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  • International Red Panda Day: How safe are India's Red Pandas?

  • Is India moving towards a mass surveillance state

गंगा

गंगा पुनरुद्धार के लिए 3000 करोड़ रुपए का ऋण देगा विश्वबैंक

इस 3,000 करोड़ रुपए में से 2,858 करोड़ रुपए ऋण के रूप में और 142 करोड़ रुपए प्रस्तावित गारंटी के रूप में होंगे। 

गंगा

लॉकडाउन में गंगा नदी स्वच्छ या अस्वच्छ : सीपीसीबी को तीन महीनों से नहीं मालूम

कृषि कार्यों में इस वक्त कटाई का सीजन है और पानी की जरूरत नहीं है।लगातार बारिश हुई है और जो भी पानी नदियों में ...

नदी घाटी परियोजनाएं

लॉकडाउन का फायदा उठा माफिया खोद रहे हैं नदियां

उत्तराखंड में सुदूर थराली से लेकर कोटद्वार और हल्द्वानी तक से इन दिनों नदियों में अवैध खनन के मामले में हाईकोर्ट ने रिपोर्ट तलब ...

गंगा

बूंद भर प्रदूषण की मनाही बावजूद घूंट भर पीने लायक नहीं गंगा  

एनजीटी ने कहा अब हमारे पास कठोर उपायों के सिवा कोई रास्ता नहीं। गंगा की स्वच्छता को धन उगाही या व्यावसायिक व औद्योगिक धंधे ...

गंगा

“गंगा नदी को नई गंगा बनते नहीं देख सकता”

जीडी अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि गंगा को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 10 अक्टूबर से वह पानी भी नहीं ...

सरदार सरोवर बांध से लाभ के दावे 35 साल में भी पूरे नहीं

नर्मदा घाटी परियोजना में 30 बड़े, 135 मझौले और 300 छोटे बांधों के निर्माण का सिलसिला आज भी नही थमा है

मध्यप्रदेश: पानी के बीच अनशन पर बैठी हैं पिछोड़ी गांव की महिलाएं

सरदार सरोवर बांध परियोजना के कारण डूब प्रभावित क्षेत्रों के 65 गांवों का अब तक पुनर्वास नहीं किया गया है

123 में से 24 जलाशयों में 100 फीसदी भरा पानी, बाढ़ का खतरा बढ़ा

चेतावनी दी गई है कि बांधों का संचालन नियम से नहीं किया गया तो कई इलाकों में बाढ़ आ सकती है

गंगा में दूषित सीवेज छोड़ने पर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार पर जुर्माना

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार पर अशोधित सीवरेज को गंगा में छोड़ने पर जुर्माना लगाया गया है

पर्यावरण प्रभाव आकलन का नया ड्राफ्ट जनविरोधी है: मेधा

पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) 2020 अधिसूचना के ड्राफ्ट पर मेधा पाटकर से विशेष बातचीत

पुरुषोत्तपत्तनम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए जरुरी है पर्यावरण मंजूरी: रिपोर्ट

समिति के अनुसार इस परियोजना का उपयोग सिंचाई के लिए भी किया जाना है, इसलिए पर्यावरण मंजूरी लेना जरुरी है 

मध्यप्रदेश में 55 हजार से अधिक ग्रामीणों पर विस्थापन का खतरा

जल विद्युत परियोजनाओं से विस्थापित हुए हजारों परिवारों का अब तक राज्य सरकार पुनर्वास नहीं कर पाई है