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जानिए, क्या है वैश्विक भूख सूचकांक और क्यों पिछड़ रहा है भारत?

भारत में भूख के चिंताजनक पहलू पर रोशनी डालते वैश्विक भूख सूचकांक (ग्लोबल हंगर इंडेक्स) पर दस सवाल...

युवाओं में भी बढ़ रहा है कुपोषण का खतरा, जलवायु परिवर्तन है वजह

दैनिक तापमान में हर एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि, अस्पताल में कुपोषण के कारण भर्ती मरीजों की संख्या में 2.5 फीसदी की वृद्धि कर देती है

भारत में तीन में से दो बच्चों की मौत का कारण कुपोषण : सर्वे

राष्ट्रीय पोषाहार मिशन 2022 के लिए लक्ष्य तय किया गया है, लेकिन उसके बावजूद मामले बढ़ते जा रहे हैं 

गोदामों में जमा है बफर स्टॉक से दोगुना ज्यादा अनाज, खराब हुआ 1150 टन

31 जुलाई 2019 तक अनाज गोदामों में 711 मिलियन टन अनाज भरा हुआ था, जो तय नियमों से लगभग दोगुणा अधिक है 

भारत में मोटापा बढ़ रहा है, जबकि दुनिया में भूख पीड़ित बढ़ रहे हैं: अध्ययन

जैसे-जैसे दुनिया भर में लोग भूख से पीड़ित हो रहे हैं, भारत में लोग मोटे होते जा रहे हैं। साथ ही देश में कुपोषितों की संख्या घट रही है। 

भारत में भूख का स्तर गंभीर

12 अक्टूबर को जारी वैश्विक भूख सूचकांक बताता है कि देश में भूख और कुपोषण की समस्याएं व्यापक स्तर पर फैली हुई हैं। 

खाद्य सुरक्षा के साथ पोषण सुरक्षा भी जरूरी

गरीब बच्चों तक अन्न पहुंचाना उतना बड़ा मुद्दा नहीं है। लेकिन फिर सवाल उठता है कि आखिर बच्चे कुपोषित क्यों हैं?

अकाल में राजनीति

अकाल की राजनीति में उलझे एक आदर्शवादी प्रशासनिक अधिकारी के संघर्ष पर केंद्रित यूआर अनंतमूर्ति का उपन्यास ‘बारा’ आज भी बेहद प्रासंगिक है