्षय ऊर्जा से संबंधित संसाधन इन चुनौतियों से पार पाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बिजली उत्पन्न करने के कुछ परंपरागत तरीकों से अलग हटकर पीजोइलेक्ट्रिक, थर्मोइलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रोस्टेटिक तकनीक शामिल हैं जिनका उपयोग टच स्क्रीन, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले आदि जैसे उपकरणों में किया जाता है।

ट्राइबोइलेक्ट्रिक नैनोजेनरेटर (टीईएनजी) बिजली उत्पन्न करने के लिए अलग-अलग रूपों में हर जगह मौजूद कंपन के रूप में यांत्रिक ऊर्जा का उपयोग करते हैं। ऊर्जा संचयन के लिए टीईएनजी दो असमान सामग्रियों के तुरंत संपर्क के माध्यम से इलेक्ट्रोस्टैटिक चार्ज के निर्माण के सिद्धांत पर काम करता है, जब एक यांत्रिक बल के माध्यम से दोनों में संपर्क करवाया जाता है तो इनके बीच एक संभावित असंतुलन पैदा होता है।

यह तंत्र इलेक्ट्रॉनों को ट्राइबो परतों से बनी झिल्ली या फिल्म के बीच आगे-पीछे करता है। टीईएनजी को डिजाइन करने के लिए आज तक उपयोग किए गए तरीके महंगे थे, जैसे फोटोलिथोग्राफी और अतिरिक्त प्रक्रिया जैसे इलेक्ट्रोड तैयार करना आदि का उपयोग किया जाता था।

भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्थान, सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज, बेंगलुरु के डॉ शंकर राव और उनकी टीम ने थर्मोप्लास्टिक पॉलीयूरेथेन (टीपीयू) का उपयोग करके एक पारदर्शी टीएनजी तैयार किया है। ट्राइबो परतों के रूप में पॉलीएथिलीन टेरिफ्थेलैट (पीईटी) के साथ इलेक्ट्रोसपुन नैनोफाइबर या डॉक्टर की ब्लेड तकनीक का उपयोग करके एक सपाट झिल्ली या फिल्म के रूप में काम करती है।

टीपीयू नैनोफाइबर इलेक्ट्रोसपिनिंग (ईएस) तकनीक से प्राप्त किए जाते हैं। डॉक्टर की ब्लेड तकनीक, विभिन्न स्थितियों में उपयोग की जाने वाली एक नियमित प्रक्रिया है। यह ब्लेड के माध्यम से सामग्री पर दबाव डालता है और इसकी एक समान पतली परत उत्पन्न करता है। आसानी से उपलब्ध होने वाली और निर्माण प्रक्रिया में उपयोग में आसानी के चलते यह वर्तमान में उपलब्ध निर्माण तकनीकों में सबसे किफायती है।

यह उपकरण अत्यधिक क्षमता वाला और मजबूत है। संचालन के दौरान लंबे समय तक यह बहुत अच्छा काम करता है। यह उपकरण ग्यारह एलईडी बल्बों को रोशन कर सकता है और इसका उपयोग अपने आप चलने वाले उपकरणों और अन्य जैव चिकित्सा में किया जा सकता है।