पूर्वोत्तर मॉनसून: अधिकतर हिस्सों में बारिश में कमी, अल नीनो के कारण तापमान के अधिक रहने के आसार

अक्टूबर 2023 के दौरान, भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है

By Dayanidhi

On: Saturday 30 September 2023
 

आज 30 सितम्बर को, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा वर्चुअल कांफ्रेंस कर इस साल के बीते दक्षिण-पश्चिम मॉनसून और आने वाले पूर्वोत्तर मॉनसून सीजन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने पूर्वोत्तर मॉनसून सीजन जो अक्टूबर से दिसंबर के दौरान, देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और तापमान के बारे में बताया।  

उन्होंने कहा कि, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, यानी, भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश के सामान्य रहने की सबसे अधिक संभावना है। यह लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के 112 फीसदी तक हो सकती है।

वहीं, उत्तर पश्चिम भारत और भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप के कई इलाकों में से सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत, पूर्व मध्य भारत, आसपास के क्षेत्रों और उत्तर पश्चिम भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि, अक्टूबर 2023 के दौरान, भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। हालांकि, भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप के कई इलाकों, पूर्वोत्तर भारत, देश के सबसे उत्तरी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।

अक्टूबर 2023 के दौरान पूरे देश में मासिक वर्षा के सामान्य से सबसे अधिक होने का पूर्वानुमान है, यानी इन हिस्सों में दीर्घकालीन औसत (एलपीए) का 85-115 फीसदी बारिश हो सकती है।

अक्टूबर 2023 के दौरान देश भर में कैसा रहेगा तापमान?
अक्टूबर 2023 में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं। इसी तरह, पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर जहां तापमान के सामान्य होने की संभावना है, देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान के सामान्य से ऊपर रहने की आशंका जताई गई है।

प्रशांत और हिंद महासागर में समुद्री सतह के तापमान (एसएसटी) की स्थिति
डॉ महापात्र ने बताया कि, वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र पर अल नीनो की स्थिति बनी हुई है। नवीनतम एमएमसीएफएस पूर्वानुमान से पता चलता है कि आगामी सीजन में अल नीनो की स्थिति के जारी रहने की आशंका है। अन्य जलवायु मॉडल भी आगामी सीजन के दौरान अल नीनो स्थितियों के जारी रहने का संकेत दे रहे हैं।

डॉ महापात्र ने कहा कि, प्रशांत महासागर पर अल नीनो-दक्षिणी दोलन (ईएनएसओ) स्थितियों के अलावा, हिंद महासागर एसएसटी जैसे अन्य कारणों का भी पूर्वोत्तर मॉनसून पर कुछ प्रभाव पड़ने की बात कही है। वर्तमान में, सकारात्मक हिंद महासागर डिपोल (आईओडी) स्थितियों से गुजर रहा है, जो अगस्त 2023 में शुरू हुआ था।  वर्ष के अंत तक सकारात्मक आईओडी की स्थिति के कमजोर होने का पूर्वानुमान है।

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