Sign up for our weekly newsletter

इस सर्दी में नहीं होगा ठंड का अहसास, मौसम विभाग का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वानुमान जारी कर कहा है कि भारत के ठंडे इलाकों में तापमान अधिक रह सकता है

By DTE Staff

On: Friday 29 November 2019
 
Photo: Meeta Ahlawat
Photo: Meeta Ahlawat Photo: Meeta Ahlawat

मौसम की बेरुखी भारत को लगातार परेशान कर रही है। यह सिलसिला सर्दी के मौसम में भी जारी रहेगा। मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि दिसंबर से फरवरी के बीच का महीना सर्द महीना इस बार गर्म रह सकता है। विभाग ने 29 नवंबर को यह पूर्वानुमान जारी किया है।

मौसम विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जहां सामान्य तौर पर सर्दियों का मौसम औसत तापमान के मुकाबले गर्म होगा, वहीं शीत-लहर वाले क्षेत्र अन्य क्षेत्रों की तुलना में गर्म रहेंगे। विभाग ने कहा है कि दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 के दौरान कोर कोल्ड वेव (शीत लहर) जोन में सामान्य न्यूनतम तापमान से ऊपर रहने की अपेक्षाकृत अधिक संभावना है। भारत का शीत-लहर क्षेत्र उत्तर भारतीय राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे अन्य राज्यों को भी कवर करता है।

यह पूर्वानुमान भारत के ठंडे राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों जैसे जम्मू, कश्मीर और लद्दाख पर भी लागू होता है।

विभाग के मुताबिक, इस सर्दियों में देश के अधिकांश हिस्सों में औसत न्यूनतम तापमान अधिक रहेगा। उत्तर भारत में कुछ मौसम संबंधी उपखंड अपवाद रहेंगे। मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री सेंटीग्रेड गर्म रहने की संभावना है। हालांकि मध्य भारतीय क्षेत्र में अधिकतम तापमान औसत से कम होगा।

गौरतलब है कि इस साल की गर्मी भी सामान्य से अधिक गर्म थी। अप्रैल में गर्मियों की शुरुआत में आईएमडी ने मध्य और उत्तर-पश्चिमी भागों के लिए गर्म गर्मी की भविष्यवाणी की थी। जुलाई के मध्य में गर्मी समाप्त होने पर 97 दिनों में 22 राज्यों में 73 हीटवेव देखी गईं।

वास्तव में हीटवेव जैसी स्थितियां इस साल मार्च में भारत में जल्दी आ गईं। डाउन टू अर्थ ने अप्रैल में रिपोर्ट किया था: “मार्च की शुरुआत में, जब उत्तरी भारत अभी भी शीत लहर की स्थिति से उबर रहा था, तब केरल को नुकसान हुआ था। जब स्थिति पहले से ही गंभीर थी, तब आईएमडी ने मार्च के अंत तक इसे हीटवेव कहा।