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Biodiversity

उत्तराखंड-हिमाचल की सीमा पर बनी आसन झील में विदेशी पक्षियों ने डाला डेरा

देहरादून से करीब 38 किलोमीटर आगे धालीपुर गांव के पास यमुना नदी और आसन नदी के पास बनी झील में हजारों विदेशी पक्षी अक्टूबर माह में ही पहुंच गए हैं, जो फरवरी तक यहां रहेंगे

Wildlife

एवियन बोट्यूलिज्म से ही हुई है सांभर झील में 18 हजार पक्षियों की मौतः रिपोर्ट

भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, बरेली की गुरूवार को आई रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि सांभर झील में 18,496 पक्षियों की मौ…

Wildlife

भारत में खरमोर की आबादी पर छाया संकट, पक्षी प्रेमी निराश

भारत में खरमोर नाम के खूबसूरत पक्षी केवल 264 ही बचे हैं, घटती संख्या को देखते हुए अब अजमेर में इनके संरक्षण का प्रयास किया जा रहा है

Wildlife

सांभर झील में पक्षियों की माैत का सिलसिला जारी, कारण स्पष्ट नहीं

राजस्थान की सांभर झील व उसके आसपास पक्षियों का शव मिलना लगातार जारी है। पक्षियों की मौत का कारण अब तक पुष्ट नहीं हो पाया है

Wildlife

कच्छ में भी प्रवासी पक्षियों की मौत, सांभर में एसडीआरएफ ने संभाली कमान

राजस्थान के सांभर झील के आसपास प्रवासी पक्षियों की मौत का सिलसिला थमा नहीं है। अब गुजरात के कच्छ इलाके में भी पक्षियों की मौत की खबर …

केंद्र ने खारिज की उत्तराखंड की डीम्ड फॉरेस्ट की परिभाषा

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को इस तरह की परिभाषाएं नहीं तय करनी चाहिए, जिससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना होती हो

छत्तीसगढ़ में वन अधिकार दावे वाली जमीन से बॉक्साइट खनन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक 

आदिवासियों के वन अधिकार वाली जगह पर बॉक्साइट खनन किया जा रहा है, जिस पर अदालत ने रोक लगा दी है 

वन्यजीवों के व्यवहार को जानना जरूरी, तब बच सकती है इंसानों की जान

उत्तराखंड में गुलदार का शिकार करने वाले लखपत रावत कहते हैं कि इंसान व जानवर दोनों को बचाना जरूरी है, लेकिन इसके लिए इंसानों का जागरूक होना जरूरी है

सांभर झील: पर्यटन विकास से बढ़ा पक्षियों के लिए खतरा

18 हजार से अधिक पक्षियों की मौत के लिए जिम्मेवार सांभर झील में लगातार पयर्टन विकास की योजनाएं चलाई जा रही हैं, इसका नुकसान पक्षियों को झेलना पड़ रहा है। 

एनजीटी की रोक के बाद भी अरावली में हो रहा है निर्माण

अरावली में 260 एकड़ जमीन सीआईएसएफ को बेची गई है, इसके बारे में पता चलते ही एनजीटी पर किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगा दी है 

पक्षी ही नहीं सांभर झील भी मर रही है अपनी मौत, 25 साल पहले लिखी थी पटकथा

17 हजार से अधिक प्रवासी पक्षियों की मौत के लिए जिम्मेवार सांभर झील में कम होते केचमेंट एरिया, अतिक्रमण, ब्राइन चोरी, दूषित पानी, टूरिज्म और निजी रिसॉर्ट पर सवाल नहीं उठ रहे हैं