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क्या भारत फिर से हीट वेव के घातक दौर में प्रवेश कर रहा है?

मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि 2020 की गर्मी सामान्य से अधिक रहने वाली है

By DTE Staff

On: Friday 28 February 2020
 
फोटो: विकास चौधरी
फोटो: विकास चौधरी फोटो: विकास चौधरी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि इस साल गर्मी का मौसम सामान्य से 1 डिग्री सेंटीग्रेड अधिक गर्म रह सकता है। यह लगातार दूसरा  वर्ष है, जब मौसम विभाग ने सामान्य गर्मियों (मार्च-मई 2020) की तुलना में एक गर्म मौसम की भविष्यवाणी की है। 

आईएमडी का पूर्वानुमान ऐसे समय में आया है, जब वैज्ञानिकों ने पहले ही चेतावनी दी है कि 2020 पिछले दस साल के मुकाबले सबसे गर्म वर्ष साबित होगा। यह वर्ष के पहले दो महीनों के मौसम की स्थिति पर आधारित है। इस साल का जनवरी माह पिछले 141 साल में सबसे गर्म रहा था। नासा ने हाल ही में कहा है कि 6 फरवरी को अंटार्कटिका का तापमान सबसे अधिक रिकॉर्ड दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाला गर्मी  का मौसम कुछ अपवादों को छोड़कर पूरे देश में गर्म रहेगा। विभाग ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, " उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और मध्य भारत में मार्च-अप्रैल-मई में मौसम का औसत तापमान सामान्य से अधिक गर्म रहने की संभावना है।" आम तौर पर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे ठंडे राज्य गर्मियों के दौरान सामान्य तापमान से 1 डिग्री सेंटीग्रेड ऊपर रिकॉर्ड किया जा सकता है।

पिछले साल भारत ने एक अभूतपूर्व गर्म लहर (लू) का सामना किया, जो मार्च के पहले सप्ताह से ही शुरू हो गई थी। जून के पहले सप्ताह तक, हीटवेव (लू) का सामना लोगों ने लगभग 73 बार किया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने 2019 में 23 राज्यों में हीटवेव चलने की सूचना दी, जबकि 2018 में 19 राज्यों में हीट वेव रिकॉर्ड की गई थी।

मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान कहता है कि देश के कोर हीट वेव जोन में मार्च से मई के बीच 43 फीसदी संभावना है कि वहां का तापमान अधिक पहुंच जाएगा। कोर हीट वेव जोन में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा शामिल हैं।

जलवायु संबंधी विभिन्न आंकड़े बताते हैं कि गर्मी के मौसम में निरंतर तापमान बढ़ रहा है। एनडीएमए के सदस्य सचिव जीवी सरमा कहते हैं, "जलवायु परिवर्तन ने पिछले पांच वर्षों में औसत तापमान में 0.5 डिग्री सेंटीग्रेड की वृद्धि की है।"

हाल ही में जारी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटिरोलॉजी (आईआईटीएम) का एक अध्ययन कहता है कि 2020 से भारत में हीट वेव की आवृत्ति बढ़ेगी। इस अध्ययन में 2020 और 2064 के बीच दक्षिण भारत में भी अधिक हीट वेव का अनुमान लगाया गया है।

1961 और 2005 के बीच भारत में 54 हीट वेव आए थे। आईआईटीएम का अध्ययन कहता है कि यह संख्या 2020 और 2064 के बीच 138 हो जाएगी।