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क्या आप जानते हैं कि कितने सौ साल पहले हुई थी पेटेंट की शुरुआत

स्वतंत्र भारत में पेटेंट कानून 1970 में लागू हुआ, लेकिन इससे कई सौ पहले पेटेंट की शुरुआत हो चुकी थी, जो किसी रोचक कहानी से कम नहीं है

By Bhagirath Srivas

On: Wednesday 05 February 2020
 

बौद्धिक संपदा के अधिकारों की रक्षा के लिए दुनियाभर के देशों में पेटेंट कानून लागू हैं। भारत में पेटेंट कानून की शुरुआत 1856 में ही हो गई थी। स्वतंत्र भारत में पेटेंट कानून 1970 में लागू हुआ जो कई संशोधनों के बाद वर्तमान में लागू है। पेटेंट कानून दुनिया के महत्वपूर्ण कानूनों में एक है। ऐसे में यह जानना दिलचस्प हो जाता है कि इस कानून की शुरुआत कैसे हुई। माना जाता है कि 1420 के दशक में वेनिस ने सबसे पहले कांच निर्माताओं को पेटेंट अधिकार दिए थे। हालांकि इस कानून आधिकारिक बीज 15वीं शताब्दी में इंग्लैंड में पड़े।

दरअसल, 1449 में इंग्लैंड के राजा हेनरी VI ने बेल्जियम के कांच निर्माता जॉन ऑफ उटिनम को एटॉन और किंग्स कॉलेज में रंगीन कांच लगाने और अपनी इस कला को दोनों संस्थानों में सिखाने के लिए अधिकृत किया था। इसके बदले में कांच निर्माता ने राजा से रंगीन कांच के निर्माण के लिए विशेष अधिकार की मांग की। उसका दावा था कि उसने इस प्रक्रिया का आविष्कार किया है। 3 अप्रैल 1449 को शाही आदेश के बाद कांच निर्माता को 20 साल के लिए यह अधिकार दे दिया गया। विश्व का यह पहला लिखित पेटेंट माना जाता है। इसके बाद इंग्लैंड में 100 साल से अधिक समय तक किसी को पेटेंट नहीं दिया गया। रानी एलिजाबेथ ने 1561 और 1590 के बीच ऐसे 50 अधिकार दिए। इसके बाद निर्माताओं ने साबुन, फिटकरी, चमड़े, कांच, चाकू, स्टार्च, आयरन, कागज जैसी वस्तुओं के निर्माण और बिक्री पर एकाधिकार प्राप्त कर लिया। उस समय पेटेंट देना शाही विशेषाधिकार था। बाद में इसमें विसंगतियां आ गईं। 17वीं शताब्दी में शाही दरबार में पेटेंट से संबंधित विवाद तेजी से बढ़ने लगे। 1602 में जज एडवर्ड कोक ने एक विवाद की सुनवाई के दौरान पहली बार पेटेंट को परिभाषित किया।

शुरुआत में इस तरह के पेटेंट का मकसद स्पष्ट नहीं था। सरकारें इसे आविष्कार और व्यापार को प्रोत्साहन देने के रूप में देखती थीं लेकिन उद्यमियों ने पेटेंट तंत्र का दुरुपयोग किया और केवल आर्थिक हित साधे। कुछ पेटेंट ऐसे निर्माण और व्यापार के लिए भी मिल गए जो नए नहीं थे। 17वीं शताब्दी में पेटेंट के प्रति लोगों में धीरे-धीरे असंतोष पनपने लगा। तब दबाव बढ़ने पर राजा जेम्स प्रथम ने पेटेंट और एकाधिकार को ही खत्म कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि एकाधिकार हमारे कानून के विपरीत है लेकिन उन्होंने एक महत्वपूर्ण अपवाद जोड़ दिया। उन्होंने नए आविष्कारों को पेटेंट देने की वकालत की।

1624 में इंग्लैंड में पेटेंट कानून बना जिसमें खोजकर्ता को 14 साल का पेटेंट दिया गया। इस कानून ने दुनिया में पेटेंट कानून की आधारशिला रखी। बाद में ब्रिटेन ने उत्तरी अमेरिका में अपने 13 उपनिवेशों पर भी कानून लागू कर दिया। स्वतंत्र अमेरिका भी इससे प्रभावित हुआ और 1790 में पेटेंट कानून बना दिया। अमेरिका के पहले कानून में 14 वर्षों के लिए पेटेंट दिया गया लेकिन 1836 में बने कानून में पेटेंट को 7 साल का अतिरिक्त विस्तार दे दिया गया। इस तरह पेटेंट कानून की नींव पड़ी।