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- शून्य उत्सर्जन की उठापठक
- जग बीती : पृथ्वी को चढ़ता तेज बुखार
- हरियाणा में कोरोना वैक्सीन की निगरानी करेगी पुलिस, 1710 डोज जींद से हुई थी चोरी
- क्या धरती का अंत हैं जलवायु टिपिंग पॉइंटस
- बिहार: दो सरकारी अस्पतालों ने रेमडेसिवर पर उठाये सवाल, मरीजों पर प्रभावी होने के सबूत नहीं
- जंगल की आग से उठता धुआं आपके त्वचा में पैदा कर सकता है रोग : अध्ययन
- क्या रोमांच और मनोरजन के साथ-साथ पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी सही हैं ओलंपिक खेल?
- हरियाणा : ढाई करोड़ वाली आबादी पर महज 13 सरकारी वेंटिलेटर, निजी अस्पतालों के आगे घुटने टेक रहे लोग
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- “द चंपा मैन”: केबीसी विजेता सुशील कुमार की नई पहचान
- अगर ये चीजें खा रहे हैं आप तो हो सकते हैं मोटापा, बीपी, डायबिटीज के शिकार
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कब आएगा और कितना भयंकर होगा तूफान, पता लगाएगा यह मॉडल
वैज्ञानिकों की एक अंतर्राष्ट्रीय टीम ने इन प्राकृतिक घटनाओं के प्रभाव का बेहतर ढंग से पता लगाने के लिए एक नया मॉडल बनाया है
2030 तक वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन जाएगा जलवायु परिवर्तन: सैन्य विशेषज्ञ
सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, 2040 तक जबरिया विस्थापन और प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि होने की संभावना है
दुनिया भर में बढ़ रही है प्रवासियों की संख्या, भारतीय सबसे अव्वल: रिपोर्ट
वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2020 में कहा गया है कि हिंसक घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं के कारण लोग अपने घर छोड़ कर दूसरे स्थानों पर ...
मरुस्थल में बदल चुका है भारत का 30 फीसदी इलाका, 8 राज्यों में हालात बुरे
विश्व मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस: भारत के 21 जिलों में 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा मरुस्थल में तब्दील हो चुका है
वैज्ञानिकों ने बनाई नई प्रणाली, महीनों पहले दे देगी सूखे की चेतावनी
वैज्ञानिकों ने एक ऐसे पूर्वानुमान प्रणाली विकसित की है, जो महीनों पहले ही सूखे की चेतावनी देती है। यह प्रणाली उन करोड़ों किसानों के ...
भारत इस साल तोड़ेगा चक्रवातों का अपना रिकॉर्ड, 9 को नया चक्रवात
आंध्र प्रदेश और ओडिशा से टकराने वाला सातवां चक्रवात बुलबुल नौ नवंबर को आ रहा है, इसके साथ ही 2019 का यह 7वां चक्रवात होगा
बाढ़ के लिए कौन जिम्मेदार?
सूखे के बाद भीषण बाढ़ की चपेट में आए कई राज्य। बारिश नहीं बल्कि वायु प्रदूषण की वजह से मची है भारी तबाही
देश की आधी आबादी सूखे की चपेट में
आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर विमल मिश्रा ने बताया कि आगामी गर्मियों में लोगों को पीने के पानी की समस्या से भी जूझना पड़ सकता ...
कैग ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों पर उठाए गंभीर सवाल
पुनर्निर्माण से जुड़े बहुत से कार्य इसलिए शुरू नहीं हो सके, क्योंकि केंद्र से पैसा मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने वित्तीय या प्रशासनिक अनुमति ...
सूखे से 10 साल में कृषि को हुआ 2 लाख करोड़ रुपए का नुकसान: यूएनसीसीडी
यूएनसीसीडी ने अपने एक श्वेत पत्र में कहा है कि विकासशील देशों में कृषि क्षेत्र को होने वाले नुकसान की सबसे बड़ी वजह सूखा ...
बैठे-ठाले: आपदा के अपराधी
अचानक हाथीराम ने पानी कि ओर इशारा करते हुए कहा, “वह देखिए जनाब, वे रहे इस तबाही को अंजाम देने वाले मुख्य अपराधी”
चमोली त्रासदी : 'तपोवन बैराज के गेट बंद थे और गेटवॉल पर मौजूद 60 मजदूर मलबे में बह गए'
चमोली में 7 फरवरी, 2021 को तपोवन स्थित एनटीपीसी परियोजना पर आखिर क्या हुआ था और वहां के मजदूरों ने कैसे अपनों को त्रासदी का निवाला बनते हुए देखा, जानिए उन्हीं की जुबानी :
चमोली आपदा: चिपको आंदोलन की पीढ़ी बेबस होकर गांवों से करना चाहती है पलायन
चमोली त्रासदी के बाद चिपको आंदोलन की पीढ़ी इन दिनों पहाड़ जैसे दुखों का सामना कर रही है। उसे लग रहा है कि हिमालयी पहाड़ में परियोजनाओं की आमद ने उनकी जिंदगी को सबसे ज्यादा जोखिम में डाला है।
ताे केंद्र सरकार ने क्यों बंद किया सेंटर फॉर ग्लेशियोलॉजी सेंटर
चमोली आपदा के बाद उत्तराखंड में ग्लेशियोलॉजी सेंटर खोलने की मांग राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की है
चमोली आपदा: ऋषिगंगा नदी पर बनी झील से खतरा नहीं, केंद्र को दी जानकारी
केन्द्रीय गृह सचिव ने पानी का ज्यादा प्रवाह सुनिश्चित करने और कुछ बाधाओं हो हटाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की
चमोली आपदा: भूल, गलती और सबक
असल मुद्दा हिमालय के नाजुक क्षेत्र की वहन क्षमता जो जलवायु परिवर्तन के कारण और भी अधिक दबाव में है
बाढ़ के कारण सात दशक में एक लाख से ज्यादा मौतें, उत्तराखंड की स्थिति सबसे ज्यादा खराब
बाढ़ आपदा के कारण सर्वाधिक मृतकों की संख्या गंगा के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में है
चमोली आपदा: ऋषिगंगा में बनी झील से कितना हो सकता है नुकसान
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि ऋषि गंगा क्षेत्र में 400 मीटर लंबी झील बनने की आशंका है