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  • Animals can feel an upcoming earthquake, says study

  • Visakhapatnam gas leak: LG Polymers neglected safety norms, finds govt probe

गंगा

गंगा पुनरुद्धार के लिए 3000 करोड़ रुपए का ऋण देगा विश्वबैंक

इस 3,000 करोड़ रुपए में से 2,858 करोड़ रुपए ऋण के रूप में और 142 करोड़ रुपए प्रस्तावित गारंटी के रूप में होंगे। 

गंगा

लॉकडाउन में गंगा नदी स्वच्छ या अस्वच्छ : सीपीसीबी को तीन महीनों से नहीं मालूम

कृषि कार्यों में इस वक्त कटाई का सीजन है और पानी की जरूरत नहीं है।लगातार बारिश हुई है और जो भी पानी नदियों में ...

नदी घाटी परियोजनाएं

लॉकडाउन का फायदा उठा माफिया खोद रहे हैं नदियां

उत्तराखंड में सुदूर थराली से लेकर कोटद्वार और हल्द्वानी तक से इन दिनों नदियों में अवैध खनन के मामले में हाईकोर्ट ने रिपोर्ट तलब ...

गंगा

बूंद भर प्रदूषण की मनाही बावजूद घूंट भर पीने लायक नहीं गंगा  

एनजीटी ने कहा अब हमारे पास कठोर उपायों के सिवा कोई रास्ता नहीं। गंगा की स्वच्छता को धन उगाही या व्यावसायिक व औद्योगिक धंधे ...

गंगा

“गंगा नदी को नई गंगा बनते नहीं देख सकता”

जीडी अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि गंगा को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 10 अक्टूबर से वह पानी भी नहीं ...

पर्यावरण प्रभाव आकलन का नया ड्राफ्ट जनविरोधी है: मेधा

पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) 2020 अधिसूचना के ड्राफ्ट पर मेधा पाटकर से विशेष बातचीत

पुरुषोत्तपत्तनम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए जरुरी है पर्यावरण मंजूरी: रिपोर्ट

समिति के अनुसार इस परियोजना का उपयोग सिंचाई के लिए भी किया जाना है, इसलिए पर्यावरण मंजूरी लेना जरुरी है 

मध्यप्रदेश में 55 हजार से अधिक ग्रामीणों पर विस्थापन का खतरा

जल विद्युत परियोजनाओं से विस्थापित हुए हजारों परिवारों का अब तक राज्य सरकार पुनर्वास नहीं कर पाई है

नदियों पर बढ़ते दबाव और जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहा है नुकसान

बाढ़ या सूखे के बार-बार होने और इनकी तीव्रता के संदर्भ में जलवायु परिवर्तन का बहुत बड़ा महत्व है

पंचेश्वर बांध: 87 गांव ही नहीं डूबेंगे, पेड़-पौधों व जीवों की कई प्रजातियां खत्म हो जाएंगी: रिपोर्ट

पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय व उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की “स्टेट ऑफ इनवायरमेंट रिपोर्ट ऑफ उत्तराखंड में पंचेश्वर बांध से होने वाले नुकसान का आकलन किया गया है

जलमार्गों पर पर्यावरण नियमों में संशोधन पड़ सकते हैं भारी

दो माह के दौरान फ्लाई ऐश से भरे पांच जहाज पश्चिम बंगाल की नदियों में डूबने के बाद सख्त पर्यावरण नियमों की जरूरत महसूस की जानी चाहिए