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बाढ़

हिमाचल में दरक रहे हैं पहाड़ के पहाड़, 24 घंटे में 462 सड़कें बंद

चालू मानसून सीजन में हिमाचल में बादल फटने और भूस्खलन की 30 बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 30 से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं   

बाढ़

बादल फटने से सात महीनों में 26 बार हिमालयी राज्यों में मची तबाही, जलवायु परिवर्तन के साफ संकेत

2013 में विनाशकारी बादल फटने की घटना के बाद 5000 लोगों की जान चली गई थी। इसे देखेते हुए डॉप्टर वेदर रडार जैसी चेतावनी ...

तूफान

उत्तरी हिंद महासागर में खतरनाक ढंग से बढ़ रही है चक्रवाती तूफानों की तीव्रता : अध्ययन

अल नीनो वर्षों की तुलना में ला नीना वर्षों में तीव्र चक्रवातों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है

बाढ़

क्या है बिहार की सालाना बाढ़ का समाधान?

1979 से लेकर अब तक के उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से पिछले 43 वर्षों में एक भी ऐसा साल नहीं गुजरा, जब बिहार में ...

बाढ़

पहाड़ी दरकने की घटना में हिमाचल के किन्नौर में 9 पर्यटकों की मौत

चालू मानसून सीजन में 13 जून से 25 जुलाई के दौरान प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं में 186 जानें जा चुकी हैं

2021 में प्राकृतिक आपदाओं से हुआ 21 लाख करोड़ का नुकसान, 9,200 लोगों की गई जान

2021 में आई प्राकृतिक आपदाओं से जो नुकसान हुआ था, उसमें से 43 फीसदी यानी 8.9 लाख करोड़ रुपए का ही बीमा था जबकि बाकि का बोझ लोगों को खुद उठाना पड़ा था।

क्या सूखा था माया सभ्यता के पतन की वजह? वैज्ञानिकों ने उठाए सवाल

माया सभ्यता में भोजन के रुप में उपयोग हो सकने वाले पौधों की 497 प्रजातियां उपलब्ध थी, जिनमें से कुछ तो ऐसी हैं जो भीषण सूखे का सामना कर सकने के काबिल हैं

21वीं सदी में कहीं ज्यादा क्षेत्रों को अपनी जद में ले लेंगे उष्णकटिबंधीय चक्रवात

शोध के मुताबिक यह उष्णकटिबंधीय चक्रवात अपने संबंधित गोलार्धों में उत्तर और दक्षिण की ओर पलायन कर सकते हैं, जिसके लिए काफी हद तक जलवायु में आता बदलाव जिम्मेवार है 

प्राकृतिक आपदाओं का साल रहा 2021, पढ़ें- डाउन टू अर्थ की ये खास रपट

2021 के दौरान एक के बाद एक चक्रवाती तूफान, भारी बारिश से बाढ़, भूस्खलन की घटनाएं घटी

जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही है भीषण बारिश और चक्रवातों की संख्या, सरकार का जवाब

हाल के कुछ वर्षों में अरब सागर में आने वाले भीषण चक्रवाती तूफानों की आवृति में वृद्धि हुई है। साथ ही बंगाल की खाड़ी से जुड़े तटीय क्षेत्र भी अत्यधिक भीषण चक्रवात के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं

चक्रवात 'जवाद' के चलते इन इलाकों में हैं तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के आसार

आईएमडी ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 3 दिसंबर से 5 दिसंबर के दौरान दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी समेत इन इलाकों में न जाएं

चक्रवात 'जवाद' 4 दिसंबर को पहुंचेगा आंध्र और ओडिशा के तटों पर, भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि तूफान के चलते निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव हो सकता है

विनाशकारी चक्रवातों की संख्या हो सकती है दोगुनी, वैज्ञानिकों ने बताया कारण

शोध में पाया गया है कि आने वाले समय में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के टकराने की औसत तीव्रता में 2 मीटर प्रति सेकंड यानी की 6 फीसदी की वृद्धि होने के आसार हैं।