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2019 विज्ञान की चुनिंदा तस्वीर : मलेशिया के आखिरी गैंडे को जब लिखा गया भावुक पत्र

मलेशिया में आखिरी सुमात्राई गैंडा कैंसर के कारण नवंबर में खत्म हो गयी। यह क्षेत्रीय विलुप्ति हुई है।

By Vivek Mishra

On: Friday 27 December 2019
 
PHOTO : Wikimedia commons
PHOTO : Wikimedia commons PHOTO : Wikimedia commons

इसी वर्ष जैव-विविधता और पारिस्थितिकी सेवाओं के अंतरराज्यीय विज्ञान नीति मंच (आईपीबीईएस) ने इसी वर्ष पहली बार अपनी विस्तृत रिपोर्ट में कहा था कि हम 6वीं बार सामूहिक प्रजातियों की विलुप्ति के कगार पर पहुंच रहे हैं। इससे पहले धरती पर डायनासोर समेत अन्य पांच प्रजातियों की सामूहिक विलुप्ति हो चुकी है। यानी इनका धरती से नामो-निशान मिट चुका है। विलुप्ति के पदचिन्ह 2019 में दिखाई देने लगे हैं। 2019 में ही पारिस्थितिकी को बेहतर बनाने वाली कुछ प्रजातियां पूरी तरह विलुप्त हो गईं हैं। आधिकारिक तौर पर यह घोषणा हो गई है कि अब मानवजाति के साथ यह नहीं होंगी। मानव गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन इसके जिम्मेदार माने जा रहे -   

मलेशिया में आखिरी सुमात्राई गैंडा कैंसर के कारण नवंबर में खत्म हो गयी। यह क्षेत्रीय विलुप्ति हुई है। पर्यावास के लगातार हो रहे नुकसान व शिकार के चलते 80 से भी कम सुमात्राई गैंडे इंडोनेशिया के इर्द-गिर्द बचे हैं। मलेशिया में गैंडे की इस विलुप्ति पर बोर्नियो राइनो एलाइंस ने एक भावुक पत्र लिखा।

इस पत्र में लिखा गया कि प्रिय ईमान, बीते पांच वर्षों में दुनिया ने पांचवा सुमात्राई गैंडा खो दिया। और मलेशिया की यह आखिरी राइनो थी। तुम एक बेहद सौम्य आत्मा थी, जो हम सब के लिए आनंद और खुशी का पल लाई थी। हम इस वक्त एक बेहद दुखभरी घड़ी से गुजर रहे हैं लेकिन हम शुक्रगुजार हैं कि तुम अब और अधिक पीड़ा में नहीं हो। काश हम भी तुम्हारी तरह मजबूत हो और तुम्हारी प्रजाति को बचा पाएं। काश तुम्हारी तरह हिम्मत वाले हो पाएं जो कभी निराश न हो। आत्मा को शांति मिले, प्रिय लड़की। 

Photo : Wikimedia commons

मलेशिया में इस विलुप्ति को बेहद शर्मनाक करार दिया गया है।